Breaking

Sunday, March 17, 2019

संवैधानिक अधिकारों के साथ नारी,देश की संस्कृति,पर्यावरण और माता पिता-गुरुजनों का सम्मान नैतिक दायित्व

Women with constitutional rights, respect for the country's culture, the environment and the parents-the elders moral responsibility
फरीदाबाद(abtaknews.com) 17मार्च,2019;संवैधानिक अधिकारों के साथ साथ नारी शक्ति का सम्मान, देश की संस्कृति की रक्षा, पर्यावरण की रक्षा तथा माता पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करना भी प्रत्येक नागरिक के मूल दायित्व हैं। उक्त विचार फरीदाबाद में सेक्टर 14 स्थित डी ऐ वी पब्लिक में आयोजित अधिवक्ता परिषद् हरियाणा के प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने व्यक्त किये। पूरे हरियाणा प्रान्त से पधारे परिषद् के अधिकारीगण एवं सदस्यों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षित समाज होना बहुत जरुरी है और जहां शिक्षा पाने का अधिकार सभी को है वहीँ बच्चों को शिक्षित करना, उन्हें विद्यालय भेजना भी प्रत्येक माँ बाप की जिम्मेदारी है। अधिवक्ता परिषद् जैसे जिम्मेदार संस्था को इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि सबके साथ न्याय हो, किसी के साथ अन्याय न हो। 

इससे पूर्व कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त महाधिवक्ता श्रीमती ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि प्रत्येक अधिकार के साथ कर्तव्य भी जुड़े होते हैं। अपने अधिकारों का लाभ उठाने के लिए कर्तव्यों का निर्वहन भी अति आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि मानवाधिकार आयोग हरियाणा के चेयरमैन न्यायमूर्ति श्री एस के मित्तल ने कहा कि अधिवक्ताओं का दायित्व है किसी भी इंसान के मानव अधिकार का हनन न हो। सभी संवैधानिक अधिकारों व कर्तव्यों का निर्वहन साथ साथ हो। कार्यक्रम अध्यक्ष महाधिवक्ता, हरियाणा श्री बलदेव राज महाजन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि अपने व्यक्तिगत, सामाजिक एवं राष्ट्रीय कर्तव्यों का पालन करना हम सब की सांझा जिम्मेदारी है। अधिकारों व कर्तव्यों के निर्वहन के साथ साथ देश की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति की भी रक्षा हो, ऐसा चिंतन हम सब को करना चाहिए। 
परिषद् के अखिल भारतीय संगठन मंत्री अधि. जॉयदीप राय ने बताया कि अधिवक्ता परिषद् का कार्य अब कश्मीर घाटी सहित उतर पूर्व के भी सभी राज्यों में फैल चुका है। परिषद् के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अधि. पदमकांत द्विवेदी इस अवसर पर कहा कि परिषद् को चाहिए कि नए बने अधिवक्ताओं के साथ स्टडी सर्किल जैसे कार्यक्रम चलाकर उनका ज्ञानवर्धन करें, और उन्हें वकालत में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसकी चिंता करें। इस अवसर पर हरियाणा के प्रत्येक जिले से आये परिषद् के पदाधिकारियों ने अपने अपने जिले का गत वर्ष का वृत्त निवेदन रखा और भावी कार्यक्रमों की रुपरेखा प्रस्तुत की। 
दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। अधिवक्ता परिषद् फरीदाबाद के जिलाध्यक्ष अधि. पी. के. मित्तल ने मंच संचालन किया तथा परिषद् के प्रान्त अध्यक्ष अधि. रणवीर सिंह खरकाली ने आये हुए सभी मेहमानों का धन्यवाद किया।   इस अवसर पर परिषद् के महासचिव जीत सिंह भाटी, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह खर्ब, दीपक ठुकराल, आत्मप्रकाश सेतिया, गोपाल दत्त शर्मा, सुखवीर चौहान, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विवेक रावत, पूर्व प्रधान संजीव चौधरी, एन के गर्ग, जोगिन्दर चौहान, अश्वनी त्रिखा, श्रीमती रंजना शर्मा, शशि मिश्रा, ज्योति बत्रा, राजेंद्र गोयल, जिला टैक्स बार एसोसिएशन के प्रधान एस के भरद्वाज आदि सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित थे। 


No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages