Breaking

Wednesday, March 13, 2019

पलवल में मोदी के मंत्री गुर्जर बोले ''मेरा जनाजा भाजपा में ही निकलेगा'', लोकसभा चुनाव में भीतरघात का डर

K.P.GURJAR bjp leader faridabadपलवल,13 मार्च ( abtaknews.com)  मोदी के मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बोला कि मैं जब तक जीवन है भाजपा में ही रहूँगा। और मेरा जनाजा भी भाजपा में ही निकलेगा। मंत्री गुर्जर पंजाबी धर्मशाला पलवल में पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल के हेफेड का चैयरमेन बनने पर आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे।  केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने केंद्र और प्रदेश सरकार के विकास कार्यों की दमदार तारीफ करते करते हुए खूब प्रशंशा की। लोकसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। भावी प्रत्याशी रूठों को मनाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। लिहाजा केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को भीतरघात का खामियाजा डरा रहा है। उन्हें लगता है कहीं पार्टी के नेता ही उनके साथ भीतरघात ना कर दें। दल बदलने में माहिर में माहिर सुभाष कत्याल --सुभाष कत्याल बरसों तक इनेलो में रहे। कत्याल ने पहला चुनाव वर्ष 1982 में पलवल से निर्दलीय लड़ा और दूसरे नंबर पर रहे। वर्ष 1987 में लोकदल-भाजपा गठबंधन से चुनाव लड़े और कांग्रेस प्रत्याशी को हराया। कत्याल चौधरी देवीलाल, बनारसी दास गुप्ता, मा. हुकम सिंह व ओमप्रकाश चौटाला के मंत्रिमंडल में भी मंत्री रहे। वर्ष 2002 में चौटाला ने उन्हें हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग का सदस्य और हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का चेयरमैन बनाया। उन्होंने बताया कि पार्टी में काम करते हुए करीब 40 साल का समय बीता चुके थे। लोकसभा व विधानसभा की टिकटों के दौरान भी उन्हें नहीं पूछा गया।  इसके बावजूद सुभाष कत्याल ने वर्ष 2014 के चुनाव से पहले ही इनेलो छोड़ दी थी। उसके बाद कई पार्टियों में आया राम, गया राम की स्थिति रही। दल बदलने में माहिर हो चुके पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल को प्रदेश भाजपा सरकार ने हेफेड का चैयरमेन नियुक्त किया है जिसके कारण वह बेहद प्रफुल्लित है और खुद को भाजपा का भावी विधायक बताने से जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं जबकि वह भाजपा में केवल मात्र छ माह पूर्व ही शामिल हुए हैं। दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में फरीदाबाद सीट से सांसद और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री का ओहदा रखने वाले कृष्णपाल को अपनी टिकेट कटने का अंदेशा लग रहा है तभी तो वह कह रहे हैं मेंरा जनाजा निकलेगा तो बस भाजपा से ही निकलेगा। गौरतलब है कृष्णपाल गुर्जर ने पिछला लोकसभा चुनाव (2014) भारी मतों के अंतर से कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार अवतार सिंह भडाना को हराया था।  उस चुनाव के दौरान तत्कालीन कांग्रेस पार्टी सांसद अवतार सिंह भडाना तथा पलवल के कोंग्रेस पार्टी विधायक करन सिंह दलाल की आपसी लड़ाई भी जग जाहिर थी। सभी जानते है की करन दलाल अपनी पार्टी के फरीदाबाद सीट से लोकसभा प्रत्याशी अवतार सिंह भडाना की चुनावी मदद ना करके भाजपा प्रत्याशी कृष्णपाल गुर्जर की मदद की थी  यह बात उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार की थी। जिसका कर्ज  कृष्णपाल गुर्जर ने प्रदेश विधानसभा चुनाव आम चुनाव में चुकाते हुए अपनी पार्टी के पलवल के भाजपा प्रत्याशी दीपक मंगला की मदद ना करके अपने  राजनैतिक मित्र करन सिंह दलाल की पुरजोर मदद की थी जिसका खामियाजना प्रदेश भाजपा को पलवल की सीट गंवा कर भुगतना पडा  था। हालांकि दीपक मंगला और कृष्णपाल गुर्जर दोनों ने अपने अंदर की घात और ज्वाला को दबाकर रखते हुए पूरे साढ़े चार साल बराबर मंच साझा किये और किसी तरह का गिला सिकवा और पछतावा जाहिर नहीं  किया था।  लेकिन जब एक बार फिर से चुनाव सिर पर आ खड़े हुए हैं तो पिछले दर्द -कटुता और भीतरघात अंदर ही अंदर मनों को साल रही है।  माना जा रहा है की कृष्णपाल गुर्जर पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल को बढ़ावा देकर दीपक मंगला के मुकाबले कमजोर भाजपा प्रत्याशी खड़ा करके एक बार फिर अपने पुराने दोस्त करण दलाल की जीत को आसान करना चाहते  हैं। क्योंकि प्रदेश के मुख्य मंत्री मनोहरलाल खट्टर के राजनीतिक  सचिव के तौर पर दीपक मंगला की पकड़ और पहचान पूरे प्रदेश में हो चुकी है।  दीपक मंगला ने न केवल पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर भाजपा से रथ को आगे बढाने का काम किया  है।  
पलवल में भी सप्ताह के कम से कम दो दिन देकर लोगों के साथ मेल-जोल बनाकर रखा है।  साथ ही भाजपा के वर्तमान शाशनकाल में पलवल में करोड़ों रूपये की परियोजनाएं और विकाश कार्यों की नींव रखी गई गई। पलवल के दुधौला स्थित विश्वकर्मा कौशल विकाश यूनिवर्सिटी ने पलवल का नाम पूरे देश में बढाने का काम किया है वहीं इस यूनिवर्सिटी के कारण आने वाले समय में पलवल ही  नहीं  फरीदाबाद और गुरुग्राम लोकसभा सहित दिल्ली एनसीआर के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने में कारगर सिद्ध  होगी।  जिसके कारण इस क्षेत्र के विकास में चार चाँद अवश्य लगेंगे जो भाजपा और कहीं न कहीं दीपक मंगला जैसे राजनेताओं के लिए वरदान साबित  होगी। इसके अतिरिक्त पलवल जिले में कराए गये विकास कार्यों को देखते हुए भी लोगों की चाहत भाजपा के प्रति बढ़ी  है।  पिछले विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की नीति और भृष्टाचार से प्रदेश की जनता आजिज आ कर भाजपा के प्रत्याशी को दिल खोलकर वोट देते हुए बावन हजार से अधिक मत प्रदान किये  थे। लोगों के अनुसार फरीदाबाद सीट से भाजपा सांसद बन चुके कृष्णपाल गुर्जर की भीतरघात नहीं होती तो दीपक मंगला करन दलाल के हाथों कदाचित भी पराजित  नहीं  होता और अच्छे मार्जन के साथ पलवल की सीट भाजपा की झोली में  होती। अब लोकसभा चुनावों की तिथियाँ तय हो चुकी है छठे चरण में आगामी 12 मई को हरियाणा प्रदेश में भी लोकसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश के एक भी उम्मीदवार का नाम अभी तक सामने  नहीं आया है जो लोकसभा चुनाव लड़ेगा। फरीदाबाद लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी का सफाया करने वाले कृष्णपाल गुर्जर को भाजपा के शीर्ष नेत्रत्व ने केंद्र में राज्य मंत्री पद देकर सम्मान देने का काम किया है। कृष्णपाल गुर्जर ने भी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए पैसे देने में कोई कोर-कसर नहीं  छोड़ी है फिर भी पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ही पार्टी के उम्मीदवार के साथ हुई गद्दारी उन्हें अंदर ही अंदर साल रही है।  जिसकी काट के लिए भी वह चाहते हैं पार्टी इस बार पलवल विधान सभा सीट से दीपक मंगला को टिकट न देकर पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल अथवा किसी और को दे-दे। 
 राजनैतिक पंडितों का मानना है की दीपक मंगला को कमजोर करने के लिए पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल को हेफेड जैसे महत्वपूर्ण फेडेरशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।  जिससे पलवल में दीपक मंगला का कद कुछ कम होने से वोटों पर प्रभाव भी कम हो जाएगा। ऐसे में वह (दीपक मंगला) चाहकर भी कृष्णपाल गुर्जर से बदला ले भी तो ज्यादा नुकसान नहीं  कर पाएगा।  लेकिन फरीदाबाद सीट पर भारी मतों से जीत हांसिल कर लेने वाले कृष्णपाल गुर्जर को एक बार फिर से फरीदाबाद सीट से लोकसभा की टिकेट मिलने में संशय है जिसकी वजह से कृष्णपाल गुर्जर को हेफेड के नवनियुक्त चैयरमैन सुभाष कत्याल से स्वागत समारोह में भारी मन और रुंधे हुए गले से यह नहीं  कहना पड़ता की मेरा जनाजा भाजपा में रहते ही उठेगा। जब तक जीवन है भाजपा में ही रहूँगा। अब देखना होगा की फरीदाबाद लोक सभा सीट किस पाले  में जाती है कौन किसकी मदद करेगा।  

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages