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Saturday, March 23, 2019

ई सिगरेट पर प्रतिबंध जारी रखने के लिए 1000 से अधिक डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

नईदिल्ली/फरीदाबाद(abtaknews.com) 23 मार्च,2019; भारत के 24 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के 1000 से अधिक चिकित्सकों नेे इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएसपर प्रतिबंध लगाने के लि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। जिसमें ईएनडीएस -सिगरेट-हुक्का आदि भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में इन डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बहुत जरूरी है कि युवाओं के बीच ईएनडीएस हामारी बन कर फैल जाएइससे पहले इस पर रोक लगाई जाए। पत्र पर स्ताक्षर करने वाले ये 1061 डॉक्टर इस बात से बेहद चिंतित हैं कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य मामले परव्यापार और उद्योग संगठन -सिगरेट के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दे रहे हैं।
-सिगरेट को -सिगवेप्स-हुक्कावेप पेन भी कहा जाता हैजो इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएसहैं। कुछ -सिगरेट नियमित सिगरेटसिगार या पाइप जैसे दिखते हैं। कुछ यूएसबी फ्लैश ड्राइवपेन और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की तरह दिखते हैं। जो युवाओ को बेहद कर्षित करने वाले होते है।
डॉक्टर के समूह ने 30 संगठनों द्वारा आईटी मंत्रालय को लिखे गए एक पत्र पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य का मामला है और इसलिए से खतरे में डालकर व्यावसायिक हितों की रक्षा नहीं की जानी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के 30 संगठनों ने इंटरनेट पर ईएनडीएस के प्रचार पर प्रतिबंध  लगाने के लि आईटी मंत्रालय को लिखा था।
उल्लेखनीय है कि 28 अगस्त, 2018 को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यूने सभी राज्यों और केन्द्र शासि प्रदेशों को ईएनडीएस पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक परामर्शिका जारी की थी। इस साल मार्च में एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा नियुक्त स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक पैनल ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमें ईएनडीएस पर 251 शोध अध्ययनों का विश्लेषण किया गया। पैनल ने निष्कर्ष निकाला कि ईएनडीएस किसी भी अन्य तंबाकू उत्पाद जितना ही खराब है और निश्चित रू से असुरक्षित है।
टाटा मेमोरियल अस्पताल के उप निदेशक एंव हैड नेक कैंसर सर्जन डॉपंकज चतुर्वेदी ने कहा,  यह को अतिश्योक्ति नहीं होगी कि निकोटीन को जहर माना जाए। यह दुखः है कि ईएनडीएस लॉबी ने डॉक्टरों के एक समूह को लामबंद किया हैजो ईएनडीएस उद्योग के अनुरूप भ्रामकविकृत जानकारी साझा कर रहे हैं। मैं भारत सरकार की सराहना करता हूं कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा के अपने लक्ष्य के अनुरूपइसने निकोटीन वितरण उपकरणों (ईएनडीएसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार को अब यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह कमजेार  हो 
डॉचतुर्वेदी ने कहा कि  सिगरेट को सुरक्षित किसी भी पदार् की तरह से प्रचारित नही किया जाना चाहिए। एकमात्र तरीका पूरी तरह से धूम्रपान छोड़ना है और किसी भी तंबाकू उत्पाद का उपयोग शुरू नहीं करना है। तंबाकू कंपनियां चाहती हैं कि नई पीढ़ी निकोटीन और धूम्रपान के प्रति आकर्षित हो और वह इसकी लत की शिकार बनी रहे।
वायॅस आॅफ टोबेको विक्टिम के इस अभियान से जुड़े डाक्टरेां के नेटवर्क जिन्होने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है कि ‘‘ वे चिंतित है कुछ डाक्टर का वर्ग ही ईएनडीएस लाबी से बेहद प्रभावित हो रहे है। ’’ कुछ निहित स्वार्थ वाले डाक्टर अत्यधिक सम्मानित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संघों की रिपोर्ट को गलत संदर्भ में ले रहे हैं। उदाहरण के लिएवे कहते हैं कि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचएने कहा है कि -सिगरेट नुकसान को कम करने का एक अवसर हैजबकि एएचए ने स्पष्ट रूप से हा है कि -सिगरेट में खतरनाक त्यधिक नशे की लत वाली रसायनके साथ ही विषाक्त पदार्थधातु  संदूषक भी हैं। केवल उपयोगकर्ता ही नहीं बल्कि आसपास के गैर-उपयोगकर्ता भी वेपिंग के माध्यम से

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