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Tuesday, February 5, 2019

सूरजकुंड मेले में आएं, आर्गेनिक उत्पादों की जानकारी पाएं. मेले में डांस की मस्ती



फरीदाबाद, 05 फरवरी(abtaknews.com)आज भागदौड़ व तनाव भरी जीवनशैली में स्वस्थ रहने के लिए सही खानपान का चयन बहुत जरूरी है। सूरजकुंड मेले में राष्टï्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा समर्थित स्टाल नंबर 614 विशेष पहचान बनाए हुए है। मेले में स्टाल के मालिक द्वारा आर्गेनिक फसल सब्जियां व उत्पादों से जुड़ी जानकारी के अलावा और पर्यटकों को आर्गेनिक सब्जी व फलों तथा उनसे निर्मित मसाले जैसे मिर्च, हल्दी, धनियां आदि की उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 
गऊ भूमि जैविक खलियान समूह पलवल जिला के गांव कुलेनावासी बलराम ने बताया कि ऑर्गेनिक फूड कैमिकल फ्री होते है और किसी तरह के पेस्टिसाइड्स या रसायनिक खाद का इस्तिमाल नहीं किया जाता। फल व सब्जियों की उपज के दौरान आकार बढ़ाने या वक्त से पहले पकाने के लिए किसी तरह के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक मसालों गंध नार्मल मसालों की तुलना मं तेज होती है और ये हमारे शरीर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते। 
उन्होंने बताया कि शुद्व शहद, हर्बल शॉप, तुलसी ड्रोप्र एलोवीरा, आंवला पर्यटकों को बहुत पसंद आ रहे है और वे ऑर्गेंनिक उत्पादों के महत्व को लेकर काफी उत्साहित है। इसके अलावा गो मूत्र से बनी मच्छर भगाने वाली दवा व शौचालय सफाई के बना लीक्वेड की ज्यादा मांग है।
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घर की दीवारों की शान बढाएं, कुछ खास बनाए दामोकर पेटिंग

फरीदाबाद, 05 फरवरी। 33 वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में बड़ी चौपाल के साथ लगती महाराष्टï्र की दामोलकर पेटिंग स्टाल पर रूकते ही घर की सजावट के लिए धार्मिक या कुछ अलग सी पेटिंग तस्वीर लेने का मन करता है। विशेष प्रकार के फ्रेम तथा रंगो से निर्मित ये तस्वीरें हर किसी को लुभा रही हैं। 
महाराष्टï्र के सिहादूर्ण जिले के सोवेश ने बताया कि अंतरराष्टï्रीय सूरजकुंड मेले के माध्यम से उन्हे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में पहचान मिली है। मेले में आने वाले पर्यटकों को यह तस्वीरें इस कदर पसंद आती है कि मेले के बाद भी वो फोन पर आर्डर देकर कोरियर के माध्यम से तस्वीरें मंगवाते हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले दस सालों से सूरजकुंड मेले का हिस्सा बने हुए हैं और हर साल अच्छी ब्रिकी भी हो जाती है। उन्होंने बताया कि उनके पास दो रूपये से लेकर पांच हजार तक की तस्वीरें है जिनमे नचूरल व दौड़ते घोड़े की तस्वीरों की विशेष मांग रहती है। इसके अलावा अनेक धार्मिक व वास्तुशास्त्र से जुड़ी तस्वीरे भी पसंद की जा रहे हैं।
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यह शादी का डांस नहीं जनाब सूरजकुंड मेले की मस्ती है

फरीदाबाद, 05 फरवरी।  ये शादी का डांस नहीं साहब, मेले में आए पर्यटकों की मस्ती का आलम है। अरावली की पहाडिय़ों में चल रहे 33 वें अंतरराष्टï्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला पूरे शबाब पर है और मेले का जादू इस कदर छाया है कि यहां आने वाले युवा व बच्चे थकावट के बावजूद थिरकने से नहीं कतराते। मेले में कोई बीन की धुन पर तो कोई ढोल की थाप में नृत्य कर रहा हैं। नाचते गाते देसी विदेशी पर्यटक सूरजकुंड मेले को और भी भव्य रूप दे रहें हैं। प्रदेश की परम्परागत कलाओं के रंगों व फिल्मी धुनों पर स्कूली छात्रों ने जमकर मस्ती की। फरीदाबाद जिले के तिलपात गांव के रहने वाले पालीनाथ बीन पार्टी व राजस्थानी ढोल ताशे के कलाकार रणधीर ने बताया कि मेले में पहुंच रहे पर्यटकों की दिवानगी देख कर उन्हे थकावट महसूस नहीं होती बल्कि वे खुद भी बच्चों के साथ डांस करने लगते हैं।राजस्थान के रणधीर ने बताया कि पर्यटकों की मस्ती उनकी टीम में और भी जोश भर देती है। जिसकारण वे सारा दिन ढोल ताशे को बजाते बजाते नहीं थकते।
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बड़ी चौपाल पर एक सोच के मंचन ने किया सोचने पर मजबूर
टूयनिशया, अर्जनटीना, साउथ सूडान, सैलिस सांगा, इजिप्ट, जिम्बावबे, वरूंडी के कलाकारों ने खूबसूरत प्रस्तुति से पर्यटकों को किया निहाल
फरीदाबाद, 05 फरवरी। 33 वें अंतरराष्टï्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले की बड़ी चौपाल में देश विदेश परमपरागत गीत संगीत के मनारेजन के साथ साथ पर्यटकों को व्यंगता नाटक तथा समूह नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों से सामाजिक दायित्व के प्रति नैतिक कर्तव्य निभाने का संदेश भी दिया जा रहा है। एक के बाद एक मनोरजंन व दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति से पर्यटक दिनभर संगीत के सूत्र में बंधे रहे। मंगलवार को मानव रचना इंटर नैशनल युनिवर्सिटी छात्र छात्राओं ने क्या होता है मां बाप का प्यार तथा क्यों नहीं पढ़ सकती बेटी थीम पर समूह नृत्य का मंचन किया। दमदार मंचन के भाव में पर्यटक इस कदर बहे कि सबको सोचने पर विवश कर दिया। 
टयूनिशया के कलाकारों द्वारा उनके देश में खुशी व खास अवसरों पर बजाए जाने वाले परम्परागत गीत व संगीत की प्रस्तुति को पर्यटकों ने खूब सराहा। अर्जनटीना के टोंगो ग्रुप द्वारा फुटबाल सॉग से लोगों की तालिया बटोरी। इसके उपरांत महाराष्टï्र की संस्कृति में रचे बसे कोकन व पालकी नृत्य ने सबकों तालियां बजाने पर विवश कर दिया। साउथ सुडान, सैलिस सांगा, वरूंडी का ड्रम डांस, जिम्बावबे का कुबां नृत्य तथा इजिप्ट, अंबाला के मिर्जा जट सहित दर्जनों कार्यक्रमों ने बड़ी चौपाल पर दिनभर समां बाधे रखा। 
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सूरजकुंड(फरीदाबाद), 05 फरवरी। 33वें अंतर्राष्टï्रीय सूरजकुंड हस्त शिल्प मेले में वीआईपी लोगों का आगमन लगातार बढता जा रही। इसी कडी में मंगलवार को सूरजकुंड मेले में केन्द्रीय कृषि मंत्रालय से उपेन्द्र राणा, डीजीपी हरियाणा की पत्नी दीपा सिंह, मैनेजिंग डारेक्टर एचटीसी अजयपाल, बीएसएनएल हरियाणा की सीजीएम पाण्डेय, एनडीसी ब्रिगेडियर रीता संजय मित्रा, सीनियर परोड्यूसर धनजीव कुमार, मध्यप्रदेश प्रदेश के पर्यटन विभाग के ईडी ओवी चौधरी, गुरूग्राम की एडीजे सीमा सिंगला, सेना के अधिकारी वीपिन रावत, दिल्ली के सांसद के पीए अर्जुन सिंह ने अपने परिजनों सहित मेले का लुफ्त उठाया। 
इसी प्रकार गत दिवस सदस्य राज्य सभा रामकुमार कश्यप, हरियाणा की सीएलपी लीडर किरण चौधरी, सचिव हरियाणा सरकार धनपत ङ्क्षसह, रिटायर्ड आईएएस छत्तर सिंह, रिटायर्ड आईएस पूनम चौधरी, रिटायर्ड आईएएस जावेद ऊष्मानी, डीजीपी सीआरपीएफ का परिवार, एडीजे गुरूग्राम सरूचि अटेजा, हेंडीक्राफ्त के डीसी संतमानु का परिवार, सीजीएम रोहतक शुरीति, एडीजीपी हरियाणा शत्रुजीत कपूर की पत्नी, केन्द्र सरकार बाल लेबर विभाग से योता सिंह ने अपने परिजनों सहित मेले में पहुंचकर विदेशी व देशी हस्त शिल्प डिजाइनों की बारिकी से जांच करके उनके बारे में विस्तृत जानकारी ली।
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फरीदाबाद, 05 फरवरी। उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिला में राष्टï्रीय व अंतरराष्टï्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त टूर्नामेंटों के प्रतिभागी खिलाडिय़ो की नकद राशि के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिन खिलाडियों ने अपने आवेदन जमा करवाने हैं, वह आगामी 12 फरवरी तक जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के कार्यालय सेक्टर-12 में जमा करवाएं। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग ने वर्ष 2016- 17 वर्ष 2017-2018, वर्ष 2018-19 के तहत एक अप्रैल  2018 से 31 मार्च 2019 तक नगद इनाम के आवेदन पत्र मांगे गए है। प्रदेश की खेल नीति के अंतर्गत निर्धारित खेलों में राष्टï्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त टूर्नामेंन्टों में भाग लेने वाले खिलाडय़िों इनमें सब जूनियर ,जूनियर, सीनियर खिलाडय़िो भी अपनी- अपनी उपलब्धियां भरकर पिछले 3 वर्षों तक नगद इनामो के लिए आवेदन जमा करवाए। अंतिम तिथि के बाद आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।उन्होंने बताया  कि  खिलाड़ी आवेदन पत्र स्थानीय सेक्टर- 12 के जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम कार्यालय में प्राप्त कर सकते हैं।इसके  अलावा विभाग की वेबसाइट WWW.haryanasports.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि राष्टï्रीय व अंतरराष्टï्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट में भाग लेने वाले प्रतिभागी खिलाड़ी एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च  2017 तक सब जूनियर, जूनियर वर्ग में जिन खिलाडय़िों ने आवेदन नहीं किए हैं, वह इस वर्ष की उपलब्धियों के साथ फार्म भर सकते हैं।

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