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Thursday, February 14, 2019

नीदरलैंड से आए सरदार प्रेमजीत सिंह द्वारा हाथ से बनी चित्रकारी, ऑयल पेंटिंग की खूब हो रही चर्चा

The hand-made painting by Sardar Premjit Singh, who came from the Netherlands, and a lot of discussion of oil painting
सूरजकुंड (फरीदाबाद),14 फरवरी(abtaknews.com)अगर आप हाथ से बनी चित्रकारी, ऑयल पेंटिंग के दिवाने हैं तो 33वें अतर्राष्टï्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में नीदरलैंड से आए सरदार पे्रमजीत सिंह व उनकी धर्मपत्नी रूपिन्द्र कौर के स्टॉल नम्बर 944 पर जाना न भूलें। जहां आपको हाथ से निर्मित कलाकृतियां, ऑयल पेंटिंग्स, हाथ से बुने हुए चित्र फ्रेम व अन्य ऐसी सैकड़ों चीजें मील जाएंगी। जिससे आपके सपनों का घर सजाया जा सके। स्टॉल पर नीदरलैंड में फ्रिज चुम्बक नाम से प्रसिद्घ छोटी-छोटी कलाकृतियां भी उपलब्ध है। जिनसे आपके दरवाजे, खिडक़ी, गाड़ी को सजाया जा सकता है।  
स्टॉल संचालक प्रेमजीत सिंह ने बताया कि वे मूल रूप से पंजाब के निवासी है परंतु पिछले 30 वर्ष से नीदरलैंड में परिवार के साथ रहते हुए यह कारोबार चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने देश को न भूलते हुए समय-समय पर विभिन्न राज्यों लगने वाले राज्य स्तरीय मेलों में अपनी कला का प्रदर्शन करते आ रहे है परंतु सूरजकुंड मेले में वे पहली बार आए हैं जहां उन्हें दर्शकों व ग्राहकों की काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। मेले में भाग लेने पर मेले के नोडल अधिकारी व पर्यटन विभाग के एडीएम राजेश जून ने प्रेमजीत सिंह को प्रसस्ति पत्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। 
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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 14 फरवरी। 33वें अतर्राष्टï्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में एक से बढकर जाने माने कलाकार पहुंच रहे हैं। मूल रूप से फरीदाबाद निवासी रोहताश बीन वादक भी इन्हीं मे से एक कलाकार है। जिन्हें देखने व सुनने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह नजर आ रहा है और उनकी धुन सुनते ही युवाओं के पैर अपने आप की थिरकने लगते हैं। सपेरा समुदाय से संबंध रखने वाले रोहताश बीन बजाने के हूनर में इतने पारंगत है कि चीन में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लगातार दस घण्टे बीन बजाकर गिनीज बुक में अपना नाम शुमार कर लिया। इससे पहले ये दिल्ली में हुए कॉम्रवेल्थ खेलों में भी अपनी बीन वाधन का जलवा बिखेर चुके हैं। 
वे बीन बजाने के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्घ हो चुके है कि उन्होंने हिन्दी फिल्मों के सुपरस्टार धर्मेन्द्र, हेमा मालिनी, आमीर खान जैसे अभिनेताओं की फिल्मों तुम मेरे हो, रजिया सुलतान, करतब आदि अनेक फिल्मों में कार्य किया है। बीन वादक रोहताश ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब अनेक प्रकार के जानवरों को पालने के लाईसेंस सरकार जारी कर सकती है तो उन्हें भी एक सांप के लिए लाईसेंस दिया जाए ताकि वे नाथ संप्रदाय की इस प्राचीन संस्कृतिक को जीवित रख सके।

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 14 फरवरी। शीशे में हाथों की गई नक्कासी से बने तुर्की देश के खूबसुरत लैंपों को देखने अथवा खरीदने के इच्छुक हैं तो स्टॉल नम्बर 956 का दौरा करना न भूलें। इन लैंपों की खासियत है कि वे शीशे से बने है और उनपर हाथ से जबरदस्त चित्रकारी की गई है, जो तुर्की की विशेषता है। अमूमन इस क्वालिटी के घर के सजावटी लैंप आपको किसी भी बाजार में जल्द नहीं मिलेंगे। 33वें अतर्राष्टï्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में लगे इस तुर्की के स्टॉल पर दुभाषिये की भूमिका अदा कर रही फरीदाबाद निवासी ज्योति ने बताया कि यहां से हाथ की दस्तकारी किए हुए सेरेमिक लैंप, प्लेट, कटोरे सहित अनेक गिफ्ट आईटम आप खरीद सकते है जिन्हें किसी को विशेष मौके पर भेंट किया जा सकता है। इस स्टॉल पर रखे गए सामान की कीमत एक हजार से लेकर 25 हजार तक रखी गई है। इससे पूर्व मेले में इस स्टॉल के संचालक हकान करपूज को बेस्ट स्टॉल का अवार्ड मिल चुका है। 

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 14 फरवरी। 33वें अतर्राष्टï्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में  स्थापित फूड कोर्ट व बड़ी चौपाल में होटल प्रबंधन संस्थान फरीदाबाद के सैकड़ों छात्र अपनी पढाई पूरी करने के साथ-साथ मेले में आने वाले पर्यटकों को भव्य तरीके से भोजन व अन्य खाने पीने का सामान परोस रहे हैं। संस्थान के प्राध्यापक विकास देशवाल ने बताया कि प्राचार्य अतुल शुक्ला की देखरेख में यहां पिछले 28 साल से संस्थान के 100 से अधिक छात्र व दस फैसेलिटी विभिन्न शिफ्टों में बहुत ही कम दामों में मेले में आने वाले पर्यटकों को भोजन व खाद्य सामग्री परोस रहे हैं। उनके खाद्य स्टॉल में तंदूरी कुल्चा, दाल मख्नी, पालक पनीर, मिस्सी रोटी, आलू टिक्की, गूलाब जामुन व जलेबी उपलब्ध है। जिन्हें हमारे संस्थान के छात्र तुरंत अपने हाथों से बनाकर परोसते हैं। उन्होंने बताया कि वे हर रोज लगभग दो हजार से अधिक लोगों को अपने स्टॉल पर खाना परोस रहे हैं।
 

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