Monday, January 21, 2019

परमाणु ऊर्जा से मिटेगा अन्धकार, विकिरण से आम जन को बहुत कम खतरा : संदीप पाल

Dark energy will diminish from darkness, radiation may lead to very low risk: Sandeep Pal
हिसार(abtaknews.com) 21 जनवरी,2019; वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अपार सम्भावना होने के बावजूद  देश के 20 में 25 प्रतिशत लोग आज भी अन्धकार में रहने को विवश है।  तमाम राज्यों के कई क्षे़त्रों के निवासियों को आज भी 24 धंटे विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं हो सकी है।  बिजली की समस्या से देश के लोग कैसे निजात दिलाई जाए। इस  उदेश्य से (भारत सरकार  के उपक्रम) न्यूक्लियर पावर कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड व विज्ञान प्रसार मंत्रालय भारत सरकार ( विज्ञान क्लब ) से संबद्ध संस्था ( साथी ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी )
द्वारा (ऊर्जा का नया स्रोत क्या हो सकता है) देश व्यापी जनजागरूकता कार्यक्रम उत्तर प्रदेश  मध्यप्रदेश राजस्थान व हरियाणा समेत अन्य राज्यों में चलाया जा रहा है। संस्था साथी ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी इस जागरूकता अभियान में एनपीसीआईएल का निःशुल्क सहयोग कर रही है।इसी के तहत हरियाणा के जगन्नाथ आर्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हिसार में परमाणु ऊर्जा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजन किया गया।कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक प्राचार्या गीता, व वरिष्ठ अध्यापिका राजेन्द्र कौर समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों भाग लिया।
इस दौरान कार्यक्रम संचालक संदीप पाल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोग को परमाणु ऊर्जा से होने वाले लाभ से अवगत   कराते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा से मिटेगा अन्धकार और 1000 वर्ष तक होगी विघुत आपूर्ति तथा परमाणु ऊर्जा संयंत्र से निकलने वाले विकरण के भय को दूर करने का प्रयास किया।संदीप ने कहा कि विकिरण प्राकृतिक रूप में ब्रह्माण्ड के जन्म से मौजूद है. पृथ्वी पर मौजूद प्रकार के जीव लाखों वर्षों से प्राकृतिक  विकिरण के साथ ही विकसित हुए हैं. इस विकिरण को बैकग्राउंड रेडिएशन या पार्श्व विकिरण कहा जाता है और यह सभी जगह, सभी समय पाया जाता है, यह तथ्य अब सर्व-विदित है, लेकिन अधिकांश लोग यह नहीं जानते कि इस प्राकृतिक विकिरण की तुलना में, एक नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र से निकलने वाले विकिरण से आम जन को बहुत कम खतरा होता है, और यह मान्य सीमाओं से भी बहुत कम होता है।
कार्यक्रम के अंत में विधाथियो को “एक था बुधिया “ कॉमिक   निःशुल्कप्रदान की गई।
कार्यक्रम का संचालन संदीप पाल  ने किया जबकि कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज सेवी संस्था “ साथी ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी “ के सदस्य आनंद रिचा, धर्मपाल, अंशुमान मुखर्जी   ने मुख्य रूप से योगदान दिया।

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