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Tuesday, January 15, 2019

मकर सक्रांति पर दान एवं समाजसेवा करने से बनते है पुण्य के भागीदार: वासुदेव अरोडा

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फरीदाबाद(Abtaknews.com) 15 जनवरी,2019;  पंजाबी सभा समाज द्वारा सैक्टर 29 सरकारी स्कूल में मकर सक्रंाति के उपलक्ष्य में स्कूली बच्चो को गरम स्वेटर वितरित किये। इस मौके पर समाजसेवी वासुदेव अरोडा एवं जगजीत कौर मुख्य रूप से उपस्थित रहे जिन्होंने समाज के पदाधिकारियों के साथ स्वयं स्वेटर बच्चो को वितरित किये। इस अवसर पर वाई पी भल्ला, सुमन बख्शी, एस एस चौहान, रंजीत सिंह, जगदीश वर्मा, विनोद सहगल, मनोज वर्मा, सुमन त्रिपाठी, यशपाल भल्ला सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।  ।
इस मौके पर वासुदेव अरोडा ने कहा कि मकर संक्रांति का त्योहार, सूर्य के उत्तरायन होने पर मनाया जाता है। इस पर्व की विशेष बात यह है कि यह अन्य त्योहारों की तरह अलग.अलग तारीखों पर नहींए बल्कि हर साल 14 जनवरी को ही मनाया जाता है। जब सूर्य उत्तरायन होकर मकर रेखा से गुजरता है। यह पर्व हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है।  भारत के अलग.अलग क्षेत्रों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग.अलग तरह से मनाया जाता है। आंध्रप्रदेश, केरल और कर्नाटक में इसे संक्रांति कहा जाता है और तमिलनाडु में इसे पोंगल पर्व के रूप में मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा में इस समय नई फसल का स्वागत किया जाता है और लोहड़ी पर्व मनाया जाता है। वहीं असम में बिहू के रूप में इस पर्व को उल्लास के साथ मनाया जाता है। हर प्रांत में इसका नाम और मनाने का तरीका अलग.अलग होता है।
इस अवसर पर समाज के प्रधान अशोक बनियाल ने कहा कि अलग.अलग मान्यताओं के अनुसार इस पर्व के पकवान भी अलग.अलग होते हैं। लेकिन दाल और चावल की खिचड़ी इस पर्व की प्रमुख पहचान बन चुकी है। विशेष रूप से गुड़ और घी के साथ खिचड़ी खाने का महत्व है। इसके अलावा तिल और गुड़ का भी मकर संक्राति पर बेहद महत्व है।  इस दिन सुबह जल्दी उठकर तिल का उबटन कर स्नान किया जाता है। इसके अलावा तिल और गुड़ के लड्डू एवं अन्य व्यंजन भी बनाए जाते हैं। इस समय सुहागन महिलाएं सुहाग की सामग्री का आदान प्रदान भी करती हैं।

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