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Monday, January 7, 2019

होटल राजहंस में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर, जांच की मांग को लेकर धरने पर कर्मचारी

फरीदाबाद(abtaknews.com)सूरजकुंड स्थित होटल राजहंस में भ्रष्टाचार के बड़े मामले का खुलासा करते हुए कर्मचारियों ने जांच की मांग की है। उपलमंडलीय प्रबंधक द्वारा कोई कदम न उठाने से नाराज गुस्साए टूरिज्म कर्मचारियों ने सोमवार को होटल राजहंस के सामने धरना-प्रदर्शन किया और भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग की। हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ के होटल राजहंस के प्रधान मुरारीलाल, ठाकुर सिंह सचिव एवं सतबीर ने बताया होटल राजहंस के काउंटर इंचार्ज नवनीत एवं नरेन्द्र पिछले काफी समय से होटल के कमरों में जालसाजी कर रहे हैं। वो जो भी कमरे बुक करते हैं, न तो उसकी कॉपी हाऊस कीपिंग को भेजते हैं और न ही उनका कोई हिसाब-किताब होता है। वो मनमाने तरीके से एक कमरे को कई-कई बार और बिना एंट्री के कई बार चढ़ा देते हैं। उन्होंने बताया कि 13 दिसम्बर को होटल के रूम नं.218 व 224 का बुकिंग का समय जोकि अगले दिन प्रात: 10 बजे तक का था, वह उसी दिन सायं 5 बजे खाली हो गया। जिसको इन काउंटर इंचार्जों ने मिलीभगत करके मैरिज पार्टी को दे दिया गया, जिसकी रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं है। इसी प्रकार 14 दिसम्बर को होटल राजहंस के 4 कमरे 201, 202, 204 व  205 किसी विदेशी ग्रुप को दिए गए, जोकि शाम 8 बजे खाली कर दिए गए। फिर काउंटर इंचार्ज ने ये कमरे दूसरे ग्राहकों को दे दिए। इन ग्राहकों ने कमरों की सफाई के लिए हाऊस कीपिंग से रूम अटेंडेंट श्यामबीर को बुलाकर सफाई करवाई तो पता चला कि न तो उनकी कोई आईडी ली गई और न ही रजिस्टर में एंट्री की गई। इन 4 कमरों की पेमेंट 18876 बनती थी, मगर ग्राहकों से सैटलमेंट करके 14 हजार रुपए में ही रूम दे दिए गए। जिसका सारा ब्यौरा सीसीटीवी कैमरे में कैद है। जब होटल राजहंस के कर्मचारी नेताओं ने इसकी शिकायत मंडल प्रबंधक हरेन्द्र यादव से की तो उन्होंने मामले को जान-बूझकर लटकाए रखा और बाद में हमसे ही सबूत मांगने शुरू कर दिए कि आप सबूत लाकर दो। जबकि उनका फर्ज बनता है कि अगर कोई शिकायत आई है तो उस पर तुरंत कार्यवाही की जाए। परंतु उन्होंने जान-बूझकर मामले को लटकाया, ताकि सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्ड खत्म हो जाए। क्योंकि वो जानते हैं कि इन कैमरों में केवल 5 दिन तक का रिकॉर्ड रहता है। उक्त कर्मचारी नेताओं ने बताया कि फर्जी तरीके से कमरे बुक करने की इस लूट में मंडल प्रबंधक भी शामिल हैं और वो इन काउंटर इंचार्जों का पूरा फेवर लेते हैं। मंडलीय प्रबंधक के उदासीनपूर्ण एवं भ्रष्टाचार जनित रवैये को लेकर टूरिज्म कर्मचारियों ने होटल राजहंस के सम्मुख धरना दिया और भ्रष्टाचार के मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि होटल राजहंस में कैमरों की समय-सीमा का विस्तार भी किया जाए, जिनमें कम से कम एक महीने का डाटा उपलब्ध हो सके। प्रदर्शनकारी नेताओं में दिगम्बर डागर, सुभाष देशवाल, टीकाराम, सतबीर सिंह, गजेन्द्र, रमेश, सत्यवान, ठाकुर सिंह, सुभाष बिधुड़ी, हर्मिटेज के प्रधान अशोक कुमार, धर्मपाल आदि ने सम्बोधित किया।

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