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Friday, January 18, 2019

रोड़वेज बचाओं, रोजगार बचाओं बिषय पर 24 जनवरी को जींद में होगा नागरिक सम्मेलन;सुभाष लांबा

 
फरीदाबाद,18 जनवरी(abtaknews.com)हरियाणा रोड़वेज कर्मचारी तालमेल कमेटी रोड़वेज बचाओं, रोजगार बचाओं बिषय पर 24 जनवरी को जींद को नागरिक सम्मेलन का आयोजन करेंगी। जिसमें गांवों की पंचायतों,चुने हुए प्रतिनिधियों,ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों, किसानों, मजदूरों, नौजवानों व छात्रों के प्रतिनिधियों को आंमत्रित किया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा और रोड़वेज के किए जा रहे निजीकरण के खिलाफ अपने दल का स्टेंड स्पष्ट करने की मांग की जाएगी। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने नागरिक सम्मेलन का पुरजोर समर्थन करने का ऐलान किया है। यह जानकारी देते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने बताया कि नागरिक सम्मेलन को सफल बनाने के लिए शनिवार को जींद में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व विभागीय संगठनों की जिला कार्यकारिणी की विस्तारित मीटिंग बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी को राज्य कार्यकारिणी की बैठक कर्मचारी भवन, रोहतक में आयोजित की जाएगी।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने बताया कि माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुई 18 दिन की  हड़ताल के बाद सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग रोड़वेज कर्मचारियों व यात्रियों के प्रति शत्रूतापूर्ण व्यवहार कर रहा है। स्टाफ प्रर्याप्त न होने के बावजूद ओवरटाइम बन्द कर दिया गया है। जिसके कारण सैंकड़ों लम्बे रूटों पर बस सेवाएं बंद कर दी है। इतना ही नहीं रात्रि ठहराव बंद कर दिए गए हैं। जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। बसे बस अड्डों पर खड़ी रहती है और यात्री सरकार को कोसते रहते है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन मंत्री ओवरटाइम बारे गलत बयानबाजी करके जनता को गुमराह कर रहे है। उन्होंने बताया कि मंत्री कह रहे है कि 300 करोड़ रुपए एक महीने में ओवरटाइम के विभाग ने बचा लिए है। जबकि सच्चाई यह है कि एक वर्ष का ओवरटाइम का 130 करोड़ का बजट है। उन्होंने बताया कि करीब 33 लाख यात्री रोजाना एक स्थान से दूसरे स्थान पर यात्रा करते हैं। परिवहन विभाग के पास चार हजार बसें है,जो करीब 13 लाख यात्रियों को परिवहन सेवाएं दे पा रही है। जिसमें 1.93 लाख छात्र है, जिसमें 73 हजार के लगभग छात्राएं है। सरकार रोड़वेज बेड़े में 14 हजार बसों को शामिल करके 84 हजार बेरोजगारों को रोजगार दे सकती है। लेकिन सरकार एक हजार बसें प्रति वर्ष बेड़े में शामिल करने की बजाय 700 निजी बसों को किराए पर लेने पर आमादा है। उन्होंने बताया कि अगर प्राईंवेट बसें आयेगी तो रोड़वेज को प्रति वर्ष प्रति बस 11 लाख का नुक़सान और प्राईंवेट बस मालिक को प्रति वर्ष प्रति बस करीब 13 लाख रुपए का मुनाफा होगा। ढेड वर्ष में बस की कीमत पुरी हो जायेगी और साढे आठ साल प्राइवेट बस मालिक भारी मुनाफा कमा कर मालामाल होंगे और रोड़वेज विभाग पुरी तरह कंगाल हो जायेगा। इसलिए रोड़वेज कर्मचारी सरकार के दमन एवं उत्पीड़न का सामना करते हुए नौकरी दांव पर लगा कर किलोमीटर स्कीम का विरोध कर रहे हैं। इसीलिए आम जनता को जागरूक करने और निजीकरण के खिलाफ जनमत तैयार करने के लिए 24 जनवरी को जींद में नागरिक सम्मेलन किया जा रहा है।

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