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Friday, December 14, 2018

ठंड में एलर्जी और वायु प्रदूषण से बचने के लिए जरूरी स्‍वास्‍थ्‍य सलाह



गुरुग्राम(abtaknews.com) 14 दिसंबर,2018;हर साल की तरहइस साल भी सर्दियों के आगमन के साथ शहर की वायु गुणवत्ता का स्‍तर खराब होता जा रहा है। आस-पास मौजूद वायु प्रदूषण का स्तर नीचे गिर रहा हैऐसे में समय बीतने के साथ वायु प्रदूषण के साथ जीवन यापन करने वाले लोगों में स्‍वास्‍थ्‍य जोखिम पैदा होता है। प्रदूषक का स्‍तर स्थिर रहनेमोटर वाहनों और औद्योगिक प्रदूषण से उत्सर्जन के साथ-साथ चल रही निर्माण गतिविधियों और सड़क की धूल के कारण सांस लेने में दिक्‍कत हो रही है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी के अनुसारहवा की गति और वेंटिलेशन इंडेक्‍स (हवादार) दोनों की स्थिति प्रदूषण के फैलाव के लिए 'बेहद प्रतिकूलहै।
डॉ  पियूष गोयल पुलमनोलॉजिस्ट एं क्रिटिकल केयर कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल गुडगाँव हवा में प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख प्रदूषक कार्बन मोनोऑक्साइडपार्टिकुलेट मैटरजमीन के स्तर पर मौजूदओजोन और नाइट्रोजन और सल्फर डाइऑक्साइड के आक्साइड हैं। वायु प्रदूषण में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर सार्वजनिक स्वास्थ् को बदतर करने के सबसे अधिक खतरनाक है और स्वास्थ् परइसका बुरा प्रभाव इसके एक्सपोजर के स्तर (अक्सर यूजी/एम3 में व्यक्तऔर एक्सपोजर की अवधि (अल् अवधि, 8 या 24 घंटेया इससे लंबी अवधि के बीचपर निर्भर करता है। कई लोगबदलते तापमान और खराब वायु गुणवत्ता के कारण एलर्जी प्रतिक्रिया होने की सूचना दे रहे हैं गुडगाँव में बढ़ती जहरीली हवा के कारण एलर्जीवायरलबैक्टीरिया और फंगल संक्रमण फैलने कातरा अधिक हैशिशुओं और गर्भवती महिलाओं को सर्दियों के मौसम में एलर्जी होने का खतरा अधिक रहता है।
प्रदूषकों के संपर्क में अधिक समय तक रहने की वजह से फेफड़ों का फाइब्रोसिस और सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्‍स्‍ट्रक्टिव पल्‍मुनरी डिजीज) की समस्‍या हो सकती है।
सामान्य सलाह:
·         नियमित रूप से सफाई के अलावा सभी कमरों को अच्छी तरह से साफ करें।
·         एचईपीए फ़िल्टर वाला ही एअर प्‍यूरीफायर खरीदें और खिड़की-दरवाजों को अच्‍छी तरह से बंद करें ताकि बाहर की प्रदूषित हवा अंदर न आ सके।
·         धूल को तुरंत साफक्‍योंकि अगर धूल के कण अच्‍छी तरह से साफ न हुए तो इनके फर्श पर चिपकने की संभावना बनी रहती है। 
·         एक ह्यूमिडिफायर (वायु को नम रखने वाला उपकरण) के साथ एक हीटर का उपयोग करें: कमरे में नमी को अवशोषित करने वाले हीटरहवा को गर्म और सूखा बनाते हैं। सूखी हवा की वजह से त्‍वचा में सूखापन आ सकता है और अस्‍थमा की भी समस्‍या हो सकती है। धूम्रपान से बचें - प्रदूषित हवा में सांस लेने का मतलब ही यही है कि आप एक दिन में 50 सिगरेट पी रहे हैं। सिगरेट से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ाता है। 
·         घर के अंदर एलोवेरा और आइवी (एक प्रकार की लता) के पौधे लगायें जिससे हवा साफ होती है।
·         पर्दे और कालीन पर जमा गंदगी को बढ़ने से रोकने के लिए उनको महीने में एक बार जरूर धोयें। इसके अलावा एंटीफंगल शॉवर कर्टेन खरीदने पर विचार करें।
बुजुर्गगर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए सलाह:
·         गर्भावस्‍था के दौरान शरीर में हार्मोन संबंधी बदलाव होते हैं जिसकी वजह से प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक संवेदनशील हो जाती है और एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाती है।
·         ऐसे में जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें। बच्चोंगर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में बीमारियां पहले से ही मौजूद रहने की संभावना रही है ऐसे में उनको अधिक भीड़भाड़ या या फिर यातायात वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए।
·         दवा का सेवन कर रहे हैं तो इसे नियमित रखेंएक खुराक या दो खुराक छूट जाने पर भी संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ सकती है।
·         मधुमेहकैंसर रोगीप्रत्यारोपण रोगीवृद्ध में संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती हैऐसे में उनका टीकाकरण निमोकोकल टीकों से किया जाना चाहिए।
·         बेडशीट को सप्‍ताह में एक बार गर्म पानी से धोएं जिससे धूल के कण खत्‍म हो जाते हैं और हाइपोलेर्जेनिक गद्दे और तकिए का उपयोग करें।
·         अपने आहार में मौसमी फल और ताजी सब्जियों जैसे गाजर और हरी मटर को जरूर शामिल करेंदुग्‍ध उत्‍पादों का सेवन कम करें। आहार में गुड़ को शामिल करें जो वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों का सामना करने के लिए ही जाना जाता है।

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