Saturday, December 8, 2018

फाईनेंसर महेन्द्र-सुरेन्द्र गोयल व उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पीडि़त अस्पताल में भर्ती

बल्लभगढ़, 8 दिसंबर(abtaknews.com): जनता के पैसों को दुगना करने के लालच देकर उनकी खुन-पसीने की कमाई को हड़पने के आरोप में पुलिस ने एक भुगतभोगी की शिकायत पर शहर के कुछ फाईनेंसरों व उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं फाईनेंसर की मार का शिकार श्याम कालोनी, बल्लभगढ़ निवासी पीडि़त खेमचंद उर्फ गोपाल फिलहाल सदमे के चलते अस्पताल में भर्ती है। 
पीडि़त खेमचंद के मुताबिक उनकी की शिकायत पर अब करीब 7 महीने बाद थाना शहर पुलिस ने यूएफएल पोर्टफोलियो कंपनी के डॉयरेक्टर महेन्द्र गोयल, सुरेन्द्र गोयल व चुन्नीलाल (तीनों भाई), सुरेन्द्र के तीन बेटों मुकेश, हरिओम व सोनू उर्फ सुनील तथा पुत्रवधु मोनिका के खिलाफ द हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपोजिटर इन फाईनेंसियल एस्टेबलिस्मेंट एक्ट -2013 (हरियाणा एक्ट नंबर 32 ऑफ 2014) की धारा 3 तथा आईपीसी की धारा 406 व 420 के तहत मुकदमा नंबर-1013 दर्ज तो दर्ज कर लिया है लेकिन पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं की है जबकि मुकदमा दर्ज हुए करीब 15 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं। 
पीडि़त खेमचंद ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि फाईनेंसर महेन्द्र गोयल, सुरेन्द्र गोयल व उनके उपरोक्त परिजनों ने उन्हें उनकी रकम को जमीन आदि में लगाकर उस रकम को दुगना करने का लालच देकर उनसे कई बार में करीब 49 लाख रूपये की रकम ले ली थी। यह रकम उन्होंने अपने रिस्तेदारों आदि से इकट्ठी कर उपरोक्त को दी थी। इस एवज में उपरोक्त ने उन्हें कुछ रकम की सात फिक्स डिपोजिट (एफडी) की रसीद भी बनाकर दी थी। खेमचंद का कहना था कि इन फाईनेंसरों ने उसे आश्वस्त किया था कि जब उन्हें कभी पैसों की बीच में जरूरत पड़ेगी तो वे उनकी रकम को ब्याज सहित वापिस कर देंगे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वो अपने पूर्व सुनियोजित षडयंत्र के तहत उनकी रकम वापिस ही नहीं करेंगे।
खेमचंद का आरोप है कि जब उन्होंने पहले तो अपने बेटी की शादी करने तथा दुसरी बार में अपने पिता के निधन के बाद उनकी रस्म पगड़ी आदि करने के लिए उनसे अपनी रकम मांगी तो उन्होंने बजाए उन्हें पैसे देने के उन्हें चक्कर लगवाने शुरू कर दिए। यहीं नहीं, जब उन्होंने इन फाईनेंसरों पर अपनी रकम देने के लिए ज्यादा दवाब दिया तो इन्होंने मुझे व मेरे परिजनों को जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में कर दी जिस पर थाना शहर बल्लभगढ़ पुलिस ने उपरोक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 
वहीं खेमचंद ने यह भी आरोप लगाया कि यूएफएल पोर्टफोलियो कंपनी के डॉयरेक्टर महेन्द्र गोयल, सुरेन्द्र गोयल व चुन्नीलाल (तीनों भाई), सुरेन्द्र के तीन बेटों मुकेश, हरिओम व सोनू उर्फ सुनील तथा पुत्रवधु मोनिका ने उन्हें जो फिक्स डिपोजिट (एफडी) की रसीद दी थी वो फर्जी थी। खेमचंद के मुताबिक उसको  अपनी रकम ना मिलने पर उसने स्वयं को मिली रसीद के बारे में जांच-पड़ताल की तो उसे पता चला कि उपरोक्त फाईनेंसरों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से फिक्स डिपोजिट (एफडी) बनाने के लिए कोई लाईसैंस नहीं ले रखा था। वो तो सिर्फ लोगों की गुमराह कर उनकी रकम दुगना करने का लालच देकर उनसे रकम ऐंठ कर उन्हें गैर-कानूनी रूप से फिक्स डिपोजिट (एफडी) की रसीद थमा देते थे। इसकी शिकायत भी उन्होंने गत 23 मई को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को ई-मेल के जरिए कर दी थी।  
फिलहाल क्यूआरजी अस्पताल में भर्ती पीडि़त खेमचंद व उनके परिजनों ने पुलिस कमिश्रर से गुहार लगाई है कि वो उनकी रकम को हड़पने वाले उपरोक्त फाईनैंसरों को गिरफ्तार कर उन्हें उनकी रकम दिलवाने की कृपा करें।


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