Tuesday, December 4, 2018

आवारा पशु मुक्त शहर में सांड ने बोला महिला पर हमला, घायल महिला आईसीयू भर्ती


फरीदाबाद(abtaknews.com) 04 दिसंबर,2018; पुरानी कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि दो सांडों की लडाई में नुक्सान किसी तीसरे का ही होता है, ये कहावत नगर निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते उस वक्त सही साबित हो गई, जब सेक्टर-3 के रहने वाले विरेंद्र अपनी पत्नी शिवरन के साथ शनिवार शाम को किसी प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बाइक पर जा रहे थे। आवारा पशु मुक्त का दर्जा पा चुके फरीदाबाद में सेक्टर-3 के पास सांडों की लड़ाई में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को उपचार के लिए निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। घायल महिला अपने पति के साथ बाईक पर सवार होकर किसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थी, तभी सडक पर लड रहे दो सांडों ने महिला के उपर ही हमला बोल दिया, जिसमें महिला शिवरन की आंख पर गंभीर चोटें आई है। आवारा पशु मुक्त का प्रमाणपत्र देकर वाहवाही लूटने वाले पूर्व जिला उपायुक्त साहब तो चले गये मगर आवारा पशुओं का आतंक आज भी ज्यों का त्यों है।
सेक्टर-3 में स्थित स्कूल के पास दो अवारा सांड आपस में लड़ाई कर रहे थे। दोनों सांड भागकर पीड़िता की बाइक के पास आए और उनपर हमला बोल दिया पीड़ित शिवरन की आंख पर गंभीर चोट आई है। जिसे  इलाज के लिये निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डाक्टरों ने महिला की हालत को गंभीर देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर दिया।
घायल महिला और उसके पति की माने तो सेक्टर में आवारा जानवरों का तांता लगा रहता है। बाईपास रोड के पास कूड़े का ढेर होने की वजह से वहां सबसे ज्यादा आवारा जानवर दिखाई देते हैं। सांडों की लड़ाई आए दिन सड़कों पर देखने को मिलती है। इसके चलते लोग अपना रास्ता बदल लेते हैं। फरीदाबाद जिले को आवारा पशु मुक्त का प्रमाणपत्र देने वाले पूर्व जिला उपायुक्त समीरपाल सरो ने 24 अक्टूबर 2017 को डीसी कार्यालय में प्रैसवार्ता कर पूरे शहर को खुश खबरी दी थी, इतना ही नहीं जिला उपायुक्त साहब उस वक्त नगर निगम आयुक्त पद भी संभाल रहे थे, इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी थी कि जो लोग अपने पालतू पशुओं को खुले में छोड़ देते है उन पर म्युन्सिपल एक्ट 332 के तहत 5100 रूपये से 11000  तक का जुर्माना वसूला जायेगा। मगर जिला उपायुक्त साहब तो वाहवाही लूट कर चले गये और शहर में आवारा पशुओं को आंतक ज्यों का त्यों बना रहा। एक बार आप सुन लीजिये पूर्व जिला उपायुक्त ने प्रैसवार्ता करके कैसे शहर को आवारा पशु मुक्त घोषित करके वाहवाही लूटी थी।इस संबंध में नगर निगम अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार उनके पास आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए कोई वाहन नहीं है। वाहन की सुविधा न होने की वजह से किसी भी जानवर को पकड़ नहीं पा रहे हैं।

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