Monday, December 31, 2018

हरियाणा प्रदेश में गौ सेवा आयोग द्वारा प्रदेश की गौशालाओं को दी गई 23 करोड़ का अनुदान

पलवल, 31 दिसम्बर(abtaknews.com)हरियाणा गौ सेवा आयोग द्वारा प्रदेश की गौशालाओं को 22 करोड़ 97 लाख 71 हजार 366 रूपए की अनुदान राशी दी गई है। पहले प्रदेश में 360 गौशालाऐं थी  जिनमें 2 लाख 65 हजार गौवंश  था। गत तीन वर्षों में प्रदेश में 160 गौशालाऐं खोलने का कार्य किया गया है जिससे प्रदेश की सभी गौशालाओं में अब  लगभग 3 लाख 85 हजार गौवंश का पालन पोषण हो रहा है। 
यह विचार हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने सोमवार को पलवल विश्राम गृह में जिले की 7 गौशालाओं को चारे के लिए लगभग 4 लाख 88 हजार 750 रूपए की राशि प्रदान करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर सिहं सौरोत, हरियाणा गौ सेवा आयोग के सदस्य पुरणमल यादव, जिला निगरानी समिति पलवल के चेयरमैन मुकेश सिंगला, भाजपा महामंत्री पलवल पवन अग्रवाल, उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. नीलम आर्य व डा. रणबीर सिंह, उपमण्डल अधिकारी डॉ. भारत सिंह सहित हरेन्द्र तेवतिया व पलवल गौशालाओं के प्रतिनिधिगण  तथा अन्य गणमान्य लोग उपमस्थित थे। 
आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कहा कि गौ सेवा आयोग ने गौशालाओं को स्वावलम्बी बनाने का निर्णय लिया है।  गोबर व गौमूत्र से पदार्थ बनाने वाली मशीनों पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। हरियाणा की सभी गौशालाओं में मुख्यमंत्री गौशाला जगमग योजना के अंर्तगत गौशालाओं से केवल दस प्रतिशत अंश लेकर सौर ऊर्जा प्लांट लगवाए जा रहे है। सौर ऊर्जा प्लांट लगाने से हरियाणा प्रदेश देश का पहला ऐसा प्रदेश होगा जिसमें गौशालाओं में बिजली सोलर ऊर्जा से चलेगी। गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सभी गौशालाओं में बायों सीएनजी तथा बायों गैस प्लांट बनाने की योजना बना रही है। आयोग द्वारा गुरूग्राम में विष्णु चेरिटेबल ट्रस्ट,कामधेनु धाम गौशाला व कार्र्टरपूरी में बायो सीएनजी का पाईलेट प्रोजेक्ट जल्द ही लगाने की योजना है। हरियाणा में दो हजार से अधिक गौवंश रखने वाली गौशालाओं में बायों सीएनजी के प्लांट लगवाऐं जाएगें।
 उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल के नेतृत्व में गौवंश संवर्धन व गौवंश संरक्षण अधिनियम 2015 पास किया गया। हरियाणा में गौवध तथा गौ तस्करी पर देश में सबसे सख्त कानून बनाकर जिसके अंतर्गत दस साल तक की सजा तथा एक लाख रूपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है तथा जिस वाहन में गौवंश जा रहा है उसे जब्त कर लिया जाएगा।भानीराम मंगला ने कहा कि आयोग ने गौवंश को सहारा देने के लिए कई योजनाऐं चलाई है, जिसमें पचास --पचास एकड़ में दो गौ अभ्यारण केंद्र जिला पानीपत के गांव नैन तथा जिला हिसार के गांव ढंढूर में बनाए जा रहे है। इन दोनों अभ्यारण केंद्रों में पांच पांच हजार गौवंशों का पालन पोषण किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश की जेलों में गौशालाऐं खोलने की योजना बनाई गई है। जिला करनाल की जेल में गौशाला का शिलान्यास कर दिया गया है। नववर्ष में अन्य जेलों में भी इस योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।

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