Wednesday, November 21, 2018

अरावली क्षेत्र में मरे हुए पशु डालने के विरोध में ग्रामीणें और छात्रों ने जाम किया गुरूग्राम रोड़


Villagers and students jammed in protest against putting dead animals in Aravali area
फरीदाबाद(abtaknews.com) भाखड़ी गांव के साथ लगती अरावली की पहाडिय़ों में फरीदाबाद और दिल्ली से भी मरे हुए पशुओं को लाकर डालने के विरोध में आज गांव के समाजसेवी महेश फागना के नेतृत्व में ग्रामीणों और केन्द्र सरकार के विज्ञान केन्द्र और रिसर्च सेंटर के छात्रों ने मिलकर गुरूग्राम रोड़ को जाम कर दिया। प्रर्दशनकारी मांग कर रहे थे कि यहां मरे हुए पशुओं को डालना बंद किया जाए और पहले से ही पड़े पशुओं को तुरंत हटाया जाए। महेश फागना ने बताया कि अरावली का क्षेत्र जो अपनी हरियाली के लिए मशहूर है आज उसी हरे भरे क्षेत्र में कुछ लोग मरे हुए पशु डालकर वातावरण को दूषित कर रहे है तथा आसपास के इलाके के लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर रहे है। उन्होनें बताया कि गांव के साथ लगती अरावली की पहाडिय़ों में फरीदाबाद ही नहीं दिल्ली से भी मरे हुए पशुओं को लाकर डाला जा रहा है और यह सिलसिला वर्ष 2004 से चलता आ रहा है। पिछले कई वर्षो से वे हर विभाग को पत्र लिख लिखकर हार गए लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला। उन्होनें नगर निगम आयुक्त को दिनांक 18-7-2016 को दरखास्त दी थी जिसका डायरी नंबर 6959 है इसी तरह दिनांक 10-8-2017 को एक दरखास्त सी.एम विंडो फरीदाबाद को दी थी जिसका कंप्लैट नंबर cmoff/n/2017/0944468 है।

इसके अलावा लोगों ने कई बार नगर निगम फरीदाबाद में और सीएम विंडो पर लिखित रूप से शिकायत की थी परन्तु नगर निगम अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली और आज तक किसी भी प्रकार की कोई कारवाई नहीं हुई। उन्होनें बताया कि भाखड़ी के आसपास सैनिक कालोनी,आईपी कालोनी,जमाई कालोनी,बडखल गांव,नवादा गांव बसा जिसमें लगभग 55 हजार के करीब आबादी बसी है और तो और लगभग 100 मीटर से भी कम दूरी पर प्रसिद्व हनुमान मंदिर बना हुआ है,इसके अलावा जहां मरे हुए पशु डाले जा रहे है उसके ठीक सामने केन्द्र सरकार का एक विज्ञान केन्द्र और रिसर्च सेंटर है जिसके होस्टल में देश के जाने माने वैज्ञानिक और लगभग 2000 हजार  के करीब छात्र रहते है। विज्ञान केन्द्र के छात्रों ने बताया कि मरे हुए पशुओं की संडाध मारती हवा पूरे 24 घण्टे बहती रहती है जो जानलेवा है और कई बिमारियों को न्यौता दे रही है। उन्होनें बताया कि हमारे संस्थानों के बाहर तैनात सुरक्षा गाडों को जान जोखिम में डालकर डयूटी करनी पड़ रही है। उन्होनें बताया कि मरे हुए पशु डालने की वजह से आसपास का इलाकर प्रदूषित हो रहा है और हमें अपने होस्टल से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। बाद में मौके पर पुलिस पहुंची और जाम लगाने वाले लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। इस मौके पर महेश फागना,राजपाल,सुमेर सिंह,सतेन्द्र फागना,सुरेन्द्र फागना,राजकुमार,संजय फागना,सतपाल बडखल,काशीराम,संतराम फागना,विरेन्द्र सिंह नीरज,टेकचन्द,बिजेन्द्र,चत्तरसिंह फागना,राहुल,दिनेश,सुशील फागना,लाला फागना,अरूण कुमार व हनुमान मंदिर के महंत व उनके सभी भक्तों सहित सैकड़ो भाखड़ी गांव के लोग तथा छात्र एवं छात्राएं मौजूद थे। 

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