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Saturday, November 24, 2018

चार साल बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों से किए वादों को पूरा करने में विफल रहे खट्टर- लाम्बा


फरीदाबाद,24 नवम्बर(abtaknews.com)सरकार भले ही चुनावी घोषणा पत्र में किए अधिकतर वादों को पूरा करने के दावे कर रही है। लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार चार साल बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों से किए वादों को पूरा करने में विफल रही है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि सरकार की वादाखिलाफी,पुरानी पेंशन स्कीम बहाल न करने और जन सेवा के विभागों में लागू की जा रही जनविरोधी निजीकरण की नीतियों के खिलाफ कर्मचारी  8-9 जनवरी,2018 को दो दिवसीय हड़ताल करेंगे।

महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि भाजपा ने चुनाव धोषणा पत्र में पंजाब के समान वेतनमान व भत्तें देने, सफाई कर्मचारियों सहित अन्य विभागों में कार्यरत सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, निजीकरण व ठेका प्रथा की नीतियों को समाप्त करने, 15 हजार रूपए न्यूनतम वेतनमान देने, छठे केंद्रीय वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने, शिशु शिक्षा भत्ता दोगुना करने, खाली पड़े पदों को भरते हुए दो लाख बेरोजगारों को हर साल रोजगार देने आदि वादें किए थे। उन्होंने बताया कि चार साल में सरकार एक भी वादें को पुरा नही कर सकी है। इसके विपरीत सरकार ने निजीकरण की नीतियों को सभी विभागों में तेज गति से लागू करना शुरू कर दिया है। सरकार की कमजोर पेरवी के कारण  2014 में नियमित हुए कर्मचारियों की पुनः अनियमित और पचास हजार अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों की नौकरी जाने की नौबत आ गई है। उन्होंने बिना किसी देरी के विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा दिए वादें के अनुसार 31मई,2018 को हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग सरकार से की गई। ्

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने सरकार को चेतावनी दी कि जनता और कर्मचारियों के तीखे विरोध के बावजूद रोड़वेज के बेड़े में प्राईवेट बसों को किराए पर शामिल करने की हठधर्मिता का सरकार को भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा रोड़वेज, शिक्षा,स्वास्थ्य, बिजली,जन स्वास्थ्य आदि सभी जन सेवाओं को बचाने के लिए जन अभियान चलायेगा। जिसके तहत गांवों व शहरों में जन सभाएं आयोजित की जाएगी और निजीकरण के खिलाफ जनमत तैयार किया जायेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनवरी,2016 से देय हाऊस रैंट में बढ़ोतरी न कर कर्मचारी हितों पर भारी आर्थिक कुठाराघात कर रही है। पुरानी पेंशन स्कीम व एक्स ग्रेसिया रोजगार स्कीम को बहाल करने,समान काम, समान वेतन देने,केशलेस मेडिकल सुविधा देने आदि मांगों की भी सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। जिससे कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है।

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