Tuesday, November 20, 2018

जे.सी.बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए में मिशन साहसी प्रारम्भ,छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर



JC Bose University teaches missionary start-up in YMCA, girls' self-defense tricks

फरीदाबाद 20 नवंबर 2018(abtaknews.com)देश में महिलाओं एवं कन्याओं के ख़िलाफ़ हो रहे अपराधों में साल दर साल वृद्धि ने समाज को चिंताजनक परिस्थिति में डाल दिया है। आए दिन अख़बार और टेलीविज़न में ऐसी तमाम खबरें मिलती हैं जिसे देखकर ऐसा लगता है कि महिलाएं बहुत ही असहाय और कमज़ोर हैं। भारतीय समाज की इस कमज़ोरी को खत्म करने और महिलाओं को इन चुनौतियों से खुद को लड़ने के काबिल बनाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मिशन साहसी नामक राष्ट्रीय स्तर का एक अभियान चलाया है, इसके तहत देश भर के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में पढ़ रही छात्राओं को आत्मरक्षण के गुण सिखाने का लक्ष्य रखा गया। किसी भी ख़तरे की हालत में महिलाओं के पास मौजूद साधारण से सामान जैसे कलाम, क्लिप, चुन्नी इतियादी वस्तुओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर खुद को बचाने के गुणों का अभ्यास करना मिशन साहसी का लक्ष्य है।

इसी क्रम में फरीदाबाद के जे सी बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए में तीन दिवसीय मिशन साहसी के शिविर का प्रारंभ हुआ। इस शिविर को  रानी लक्ष्मी बाई के जन्मदिवस पर शुरू किया गया।  शिविर को शुरू करने से पहले एबीवीपी की वरिष्ठ छात्रनेत्री ऋचा सोनी ने लक्ष्मी बाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस शिविर में प्रशिक्षण देने के लिए अंतरराष्ट्रीय कराटे गोल्ड मेडलिस्ट काजल खान को आमंत्रित किया गया, वो इस तीन दिवस शिविर के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षण के सभी गुर सिखायेंगीं एवं हर तरह की अनहोनी की हालत से लड़ने के काबिल बनाने की तैयारी करवायेंगी। एबीवीपी हरियाणा प्रदेश मंत्री सुनील भरद्वाज ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि फरीदाबाद को विशेष रूप से इस मिशन के लिए चुना गया है, दिल्ली-एनसीआर जैसे तेज़ी से प्रगतिशील शहरों में इन घटनाओं को अधिक देखा जा रहा है, यहाँ पर काफी तादाद में महिलाएं कामकाजी हैं जो हर रोज़ दूर दराज़ सफ़र कर के अपने काम पर जाती हैं , दिल्ली का निर्भया कांड इसी का एक बड़ा उदहारण है। फरीदाबाद जैसे ओद्योगिक शहर में जो कि अब एक बहुत बड़ा शिक्षा का केंद्र भी बन गया है वहाँ पर महिलाओं एवं कन्याओं की सभी क्षेत्रों में बराबर भागीदारी है पर वहां कुछ अवांछित तत्त्व भी हैं जो उनपर बुरी नज़र गड़ाए बैठे रहते हैं, समाज के ऐसे लोगों से लड़ने का एक ही तरीका है और वो है महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वाबलंबी बनाया जाये ताकि वो ऐसी स्थिति में खुद ही उन्हें खदेड़ के भगा दे। 
इस शिविर में प्रथम दिवस पर 60 छात्राओं ने भाग लिया सभी प्रतिभागी एबीवीपी की इस मुहीम को लेकर बहुत ही उत्साहित रहीं।इस तीन दिवसीय शिविर का संचालन विश्वविद्यालय एबीवीपी छात्रा प्रमुख प्रिंसी डागर, वरिष्ठ नेत्री ऋचा सोनी एवं NIT नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद इश्तियाक कर रहे हैं। वरिष्ठ कार्यकर्ता गोपाल शर्मा, वाईएमसीए छात्रसंघ के निर्वाचित महासचिव जतिन खत्री, सदस्य राहुल गौड़ एवं अन्य सदस्य भी मौजूद रहे थे।

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