Thursday, November 22, 2018

40 करोड़ की बिल्डिंग जर्जर होकर बनी भूत बंगला, 30 हजार किराये पर चलती है डिस्पेंसरी

फरीदाबाद(abtaknews.com दुष्यंत त्यागी) 22 नवंबर,2018; किस गति से प्रगति हो रही है। आइए हम आपको बताते हैं। एनआईटी विधान सभा के अंतर्गत  करीब 4 साल पहले 40 करोड कि लागत से अस्पताल की इमारत बनवाने के बाद भी सरकार 30 हजार रुपए महीने किराए पर कमरा लेकर डिस्पेंसरी चला रही है। चौकाने वाला सरकार का यह कारनामा फरीदाबाद के सेक्टर 55 का है। जहां जनता के टैक्स से बनी हुई अस्पताल की इमारत सरकार की अनदेखी के कारण खंडहर हो गई है ।जिसको लेकर अब बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एलएन पराशर ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर जल्द अस्पताल शुरू करवाने की अपील की है, साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर उनके पत्र का जवाब नहीं दिया गया तो वह सरकार को हाईकोर्ट में खड़ा करेंगे। 
हरियाणा सरकार की मेहरबानी से प्राइवेट अस्पतालों के अच्छे दिन तो आ गए हैं क्यूकि प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों पर बिलकुल ध्यान नहीं दे रही है। इसका जीता जागता उदाहरण फरीदाबाद में देखा गया है। हरियाणा के पूर्व मंत्री स्वर्गीय शिव चरण लाल शर्मा ने सेक्टर 55 में लगभग 40 करोड़ की लागत से जो अस्पताल बनवाया था वो अब खंडहर में तब्दील होकर भूत बांग्ला बन गया है। कई वर्ष पहले बनकर खड़ी हुई इस अस्पताल में खट्टर सरकार एक डाक्टर भी नहीं बैठा सकी और धीरे-धीरे ये इमारत जर्जर होती चली गई। सरकार ने अस्पताल की इमारत के ऊपर विश्वकर्मा इसके लिए यूनिवर्सिटी का बोर्ड लगा रखा है जबकि दूधवाला में 19 नवंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया था।  फिलहाल हालत यह है कि राजस्व का मोटा पैसा इमारत में लगाने के बाद सरकार इसे भूल गई है और अब यह इमारत दिन पर दिन जर्जर होती जा रही है इमारत के शीशे टूट चुके हैं तो वहीं सीमेंट में दीवारों से झर झर घर गिरने लगा है कुछ साल पहले बनी इमारत अब किसी भूत बंगला से कम नहीं लगती क्योंकि कई एकड़ जमीन में बनी इस अस्पताल की इमारत की देखभाल सिर्फ एक बुजुर्ग सुरक्षाकर्मी करता है। 
जनता के टैक्स के पैसे से बनी इमारत को खंडहर होते देख बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एलएन पाराशर ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि अगर जल्द ही इमारत में अस्पताल शुरू नहीं किया गया तो वह सरकार को हाई कोर्ट में खड़ा करेंगे। वहीं वकील पाराशर ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि सरकार पास के ही एक मकान में कुछ कमरे किराए पर लेकर ईएसआई डिस्पेंसरी चलवा रही है जिसका 30 हजार रूपये हर माह किराया दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी अस्पताल की इमारत को छोड़ किराए पर डिस्पेंसरी चलाना एक बड़ा गड़बड़झाला लग रहा रहा है। 
अस्पताल की इमारत की देखभाल कर रहे सुरक्षाकर्मी ने बताया कि वह पिछले कई सालों से यहां पर तैनात हैं यह इमारत 50 बेड का अस्पताल खोलने के लिए बनाई गई थी जिस में आज तक अस्पताल नहीं खुला है और धीरे-धीरे इस इमारत की दीवार है जर्जर होती जा रही है साथ ही उन्होंने बताया कि इस इमारत के पास में ही सेक्टर 22 की डिस्पेंसरी ₹30000 महीने कमरे का किराया देकर चलाई जा रही है। हरियाणा के पूर्व मंत्री स्वर्गीय पंडित शिव चरण लाल शर्मा ने सेक्टर-55 में 50 बिस्तरों वाला बहुद्देशीय सरकारी अस्पताल बनवाया था और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसकी आधारशिला रखी थी। स्वर्गीय पूर्व मंत्री इस अस्पताल को 100 बिस्तरों तक ले जाना चाहते थे। अस्पताल बना लेकिन सरकार बदल गई और इसका उद्घाटन तक नहीं हुआ। अस्पताल की इमारत खंडहर बनती चली गई और अब ये भूत बांग्ला बन गई है ।

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