Saturday, November 17, 2018

हजारों मिड डे मील वर्कर्स 19 नवंबर को दिल्ल्ली संसद मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन करेंगी


चंडीगढ़,17 नवम्बर(abtaknews.com) देश भर से हजारों मिड डे मील वर्कर्स वेतन बढ़ौतरी व अन्य मांगों के लिए 19 नवंबर को दिल्ली पंहुचेंगी व संसद मांर्ग पर जोरदार प्रदर्शन करेंगी। देश में चल रही मिड डे मील योजना में सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 8वी कक्षा तक के 10 करोड़ बच्चों को दोपहर को भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। 12 लाख के करीब स्कूलों में इस कार्य को करने के लिए लगभग 25 लाख कुक व हेल्पर लगें हैं। इनमें 95 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनमे बहुमत गरीब तबकों व विधवा महिलाओं का है। वर्कर्स का मेहनताना केन्द्र सरकार की ओर से 1000 रुपये प्रतिमाह 2009 में तय किया गया था। वह भी वर्ष में केवल 10 महीने। परन्तु 9 वर्ष गुजर जाने के बावजूद केन्द्र सरकार ने इस मानदेय में एक रूपये  की बढ़ौतरी नहीं की है। क्या इससे भारी शोषण हो सकता है? यह गरीब महिलाओं की मेहनत की भारी लूट है। 5-6 घण्टे की ड्यूटी व वेतन के नाम पर महीने में 1000 रुपये। 2013 मे 45वे श्रम सम्मेलन मे केंद्र सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था कि इनके वेतन में उसी साल से 1000रु की बढ़ोतरी की जाएगी व 2016 तक केन्द्र की ओर से मिड डे मील वर्कर्स को दिए जाने वाला भूगतान 3000 रूपये हो जाएगा। परन्तु इसे आज लागू नहीं किया गया। उल्टा तय 1000 रूपये में से भी केन्द्र सरकार 600 रूपये का ही भुगतान कर रही है। 
11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आंगनवाड़ी व आशा कर्मियों के मानदेय में कुछ बढ़ौतरी की घोषणा की गई परन्तु देश की 25 लाख मिड डे मील वर्कर्स के बारे एक शब्द नहीं बोला। देश के 25 लाख वर्कर्स के साथ हमारे देश के प्रधानमंत्री महोदय ने बड़ी भारी ज्यादती की है। कुपोषण दूर करने में मुख्य भुमिका निभाने वाले मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की। हम प्रधानमंत्री मोदी जी से पुछना चाहते हैं कि आंगनवाडी़ व आशा कर्मी के मानदेय में बढ़ौतरी की घोषणा कर सकते हैं तो हमें क्यों छोड़ा? कारण बताओ! क्या हम देश में बच्चों के विकास में कोई योगदान नहीं कर रहे!   
वेतन बढ़ोतरी की मांग व प्रधानमंत्री से जवाब तलब करने के लिए देश भर से 19 नवंबर को सभी ट्रेड यूनियनों से संबंधित मिड डे मील वर्कर्स हजारों की संख्या में दिल्ली संसद मार्ग पंहुचेगी। 

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