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सराय ख्वाजा की बाल्मीकि बस्ती में बने मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पर शोभायात्रा

फरीदाबाद, 24 अक्टूबर(abtaknews.com) महर्षि आदि कवि रामायण रचिता बाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर आज सराय ख्वाजा स्थित बाल्मीकि बस्ती में बने मंदिर में बस्ती वासियों द्वारा मूर्ति स्थापना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर ने किया। इस अवसर पर एक शोभा यात्रा भी निकाली गई जोकि सराय, सैक्टर-37, अशोका एनक्लेव होती हुई पुन: मंदिर परिसर पर आकर समाप्त हुई। इस मौके पर प्रधान श्री बालगुहेर ने भगवान महर्षि बाल्मीकि की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करवाई। इस अवसर पर भण्डारे का आयोजन किया गया। 
इस मौके पर उपस्थित छत्तीस बिरादरी के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि  भगवान बाल्मीकि ने हजारों वर्ष पहले ही भगवान राम के चरित्र का अपनी पुस्तक में वर्णन किया था कि किस तरह रामायण में भाई धर्म, पिता धर्म, पत्नि धर्म व पुत्र धर्म होगा। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि भगवान बाल्मीकि जी के हाथ में कलम है, तो हमारे हाथ में फिर झाडू क्यों है।   आज के युवा झाडू की ओर न भागकर कलम की ओर भागे। जिससे की समाज तरक्की कर सकें। हम सभी लोगों को अपने बच्चों को बाबा भीमराव अम्बेडक़र द्वारा शिक्षा का ज्ञान ज्यादा से ज्यादा देना चाहिए। शिक्षा बिना मनुष्य पशु के समान है। शिक्षा के बिना समाज की तरक्की भी नहीं हो सकती अगर शिक्षा है तो हम बुराईयों में जैसे की नशाखोरी, अंधविश्वास, मृत्यु भोज, दहेज प्रथा आदि को हमें मिलकर समाप्त करना चाहिए। उन्होंने समाज लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज के लोग संकल्प ले की वह एक वक्त की रोटी बेशक कम खाएं लेकिन अपने बच्चों को पढऩे-लिखने स्कूल जरूर भेजे। 
इस मौके पर बाल्मीकि बस्ती के मौजिज एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कृपाल सिंह बाल्मीकि, अशोक कीर, प्रकाश, धर्मवीर, वीरपाल, अमर सिंह, विद्यानंद, टीसी कीर, मांगेराम ने समाज की ओर से नगर निगम यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर का पगड़ी बांधकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।इस अवसर पर रघुबीर चौटाला, जितेन्द्र छाबड़ा, सोमपाल झिझोटिया, महेन्द्र कुडिय़ा, राहुल, रविन्द्र टांक, दान सिंह, नयनसिंह, विनोद, चाचा प्रेमपाल आदि मौजूद थे। 

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