Sunday, October 21, 2018

हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में आए बिजली विभाग व फरीदाबाद कांग्रेसी नेता

फरीदाबाद 21अक्टूबर, 2018(abtaknews.com) ट्रेड यूनियन व कर्मचारी संगठनों के संयुक्त आह्वान पर हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल रविवार छठे दिन भी जारी रही।  बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह बस अड्डे पर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को आज कांग्र्रेसी नेताओं ने समर्थन देते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर तिगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित नागर, होडल के कांग्रेसी विधायक उदयनभान, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव कुमारी शारदा राठौर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन सिंगला, नीरज शर्मा ने कर्मचारियों को सभी मांगों को जायज करार दिया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए विधायक ललित नागर ने कहा कि भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों के चलते कर्मचारी वर्ग परेशान होकर सडक़ों पर उतर गया है परंतु यह सरकार पूरी तरह से गूंगी-बहरी है, इसे जनभावनाओं की कोई क्रद नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में कर्मचारियों को लाठियों और जेल के रुप में अच्छे दिन मिले है, जिसका जवाब कर्मचारी वर्ग आने वाले चुनावों में इस सरकार को वोट की चोट से देने का काम करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन 700 कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर उन्हें सस्पेंड किया गया है, उन्हें बहाल किया जाए वहीं पूरे प्रदेश में करीब एक हजार कर्मचारी जेलों में बंद है, उन्हें बाहर निकालकर उनके केस खत्म किए जाएं और जो प्राईवेट बसें सरकार लेने की बात कर रही है, उसकी जगह नई बसें बेड़े में शामिल करके कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल से जहां सरकार के राजस्व की हानि पहुंच रही है वहीं लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसलिए सरकार को चाहिए कि जल्द ही कर्मचारियों की सभी मांगें मानकर उनकी हड़ताल खत्म करवाएं।  नागर ने कर्मचारियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि अगर भाजपा सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो प्रदेश में कांग्रेेस सरकार आने पर पहली कलम से उनकी सभी मांगें पूरी की जाएंगी। धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए विधायक उदयभान ने भी भाजपा सरकार पर जमकर आरोप लगाते हुए कहा कि यह ऐसी पहली सरकार है, जिसमें कर्मचारियों को अपने हक मांगने पर जहां लाठियों से पीटा जाता है इसके चलते आज प्रदेश में कर्मचारी सडक़ों पर आकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर है।   उन्होंने कहा कि सरकार के इन सभी कृत्यों का समय पर आने पर मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। वहीं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव कुमारी शारदा राठौर ने भी भाजपा सरकार को कर्मचारी विरोधी करार देते हुए कहा कि यह सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए कर्मचारियों के हकों पर कुठाराघात कर रही है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन सिंगला व  नीरज शर्मा ने भी धरने पर बैठे कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराया।  सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए दमन एवं उत्पीडऩ के बावजूद सफल हड़ताल के लिए रोडवेज के कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि एस्मा, गिरफ्तारी एवं बल प्रयोग के बावजूद सभी डिपो में कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे और वास्तव में रोडवेज के कर्मचारी जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं, किन्तु सरकार निजी ट्रांसपोर्टरज को लाभ पहुंचाने के लिए प्राइवेट बसें चलाने पर अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी बसों से न केवल आम यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सेवा मिलती है, बल्कि  इसके चलते लाखों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करना संभव हुआ है, उन्होंने सरकार से  हड़ताली कर्मचारियों से बात  करके निजीकरण का फैसला वापस लेने और सभी प्रकार की उत्पीडऩ एवं दमन की कार्यवाहियों को वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर नरेश कुमार शास्त्री, अशोक कुमार, महेंद्र सिंह, निरंतर पराशर,बेचु गिरी,लाल बाबू शर्मा, युद्धवीर सिंह खत्री, कृष्ण अत्री, सुनील चिंडालिया, सुनील खटाना, बलबीर सिंह बालगुहेर सहित अनेकों कर्मचारी नेता मौजूद थे। 
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हरियाणा प्रदेश के बिजली विभाग में प्रादेशिक बिजली कर्मचारियों की एक अरसे से निगम में पेन्डिंग पड़ी माँगों को लेकर हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन काफी संघर्षरत है व कर्मचारियों की इन मुख्य माँगों के प्रति संगठन द्वारा घोषित प्रदर्शनों श्रृंखला में के दौर के प्रदर्शन किये गये जिनमे सबडिवीजन स्तर से लेकर जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार को अवगत भी कराया गया किन्तु सरकार के कानों पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर जूं नही रेंगी । जिसके विरोधस्वरूप प्रदेश के हज़ारों बिजली कर्मचारीयों ने एकमत होकर केंद्रीय कमेटी के तत्वाधान में यह फैसला लिया कि हरियाणा कर्मचारी महासंघ का समर्थन पहले से ही रोडवेज तालमेल कमेटी को है और अब प्रदेश का बिजली कर्मचारी भी अपनी हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर रोडवेज के मानसम्मान की लड़ाई में कन्धे से कन्धा मिलाकर मैदान में उतर आया है और बिजली बोर्ड की हड़ताल को भी रोडवेज के कर्मचारियों के साथ करने को बाध्य हुआ है यदि प्रदेश सरकार आज कर्मचारियों की जायज मांगों को तत्परता से नही मनती व यूनियन से बात नही करती है तो प्रदेश में ब्लैक आउट होने स्वभाविक है यह बिजली कर्मियों की यह हड़ताल जो कि आज रात से जारी कर दी जायेगी और कहा कि जब तक मुख्यमंत्री रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समाधान नही करते बिजली वालों की हड़ताल भी जारी रहेगी । आज बल्लभगढ़ रोडवेज पर सत्ता विपक्ष ने भी बिजली कर्मचारियों व रोडवेज के कर्मचारियों का समर्थन किया है जिसमे काँग्रेस से विधायक ललित नागर, विधायक उदयभान, पूर्व संसदीय सचिव कुमारी शारदा राठौर, वरिष्ठ काँग्रेसी नेता लखन कुमार सिंगला, एनएसयूआई से छात्रसंघ प्रधान कृष्ण अत्रि आदि नेताओं ने कर्मचारियों के समर्थन में रोडवेज डीपो पर पहुँचे जिसमे विधायक ललित नागर ने सरकार पर आरोपों की झड़ी लगते हुए कहा कि प्रदेश की यह झूठी सरकार जिसने सिर्फ और सिर्फ प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को झूठे वायदे ही किये हैं ना कि उन्हें पूरा करने का कोई भी एक वादा किया हो जिसके विरोध स्वरूप आज प्रदेश का कर्मचारी इस सरकार से त्रस्त है व भाजपा के मंत्री इन महकमों को अपने चहेते मंत्रियों के बहकावे में आकर इन सरकारी विभागों का बंटाधार करने पर तुली है यह सभी विभाग आमजन की सुविधाओं के लिये बनाये गये थे ना कि बनिये की दुकान समझ इन नेताओं ने इन्हें व्यापार में लाना चाहती है यह सरकार पूंजी पतियों की सरकार बन कर राह गई है इन्हें कर्मचारी, आम नागरिक, किसान, छात्र, मजदूर के हित से कुछ लेना देना नही सिर्फ और सिर्फ निजीकरण कर सरकारी तंत्र को लूटने में लगी है और कहा कि हम आपसे वायदा करते हैं प्रदेश में हमारी सरकार आने पर हम युवाओं को रोजगार, विभागों के निजीकरण पर पूर्णत प्रतिबंध लगाने का काम करेंगे ।और ये विश्वास दिलाते हैं किसी भी कर्मचारी का शोषण नही होने दिया जाएगा जो आज यह प्रदेश की भाजपा की खट्टर सरकार कर रही है । जो निजी हाथों में इन विभागों को थोपने का काम कर भाजपा के मंत्री अपनी खुद की बसें रोडवेज के बेड़े में लाकर मुनाफे के लिये 720 बसों का किलोमीटर स्कीम लेकर इन कर्मचारियों के पेट पर लात मार रही है जिसमे फरीदाबाद के भाजपा मंत्रियों, सांसदों के रिश्तेदारों की खुद बसें अब भी मथुरा, पलवल व अन्य जिलों अथवा राज्यों में इस सरकार की मिली भगत से रोडवेज के ही रंग लेप कर फर्जी तौर से फिलहाल चल रही हैं जिन्हें मैंने पहले भी संसद सत्र के मानसून में मुद्दा उठाया था । उन्होंने बताया कि बिजली कर्मचारियों अपनी जायज माँगों को लेकर आज टूल व पेन डाऊन करने पर विवश हो गए सरकार के खोखले वायदों से कहीं ऐसा ना हो कि प्रदेश सरकार को काली दिवाली मनानी पड़ेगी । आगे त्यौहारों का मौसम है प्रदेश का बिजली कर्मचारी आमजन में अशांति फैलाना नही चाहता है लेकिन सूबे की वायदा रहित भाजपा सरकार व बिजली निगम के आला अधिकारी प्रदेश के बिजली कर्मचारीयों की जायज माँगे को ना मानकर आंदोलन करने और सड़कों पर उतरने के लिये इन्हें मजबूर कर रहे हैं । प्रदेश सरकार व बिजली निगम अपने कर्मचारियों के धैय की परीक्षा ना ले अन्यथा कर्मचारियों की यह परीक्षा इन्हें काफी महँगी पड़ सकती है । बिजली कर्मचारी यूनियन के साथ बिजली निगम एवम सरकार के इसी अवरोध के चलते प्रदेश में हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन की राज्यव्यापी हड़ताल को कहीं काले दिवस में तब्दील ना कर दे इसके लिये कर्मचारी यूनियन के शीर्ष नेतृत्व से जल्द बात करे और यदि कर्मियों की जायज माँगों के अनुरूप अभी भी सरकार नही चेतती है तो हड़ताल का सामना करने के लिये तैयार रहें इस बार बिजली कर्मचारी पीछे नही हटेगा चाहे इसके लिये यह हड़ताल अनिश्चितकालीन ही क्यों ना करनी पड़े । इस विरोध प्रदर्शन में कर्मबीर यादव, जयभगवान अंतिल, मदनगोपाल, राजबीर, शेरसिंह, बृजपाल तँवर, बलबीर कटारिया, विनोद शर्मा, मौजेलाल, पन्नलाल, सुधीर कौशिक आदि हजारों कर्मचारी मौजूद रहे ।

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