Tuesday, October 23, 2018

निर्विरोध चुनाव लडकर आकांक्षा ने नेहरू कॉलेज छात्रसंघ में हासिल किया उपाध्यक्ष पद

Akansha wins in the Nehru college student wing, unopposed election

फरीदाबाद(abtaknews.com)हौंसलों की उड़ान अगर मजबूत हो तो कोई भी मंजिल आपसे अछूती नहीं रह सकती। यह कहावत साकार करके दिखाई है सैक्टर 16 ए स्थित नेहरू(सरकारी कॉलेज) कॉलेज की छात्रा आकांक्षा ने। अपने मजबूत इरादों के दम पर बिना किसी सहारे के आकांक्षा ने कॉलेज छात्रसंघ में अपने दमदार प्रदर्शन से उपाध्यक्ष का पद हासिल करने में सफलता हासिल की।  हैरत की बात है कि जहां एक ओर कई युवा उम्मीदवार राजनैतिक दलों के सहारे चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे थे, वहीं आकांक्षा ने निर्दलीय तौर पर चुनाव लडऩे का फैसला किया और हैरत की बात है कि वह उपाध्यक्ष के पद पर निर्विरोध जीतने में सफल भी रही।  मूलरूप से गांव मांदकौल की रहने वाली आकांक्षा आरंभ से ही मजबूत इरादों की राह पर चल रही है। एनसीसी नेवेल कैडेट में कप्तान के तौर पर आकांक्षा ने अपनी जिम्मेदारी का सफलता से निर्वाह किया है। आकांक्षा के पिता अजय कुमार डागर पेशे से वकील हैं तो उनके दादा रामचंदर इंडियन आर्मी में थे।  आकांक्षा ने हमेशा से ही कठिन रास्ते पर चलकर सफलता हासिल करने में विश्वास किया है।  यही वजह है कि नेहरू कॉलेज के चुनाव में भी उसने अपने दम पर सफलता हासिल करने का निर्णय लिया। चुनाव जीतने के बाद उपाध्यक्ष बनीं अकांक्षा ने बताया कि वह अपने कॉलेज व साथी छात्रों के हितों के लिए बहुत काम करना चाहती है। मु य तौर पर मैगपाई के सामने कॉलेज के छात्रों के लिए एक क्रासिंग ब्रिज बनवाना चाहती है। आकांक्षा का कहना है कि  इससे उन्हें बहुत सहूलियत होगी। वह कॉलेज प्रबंधन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपने साथियों की सभी समस्याओं का समाधान करवाना उनका प्रमुख उद्देश्य है। अकांक्षा का कहना है कि वह अपने दादा की भांति इंडियन आर्मी में जाना चाहती हैं।


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