Sunday, October 14, 2018

धर्म के नाम पर राजनीति व्यर्थ, सभी मिलकर मनाएं दशहरा : डॉ. राधा नरुला

फरीदाबाद(abtaknews.com) : फरीदाबाद धार्मिक एवं सामाजिक संगठन की चेयरपर्सन डॉ. राधा नरुला ने दशहरे के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर पर कब्जा करके बैठे राजेश भाटिया लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उक्त वक्तव्य उन्हांने दशहरा ग्राउण्ड स्थित फरीदाबाद सामाजिक एवं धार्मिक संस्था के कार्यालय पर आयोजित प्रैसवार्ता में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहे। प्रैसवार्ता में उनके साथ दशहरा मनाने को लेकर बनाई गई कमेटी के सदस्य जोगेन्द्र चावला, कंवल खत्री, प्रकाश लखानी, अमरनाथ भाटिया, राधेश्याम चेयरमैन, सुंदरलाल चुघ, जयपाल शर्मा, रामकुमार तिवारी, चुन्नीलाल चावला, रिंकल भाटिया, लोकनाथ अदलखा, बसंत गुलाटी, आदि मौजूद थे। डॉ. राधा नरुला ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि हर बार की तरह इस बार भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा और प्रशासन की देखरेख में इसका आयोजन होगा। उन्हांने बताया कि इस बार बन्नूवाल बिरादरी द्वारा डांडिया स्पेशल दशहरे का मुख्य आकर्षण होगा। जिसमें केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, स्थानीय विधायक सीमा त्रिखा एवं मेयर सुमनबाला मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में वी के मलिक, बी आर भाटिया, रामशरण भाटिया, एच के बत्रा, संजय मक्कड़ एवं गुलशन भाटिया उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीर जगन्नाथ करेंगे। राधा नरुला ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर एवं श्रीमती सीमा त्रिखा को बेवजह उछाला जा रहा है, जबकि इसमें उनका कोई रोल ही नहीं है। दशहरा को लेकर विवाद पिछले 8 सालों से चल रहा है, जब सत्ता में कांग्रेस सरकार थी। 
प्रैसवार्ता में फरीदाबाद सामाजिक एवं धार्मिक संगठन के प्रधान जोगेन्द्र चावला ने राजेश भाटिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हांने दशहरे को अपना व्यापार बना लिया है और जब किसी के व्यापार पर कुठाराघात होगा तो उनको दर्द होना लाजिमी है। उन्हांने राजेश भाटिया को सलाह दी कि धर्म के नाम पर व्यवसाय नहीं करना चाहिए, क्यांकि इससे हजारां-लाखों लोगों की आस्थाएं जुड़ी होती हैं। उन्हांने कहा कि दशहरा को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है, मगर फरीदाबाद सामाजिक एवं धार्मिक संगठन ने हमेशा प्रशासन के दायर में रहकर काम किया है। जो दशहरा संगठन 6 लाख रुपए में मना रहा है, उसको मनाने के लिए राजेश भाटिया 60-70 लाख रुपए उगाही करता है और दुकानदारां की जेबों पर डाका डाल रहा है। प्रशासन ने उनकी इस अवैध कमाई पर पाबंदी लगा दी है, इसलिए वह बौखलाए हुए हैं। चावला ने कोर्ट ऑर्डर की कॉपी दिखाते हुए कहा कि कोर्ट ने स्वयं माना है कि जो व्यक्ति संस्था का सदस्य ही नहीं, वह प्रधान कैसे हो सकता है। राजेश भाटिया ने सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर पर जबरन कब्जा किया हुआ है। उन्हांने कहा कि दशहरे में बाधा डालने वाले असमाजिक तत्वां पर प्रशासन सख्त कार्यवाही करेगा।

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