Sunday, October 28, 2018

हरियाणा में अब तक के सबसे कमजोर मुख्यमंत्री साबित हुए है मनोहर लाल : संजय भाटिया

Manohar Lal has proved to be the weakest Chief Minister till date: Sanjay Bhatia
फरीदाबाद(abtaknews.com)फरीदाबाद व हरियाणा की शान और हमारी राष्ट्रीय धरोहर राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम को खंडहर में तब्दील करने में पूर्व व वर्तमान खट्टर सरकार का हाथ है। उक्त उद्गार पूर्व हरियाणा रणजी क्रिकेटर व आलोचक संजय भाटिया ने कहे। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार से भी दो कदम आगे निकलते हुए खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार, जो खेलों व खिलाडिय़ों के उत्थान की बात करती है, को खस्ताहाल स्टेडियम के पुननिर्माण में एक ईट भी लगाना तो दूर बल्कि अपने व राज्यपाल के हैलीकॉप्टर स्टेडियम में उतारकर खिलाडिय़ों व खेल प्रेमियों के जले पर नमक छिडक़ने का काम कर रही है। इससे भी दुखद यह है कि सरकार के एमपी, मंत्री व विधायक चुपचाप इस अति निंदनीय कार्य को होते हुए देखकर भी कुछ नहीं बोल पा रहे है। मौजूदा सरकार का कोई भी बड़ा व छोटा नेता स्टेडियम की बदहाली को लेकर एक भी शब्द बोलने को तैयार नहीं है। जहां एक तरफ खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खेल व खिलाडिय़ों के उत्थान की बात करते है वहीं अपने बदहाल स्टेडियम को नजरअंदाज करके शहर की एक निजी क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन करने तो चले जाते है, लेकिन स्टेडियम की बदहाल दशा को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। श्री भाटिया ने कहा कि वह किसी भी निजी क्रिकेट अकादमी के खिलाफ नहीं है परंतु मुख्यमंत्री का अपने घर में बने खंडहर बने स्टेडियम को देखने की सुध तक नहीं है। जहां एक तरफ हरियाणा क्रिकेट संघ की गंदी राजनीति का शिकार हमारा यह स्टेडियम सन् 2006 के बाद अंतर्राष्ट्रीय मैच तो दूर जिलास्तर के मैचों के लिए भी तरस रहा है वहीं हरियाणा क्रिकेट संघ के घोटालों के खिलाफ जो विजिलेंस इंक्वायरी सरकार द्वारा चल रही है, उसमें अब लगता है कि सरकार ने उसे भी अब ठंडे बस्ते में डाल दिया है। यही सबसे बड़ा कारण है कि हरियाणा क्रिकेट के सर्वेसर्वा अपनी खुली मनमानी करने पर उतारु है। एमपी चुनाव से पहले एक पत्र कृष्णपाल गुर्जर ने क्रिकेट स्टेडियम बचाओ संघर्ष समिति को लिखकर दिया था और उसमें उन्होंने लिखा था कि अगर वह एमपी बने तो स्टेडियम के पुनर्निमाण के लिए अपना हरसंभव प्रयास करेंगे परंतु अफसोस अभी तक उन्होंने स्टेडियम की बदहाली को दूर करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया। दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बुलाकर एक सेलिब्रेटी मैच करवाकर वाहवाही लूटने वाले तब के विधायक व अब के उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने भी इस स्टेडियम को सिर्फ व सिर्फ राजनीति के लिए उपयोग किया, उसके बाद स्टेडियम के पुर्ननिर्माण के लिए कोई भी कोशिश नहीं की। पिछले साल खेल मंत्रालय के द्वारा भेजी गई 5 करोड़ की राशि जो जिला प्रशासन के पास नाहर सिंह स्टेडियम को दोबारा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के स्तर का स्टेडियम बनाने के लिए अग्रिम राशि के तौर पर भेजी गई थी, लेकिन अफसोस अभी तक उस राशि का इस्तेमाल किसी भी मद में नहीं किया गया। हमारी सब खिलाडिय़ों की मुख्यमंत्री मनोहर लाल से पुरजोर अपील है कि वह आइंदा कभी भी हमारे राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम पर अपना व किसी और का हेलीकॉप्टर न उतरने दें और क्रिकेट स्टेडियम को लेकर जो राशि भेजी गई है, उसे स्टेडियम को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के स्वरुप जो स्टेडियम बनना है, उसके लिए अमल में लाने की कार्यवाही जल्द से जल्द शुरु की जाए।

loading...
SHARE THIS

0 comments: