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Monday, October 29, 2018

फरीदाबाद के क्रिकेट खिलाड़ी ही नहीं चाहते क्रिकेट स्टेडियम का उद्धार हो : आनन्द कांत


फरीदाबाद, 29 अक्टूबर(abtaknews.com) जिला फरीदाबाद के क्रिकेट खिलाड़ी खुद ही नहीं चाहते कि राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम का या कि यहां आकर प्रशिक्षण लेने वाले खिलाडिय़ों का किसी प्रकार से भला हो, उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए बडख़ल विधानसभा की निगरानी समिति प्रमुख आनन्द कांत भाटिया ने कहा कि यदि ऐसा होता तो क्या केवल नेताओं और सरकारों को ही कोसा जाता? यह सवाल उन खिलाडिय़ों से पूछा जाना चाहिए कि फरीदाबाद के किस खिलाड़ी या क्रिकेट खेल के रहनुमा ने गत 4 वर्षों में किसी भी नेता या सरकारी नुमाइंदे से मुलाकात की और स्टेडियम के बदहाल व्यवस्था के बारे में बातचीत की। भाटिया ने आगे कहा कि सिवाय सोशल मीडिया पर चटकारे लेने और सिर्फ सरकार को बदनाम करते हुए राजनीतिक रूप देने वालों को अपने अंतर में भी झांकने की आवश्यकता है कि क्या स्टेडियम को बचाने का दायित्व केवल सरकारों का या नेताओं का है? भाटिया ने कहा कि एक आध पूर्व खिलाड़ी को छोड़ दें तो क्या आज तक किसी भी अन्य खिलाड़ी या कि कोच ने किसी प्रकार का कोई प्रयास इस संबंध में किया है? अखबारों में यदा कदा, क्रिकेट संबंधित किसी भी गतिविधि के छपने या कि स्टेडियम से संबंधित घटने के बाद केवल और केवल मुद्दा बनाने के सिवा कुछ किया है किसी खिलाड़ी ने? आज खिलाडय़िों का झुकाव क्रिकेट जैसे महान खेल के निजीकरण पर केन्द्रित हो कर रह गया है, यदि ऐसा ना होता तो गत 4 वर्षों में किसी एक खिलाड़ी ने तो मौजूदा सरकारों के साथ किसी प्रकार का पत्राचार या वार्तालाप किया ही होता और फरीदाबाद की शान राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम के लिए घोषित धनराशि का ब्योरा ही प्राप्त किया होता! किसी भी खिलाड़ी ने प्रशासन से यह तक नहीं पूछा कि पहली किश्त के रूप में आए पैसों की वस्तुस्थिति क्या है। भाटिया ने कहा कि भाजपा सरकारें आज भी खेलों और खिलाडिय़ों के प्रति पूरी तरह संजीदा हैं, केवल अपनी बात उन तक सही तरह से पहुंचने भर की देरी है।

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