Thursday, October 25, 2018

काम काज में सबसे न्यारा म्हारा हरयाणा, नये कीर्तिमान लिखता म्हारा हरियाणा



चंडीगढ़ (अंशुल गर्ग) हरियाणा का वैदिक काल से ही एक गौरव शाली इतिहास रहा है। यह राज्य भरतवंश के शासकों का स्थान रहा है, जिनके नाम पर देश का भारत नाम दिया गया। महाभारत में  हरियाणा का उल्लेख है। कुरुक्षेत्र,में कौरवों व पांडवों के बीच महाभारत का युद्ध हुआ, कुरुक्षेत्र में है। हमारे यहां के लोग दुनिया में सबसे अलग है, जो कहते है वही करते है।  चार साल पूरे हो रहे हरियाणा की मनोहर सरकार ने बीते चार साल में कर दिखाया है।  26 अक्तूबर 2014 को मनोहर लाल  ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेते ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन प्रदान करने के लिए जीरो टालरेंस की निति अपनाई। जिसके तहत आज हरियाणा में  32 फीसदी भ्रष्टाचार कम हुआ है। साथ ही सरकारी काम को असर कारी  बनाया है। भ्रष्टाचार को कम करने के साथ ही व्यवस्था परिवर्तन भी किया है।  भौगोलिक एवं प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने और प्रशासन एवं जनता के बीच अंतर को पाटने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं।  
हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में भाजपा सरकार को गठित हुए चार साल पूरे हो चुके है।  मनोहर के राज में पहली बार प्रदेश में मेरिट के आधार पर नौकरियां मिली है। शासन में भ्रष्टाचार पर रोक लगी है। जिन चुनावी वायदों पर जनता ने भाजपा पर भरोसा किया था। उन्हें मूर्त रूप देकर सरकार ने आम लोगों का जीवन सुखमय बनाया है। इसलिए सरकार को ऐसी नीतियां बनानी थी, जिससे लोगों को यह आभास लगे कि चंडीगढ में बैठी हुई सरकार उनकी अपनी सरकार है। यह कार्य आसान नहीं था। लेकिन, चार साल में सरकार ने चरणबद्व तरीके से विभिन्न योजनाओं को घरातल पर उतारा है। उनकी चर्चाएं आज चौपाल से लेकर गली-मुहल्ले तक है। सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के साथ नई व्यवस्थाएं भी खडी की है। पहली बार लोगों को सरकारी काम असरकारी तरीके से होता दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाकर मनोहर सरकार ने दूसरे राज्यों की तुलना में ज्यादा वाहवाही लूटी है। 
सर्वप्रथम वर्तमान सरकार आम लोगों में यह संदेश देने में सफल हुई है कि सरकारी नौकरी के लिए सिर्फ और सिर्फ योग्यता ही एकमात्र पैमाना है। पूरानी सरकारों में एक मंत्री व विधायक की ताकत और प्रभाव का पैमाना होता था कि वह अपने क्षेत्र से कितने युवाओं को नौकरी और तबादले कराएं। इस कुव्यवस्था से आम आदमी नाराज था। सबसे पहले भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म किया और बिना सिफारिश 25 हजार से ज्यादा युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरियां दी। जिसके कारण आज युवाओं का सरकार में भरोसा बढा है। पिछले साल सरकार ने एक कदम और बढाते हुए ग्रुप सी व डी की नौकरियों में इंटरव्यू भी खत्म कर दिया है। युवाओं को परंपरागत नौकरियां से हटाकर सरकार अब उनकी कौशल विकास पर ध्यान दे रही है। प्रदेश में खोले गए कौशल केंद्रों से करीब 70, 368 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। कौशल युक्त युवा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए वरदान सिद्व हो रहे है। बेरोजगार भत्ते के नाम पर युवाओं को  युवाओं को अकर्मण्य बनाने की बजाय प्रदेश सरकार ने युवाओं को सक्षम बनाने की तरफ ध्यान दिया। जिसके फलस्वरूप करीब 41 हजार से अधिक युवाओं को 9000 रूपये का मानदेय बनाकर 100 घंटे काम दिया गया। तबादलों के नाम होते भ्रष्टाचार पर सरकार ने अंकुश लगाते हुए 
आॅनलाइन नीति को अपनाया और 62 हजार 347 अध्यापकों को मनचाहे स्टेशन देकर एक स्थाई व्यवस्था खडी की। यह नीति आज दूसरे राज्यों के नाजिर बनी है।  प्रदेश हरियाणा के दो जिले स्मार्ट सिटी शहर तैयार किए जाएंगे जो हर सुविधाओं से लैस होंगे। इस योजना में शामिल होने के लिए हरियाणा की ओर से चार जिलों फरीदाबाद, गुड़गांव, पानीपत और अंबाला का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन केन्द्र सरकार ने हरियाणा में केवल दो स्मार्ट सिटी शहर बनाने को मंजूरी दी है। फरीदाबाद उसमें से एक है। आज मनोहर राज में यहां पर उसी तर्ज पर विकास हो रहा है।  
 हरियाणा कोयला और पानी जैसे संसाधनों से महरूम प्रदेश है। इसके बावजूद आज प्रदेश सरकार छह जिलों के करीब 2380 गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती है। मुफ्त गैस कनेक्शन देकर सरकार ने 3 लाख 25 हजार महिलाओं को चुल्हे के धुंए से मुक्ति दी है। आज प्रदेश देश का पहला कैरोसिन मुक्त बना है। महिला सशक्तिकरण के नारे को सरकार ने न सिर्फ घरातल पर उतारा। बल्कि विभिन्न कानून बनाकर महिलाओं को सुरक्षा का आभास भी कराया। आज महिलाओं के लिए हर जिले में महिला थाना है, जहां वे अपनी शिकायतें बेझिझक दर्ज करा सकती है। पीएनडी एक्ट में बदलाव किए बिना हरियाणा सरकार ने करीब 35 हजार कन्या को गर्भ में मरने से बचाया। फलस्वरूप तीन दशक बाद प्रदेश का लिंगानुपात 931 तक पहुंचा है। 
इन चार सालों में प्रदेश सरकार के जहन में किसान सदा रहा। जहां कृषि बजट में रिकार्ड बढ़ोतरी की गई। वहीं, प्राकृतिक आपदा के दौरान किसान 12-12 हजार रूपये प्रति एकड के मुआवजे की मदद भी की गई। साथ ही किसानों को फसल बीमा योजना अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस योजना से 4 साल में 5 लाख किसानों को 3600 करोड रूपये खाते में आए। किसानों की आमदनी दुगुनी करने के उददेश्य से सरकार के प्रयास से प्रदेश में 46 लाख किसानों ने साॅयल हेल्थ कार्ड बनाए। जिसकी बदौलत आज किसान फसलों की पैदावार बढाने को लेकर जागरूक हुआ है। किसान को मार्केट रिस्क से मुक्त करने के लिए पहली बार प्रदेश में सरकार ने सब्जियों के दाम फिस्क किए। भावांतर भरपाई योजना से 8 लाख किसान लाभांवित हो रहे है। वर्षों पूरानी मांग को मानते हुए सरकार ने बाजरे, मूंग, सरसों, व सूरजमुखी की सरकारी खरीद भी शुरू की। सालों से सूखी पडी 1350 टेलों तक पानी पहुंचाना, किसानों के लिए वरदान से कम नहीं है। शिक्षा क्षेत्र में हुए व्यापक परिवर्तन भी मनोहर सरकार की बडी उपलब्धि है। पिछले चार साल में 44 नए सरकारी काॅलेज खोलकर हर युवा को उच्च शिक्षा की तहलीज तक सरकार ने पहुंचाया है। विशेषतौर पर लडकियों के लिए 29 काॅलेज, किसी महिला शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। पिछले 22 साल से राजनैतिक पार्टियों के चुनावी घोषणा-पत्र का हिस्सा रही छात्र संघ चुनाव कराकर सरकार ने युवा राजनीति को नई धार दी है। पढ़ी-लिखी पंचायत का सपने को क्रियान्वित कर सरकार ने अपने दृढ़ संकल्प को दृशाया है। यह सुधार स्वच्छ, शिक्षित और सामाजिक दृष्टिकोण रखने वाले राजनैतिक नेतृत्व के एक नये युग का सूत्रपात है। जिसका व्यापक असर अब दिखाई देने लगा है। हरियाणा सरकार की दूरगामी सोच के कारण सर्वोच्च न्यायालय ने कानून की सराहना की और कहा कि दूसरे राज्य भी इसका अनुसरण करें। आज प्रदेश के गांव में अनपढ़ व्यक्ति पंचायत का संचालन नहीं करता। बल्कि बीए, बीएड, एमए पास नौजवान पंचायत की अगुवाई करता है। जिसके कारण विकास कार्यों ने तेजी पकड़ी है। राशन वितरण में धांधलेबाजी किसी से छिपी नहीं है। इस धांधली पर लगाम लगाकर सरकार ने ईपीडीएस सिस्टत को अपनाया और एक करोड 8 लाख लोगों का अधिकार सुनिश्चित किया। 
व्यवस्था परिवर्तन के साथ भाजपा सरकार ने नई व्यवस्थाएं खडी कर रही है। सीएम विंडो की स्थापना कर सरकार ने आम आदमी को सीएम आॅफिस पहुंचने का हक दिया। बिना किसी खर्चें के करीब 4 लाख लोगों ने शिकायतों का निवारण होना, एक बडा अनोखा काम है। लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए सरकार ने जहां 9 जिलों में अंत्योदय भवन स्थापित किए। जिनके माध्यम से 281 सेवाएं आॅनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही है। दुर्गा अभियान की शुरूआत सरकार ने प्रदेश की मातृृशक्ति को पर्याप्त सुरक्षा देने की पहल की। साथ ही मासूम बच्चियों से बलात्कार करने वाले अपराधियों को फांसी की सजा मिले। इसके लिए मनोहर सरकार ने हरियाणा क्रिमिनल लाॅ बिल 2018 लाई। ताकि अपराधियों को जल्दी से जल्दी सजा मिल सकें और ऐसे कुकृत्य पर रोक लग सकें। 1975 की इमरजेंसी के दौरान पीडितों, 1957 के हिन्दी आंदोलकारियों, पत्रकारों को 10 हजार रुपए मासिक पेंशन व 5 लाख रुपए का कैशलेस मेडिकल बीमा की सुविधा देकर मनोहर सरकार ने नई योजना का आगाज हुआ है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। वे अक्सर कहते है कि यह सरकार जनता की है। इसलिए सरकार ने कभी न हलकों में कोई भेद किया, न विकास के नाम पर कोई भेदभाव। पहली बार किसी सकार ने पूरे प्रदेश में समान विकास की नई इबादत रखी। इसलिए कहा जा सकता है कि 2014 का विधानसभा चुनाव सिर्फ एक राजनैतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि नए युग का सूत्रपात था। 
हरियाणा ने तेजी से आधुनिकता को अपनाया है;  आज, रिकार्ड समय के भीतर हरियाणा ने अपने सभी गांवों को बिजली, सड़कों और पीने योग्य पानी से जोड़ा है। आज भारत के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है, जो मनोहर लाल  परिश्रम से ही फलित हो पाया है। जिसे लोग महसूस करने लगे है। इन चार सालों में भाजपा सरकार को लेकर आम समाज में दो धारणाएं बनी है। पहली धारणा मुख्यमंत्री की ईमानदारी को लेकर बनी है। अधिकांश लोगों का मत है कि मुख्यमंत्री सरल और ईमानदार व्यक्ति है।    

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