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Tuesday, September 25, 2018

फरीदाबाद नगर निगम कर्मचारियों की 21 सितंबर से शुरू हुई भूख हड़ताल समाप्त


Faridabad municipal corporation employees begin strike on September 21
फरीदाबाद,25 सितंबर(abtaknews.com)शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंत्री के कविता जैन के साथ 24 मई को हुए समझौते को लागू न करने खिलाफ नगर निगम कर्मचारियों की 21 सितंबर से शुरू हुई भूख हड़ताल का मंगलवार को समापन हो गया। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने भूख हड़ताल के समापन पर बोलते हुए कहा कि सरकार ने 2 अक्टूबर तक 24 मई को तीन मंत्रियों की कमेटी के साथ नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के हुए समझौते को लागू नही तो शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 32 हजार कर्मचारी 3 अक्टूबर से तीन दिवसीय  हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदेश एक बार फिर कुड़े के ढेर में बदला तो इसके लिए पुरी तरह सरकार जिम्मेदार रहेगी। भूख हड़ताल की अध्यक्षता रधबीर चौटाला ने की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की तीन दिवसीय हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया और सरकार द्वारा 24 मई के समझौते को लागू न करने की वादाखिलाफी की घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार हड़तालों एवं आन्दोलन को रोकने के लिए एस्मा जैसे काले कानून को लागू कर रही है। जिसमें उसे भारी निराशा ही हाथ लगेगी। उन्होंने हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की तालमेल कमेटी द्वारा निजीकरण के खिलाफ  16-17  अक्टूबर को होने वाली प्रदेशव्यापी हड़ताल का भी पुरजोर समर्थन करने का ऐलान किया। कर्मचारियों को कर्मचारी नेता सुनील चिंडालिया,नानक चंद खरालियां, गुरचरण खाडियां, बलबीर सिंह बालगुहेर, सोमपाल झंझोटियां आदि उपस्थित थे।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने आरोप लगाया कि 16 दिन की हड़ताल के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंत्री कविता जैन की अध्यक्षता में गठित तीन मंत्रियों की कमेटी व नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बीच 24 मई को हुए समझौते को लागू न करके सरकार ने कर्मचारियों को पुनः हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने हरियाणा सरकार पर वायदाखिलाफी व तानाशाही का आरोप लगाते हुए बताया कि भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में सफाई कर्मचारियों सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा समाप्त करने व न्यूनतम वेतन 15 हजार रूपए करने का वायदा किया था। लेकिन सरकार ने किए गए वायदों को पूरा नहीं किया इसलिए प्रदेश की पालिका कर्मचारियों को 16 दिन राज्यव्यापी हड़ताल करनी पड़ी। सरकार ने हड़ताल समाप्त कराने के लिए कैबिनेट मंत्री कविता जैन की अध्यक्षता में राज्य मंत्री कृष्ण बेदी व मनीष ग्रोवर की तीन सदस्य कमेटी बनाई थी। 24 मई की वार्ता में इन तीनों मंत्रियों ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग से सीवर, सफाई सहित फायर व अन्य तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का ठेका प्रथा समाप्त करने, ईपीएफ व ईएसआई का पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा करने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी बहाल करने सहित एक दर्जन मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने मानी हुई मांगों को ईमानदारी से लागू नहीं किया। इसलिए प्रदेश की पालिकाओं, परिषदों व निगमों के 32 हजार कर्मचारी एक बार फिर 3, 4 व पांच अक्टूबर को तीन दिवसीय हड़ताल करनेे को मजबूर है।  उन्होंने कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा हड़ताल करने से पहले एक बार फिर समझौते में शामिल शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन, राज्य मंत्री कृष्ण बेदी, मनीष ग्रोवर व सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन राम अवतार बाल्मीकि को ज्ञापन देकर संघ व सरकार के बीच 24 मई को हुए समझौते को लागू करवाने की अपील करेगा।

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