Breaking

Sunday, August 12, 2018

अंग्रेजों की कुटिल चाल, कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति के फलस्वरूप हुआ देश का विभाजन अप्राकृतिक, निंदनीय

The British's crooked move, the result of the Congress's appeasement policy, the partition of the country was unnatural, malicious

फरीदाबाद-12 अगस्त(abtaknews.com) अंग्रेजों की कुटिल चालमुस्लि लीग के द्विराष्ट्रवाद के सिंद्धांत एवं कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति के फलस्वरूप 14 अगस्त 1947 को देश का विभाजन हुआ जो पूर्णतया अप्राकृतिक थानिंदनीय था | दुर्भाग्य से कुछ लोगों द्वारा भारत विभाजन को एक स्थापित सत्यमान लिया गया है | उन लोगों के दिलों से यह भाव निकालना होगा | जिस तरह स्वाधीनता से पहले प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए स्वाधीनता की भावना प्रेरणा का मुख्य स्रोत हुआ करती थी उसी तरह स्वाधीनता के बाद अखण्ड भारत का स्वप्न प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिएप्रेरणा का मुख्य स्रोत होना चाहिए और इस स्वप्न को साकार करने के लिये उसको सतत् प्रयासरत रहना चाहिए। तभी भारतवंशियों का अखंड भारत का स्वप्न साकार होगा  और यह एक दिन होकर रहेगा |
उक्त विचार आज फरीदाबाद में नगर निगम सभागार में सर्व इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित कवि सम्मलेन के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के क्षेत्र कार्यवाह श्री सीताराम व्यास ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए व्यक्त किये |

उन्होंने कहा कि भारत विभाजन तत्कालीन नेतृत्व की एक ऐतिहासिक भू थी | एक लम्बे संघर्ष तथा अनगिनत वीरों के बलिदान के बाद आजादी तो मिली लेकिन खंडित आजादी मिली | और कुछ लोग आज भी भारत राष्ट्र के टुकड़े करने के लिए प्रयासरत हैंलेकिन उनका यह सपना  कभी पूरा नहीं हो सकता क्योंकि अब देश का युवा जागृत हो चुका है | यदि देश का युवा अखंड भारत के स्वप्न को मन में संजोकर राष्ट्रनिर्माण के लिए खड़ा होगा तो  केवल भारत सर्वांगीण विका के मार्ग पर अग्रसर बल्कि भारतफिर से अखंड भारत होगा और हम विश्व का नेतृत्व करने में सक्षम होंगेइसमें संदेह नहीं |  
इस अवसर पर महान एवं क्रन्तिकारी मेजर जनरल जी डी बक्शी ने कहा कि हमने 1971 में मात्र 13 दिनों में पाकिस्तान के 93000 सैनिकों को सरेंडर करने पर विवश कर दिया था | आज युवाओं में वीर रस की सख्त आवश्यकता है | इसलिए उन्होंने उपस्थित कवियों से आह्वान किया कि युवाओं को  केवल वीर रस की प्रेरणा देकर इनमें राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत बनाने का पुनीत कार्य करें | 

उन्होंने कहा कि कुछ लोग सेना के जवानों पर पत्थर फेंकते हैं, दि रात सेना को कोसते हैं, कुछ लो वंदे मातरम् का भी विरोध करते हैं, यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्तनहीं किया जा सकता | भारतीय सेना का सम्मान करना प्रत्येक भारतवासी का प्रथम कर्तव्य है |
कायर्क्रम में मुख्यअतिथि के रू में परम वीर चक्र विजेता सूबेदार  योगेंद्र यादवकेंद्रीयराज्यमंत्री  कृष्ण पाल गुर्जरविधायिका सीमा त्रिखा उपस्थित थे | कार्यक्रम कीअध्यक्षता समाजसेवी एवंउद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल ने की | राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में वीर रस के कवि जगदीश सोलंकीदिनेश रघुवंशीसत्यपाल त्यमकुमार मनोज,  सुमित ओरछाशरफ नानापारवी वं  वीणा अग्रवाल आदि कवियोंने  भाग लिया | 

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages