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Wednesday, July 25, 2018

हरियाणा के पुलिस अधिकारियों ने केाटपा पर लिया प्रशिक्षण, जाने तंबाकू के दुष्परिणाम

Haryana police officers conducted training on ketapa, and the consequences of tobacco go

गुरुग्राम 25 जुलाई(abtaknews.com) हरियाणा के पुलिस अधिकारियों ने तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादेां के दुष्प्रभावों को बुधवार को संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), फोर्टिस फाउंडेशन व हरियाणा पुलिस की और से पुलिस प्रशिक्षण केंद्र भोंडसी में सिगरेट एंव अन्य तबंाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003) पर तकनीकी जानकारी के लिए आयेाजित प्रशिक्षण के दौरान जाना। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर हुए इस प्रशिक्षण के बाद अब हरियाणा के सभी जिलेां के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में कोटपा एक्ट में चालान करने की कार्यवाही में तेजी लाई जायेगी, ताकि तंबाकू के बढ़ते दुष्प्रभाव को कम किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय चार पुलिसथानेां की टीम ने पुलिस अधिकारियों को केाटपा में चालान की कार्यवाही को समझाते हुए कोटपा में चालान भी काटे।
वायस आॅफ टोबेको विक्टिमस (वीओटीवी) के पैट्रन व कैंसर सर्जन डा. वेदांत काबरा ने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियेां को तंबाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए बताया गया कि तंबाकू से होने वाले कैंसर से तभी बचा जा सकता है जब हम इन पदार्थों से अपने को दूर रख सकें। इससे मानसिक और शारिरीक तनाव बढ़ता है, जो कि धीरे धीरे शरीर को नुकसान पहुचंाता है। इसलिए पुलिस की युवाअेां को तंबाकू जैसे खतरनाक जहर से बचाने में अह्म भूमिका हो सकती है। 
उन्होने कहा कि वर्तमान में कैंसर के जो रोगी बढ़ रहे है, दुःख की बात यह है कि अभी जो मरीज आ रहे है उनमें अधिकतर युवा है। जिनकी उम्र मात्र 20 साल से 35 के बीच है। हालांकि पहले इस उम्र के लोगों में कैंसर कम होता था लेकिन अब इस उम्र में यह बढ़ रहा है। यंहा जितने लोगेां में कैंसर की पहचान हो जाती है उनमें से अधिकांश एक साल के अंदर ही दम तोड़ देते है। इसलिए पुलिस यदि समय रहते इन युवाअेां को इस प्रकार के नशों से रोकेगी तो इसका संदेश समाज में जाएगा।
डा.काबरा ने बताया कि तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों में निकोटिन होता है जो कि बेहद खतरनाक होता है। इसकी लत बुरी हेाती है, इनमें केवल 5 प्रतिशत से कम लोग ही निकोटिन केा छोड़ पाते है। इसलिए हम सभी को मिलकर इसके लिए सकारात्मक ढंग से काम करना होगा। चिकित्सकेंा के साथ साथ पुलिस अधिकारियों का भी दायित्व बनता है कि वे इसे रोकने के लिए सिगरेट एंव अन्य तबंाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003) का पूरी तरह से अनुपालना करावे। जिससे कि बच्चों व युवाअेां को इससे बचाया जा सके।
Haryana police officers conducted training on ketapa, and the consequences of tobacco go

संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डा.सोमिल रस्तौगी ने बताया कि कोटपा की धारा 4, 5, 6अ, 6ब, 7 व जेजे एक्ट में किस प्रकार से कार्यवाही की जाती है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियेां को बताया गया कि यदि कोटपा में चालान की कार्यवाही को नियमित रुप से किया जाये तो भी ऐसे जहरीले उत्पादेां के सेवन व बिक्री करने वालेां की संख्या में कमी आएगी। शिक्षण संस्थाअेां के आस पास एक सौ गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इस अवसर पर संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के डा.सेामिल रस्तौगी ने बताया प्रदेश के पुलिस अधिकारियेंा को इसके लिए केाटपा एक्ट में किस प्रकार से कार्यवाही हो इसके लिए जानकारी दी गई है। इस प्रशिक्षण के बाद बाद सभी का सामूहिक प्रयास है कि आम जनता में तथा सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों का उपभोग कम हो। 

19.7 प्रतिशत लोग करतें है धूम्रपान--डॉ. सोमिल रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में 19.7 फीसदी लोग हुक्का, बीड़ी व सिगरेट का सेवन करते हैं। धूम्रपान की वजह से नोन-स्मोकर पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस हरिणाया प्रदेश में तंबाकू जनित रोगों से हर साल करीब 28 हजार लोगों की मौत हो जाती है। गंभीर चिंतन का विषय ये है कि इनमें से 10 फीसदी लोग वे हैं जो धूम्रपान नहीं करते हैं, लेकिन बीड़ी-सिगरेट पीने वाले के संपर्क में रहने के कारण रोगग्रस्त होकर मौत का शिकार हो जाते हैं।

हरियाणा में 46 लाख तंबाकू यूजर, 28 हजार की सालाना मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा प्रदेश में करीब 46 लाख लोग किसी न किसी रूप में तम्बाकू का उपयोग करते हैं। इनमें से 35.5 लाख लोग धु्रमपान (बीड़ी व सिगरेट) करते हैं। तम्बाकू जनित पदार्थों के उपयोग से कैंसर सहित विभिन्न तरह की बीमारियों से ग्रसित होने के कारण प्रदेश में सालाना अनुमानित 28 हजार लोगों की मौत हो जाती है। वहीं, लगभग 116 बच्चे रोजाना तम्बाकू पदार्थों का सेवन शुरु करते हैं।
उन्होने कहा कि सभी आधुनिक और प्रगतिशील राज्यों ने अपने नागरिकों के लिए एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए कोटपा कानून को कड़ाई से लागू किया है। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों की पुलिस ने तंबाकू की खपत को कम करने में सराहनीय भूमिका निभाई है। इस दौरान प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियेां को कोटपा एक्ट की धारा 4, 5, 6अ, 6ब, 7 व (किशोर न्याय अधिनियम) जेजे एक्ट के बारे में जानकारी दी। वंही पुलिस अधिकारियेां को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानेां पर कोटपा एक्ट में की जाने वाली कार्यवाही का प्रभावी असर सामने आता है। इसलिए पुलिस के द्वारा चलाए जाने वाले अभियान में इस कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही हो।उन्होने बताया कि शिक्षण संस्थाअेां के आस पास एक सौ गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसलिए शिक्षण संस्थाअेंा के आस पास भी इसी अभियान के दौरान कार्यवाही की जायेगी। 

संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के ट्रस्ट्री संजय सेठ ने कहा कि हरियाणा पुलिस का यह कदम सराहनीय है। इस प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारिेयों ने कोटपा के बारे में तकनीकी जानकारी ली है, जो कि इनके लिए मददगार साबित हेागी। केाटपा का प्रभावी क्रियान्वयन हो तभी तंबाकू के कारण समय से पहले होने वाली मौतों पर अंकुश लग सकेगा। इस प्रकार के प्रशिक्षण से कार्यक्षमता में वृद्वि होती है। तंबाकू मुक्त हरियाणा की मुहिम में पुलिस की यह भूमिका सार्थक सिद्व होगी।
पुलिस अधिकारियेां ने जानी चालान की कार्यवाही

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियेां ने सेक्टर सुशांतलेाक, सेक्टर 29, 40, 56 पुलिसथानेां की टीम के साथ जाकर बाजार में चालान की कार्यवाही की। इस दैारान सार्वजनिक स्थानेां पर धूम्रपान करने वालों के 100 से अधिक चालान कोटपा में काटे गए। वंही दुकानदारेंा को व सार्वजनिक स्थान पर इनका सेवन करने वालों को स्वाथ्य का हवाला देकर समझाइश भी की गई।

ये है सार्वजनिक स्थल--सार्वजनिक स्थान जैसे शासकीय कार्यालय, मनोरंजन केंद्र, पुस्तकालय, अस्पताल, स्टेडियम, होटल, शॉपिंग मॉल, कॉफी हाउस, निजी कार्यालय, न्यायालय परिसर, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, सभागृह, लोक परिवहन, शिक्षण संस्थान, टी-स्टॉल, ढाबा और अन्य सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। इन स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर 200 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रदेश के 35 पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। ये पुलिस अधिकारी यंहा से प्रशिक्षण के बाद अपने अपने पुलिस थाना क्षेत्रों में जाकर अन्य अधिकारियेां व जवानेंा को प्रशिक्षित करेंगे।हरियाणा के सभी 22 जिलों के 35 पुलिस अधिकारी, संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के जमुना प्रसाद गौतम व पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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