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Tuesday, March 27, 2018

सावधान ; बिना धुली सब्जियां बना सकती है मिर्गी रोगी : डा. रोहित गुप्ता


फरीदाबाद 27 मार्च,2018 (abtaknews.com) अपने स्वाथ्य के प्रति सचेत रहें क्योंकि  अगर आप घर में बिना धुली सब्जियां का सेवन कर रहे है तो ये आपके लिए खतरनाक हो सकती है। आपको मिर्गी का रोगी बना सकती है। यह कहना है कि सेक्टर 16ए स्थित मेट्रो अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ रोहित गुप्ता का। उन्होंने कहा कि अनधुली और कच्ची हरी सब्जियों से मिर्गी के मरीज बढ़ रहे हैं। हरी सब्जियों के उत्पादन में दूषित पानी के उपयोग से सब्जी में सिस्टीसार्कोसिस (कीड़ा) पनपता है जो इंसान के दिमाग में घुसकर मिर्गी की मुख्य वजह बनता है। 

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि जिले में मिर्गी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी वजह दूषित पानी से उगाई जाने वाली सब्जियां है। उनकी ओपीडी में हर महीने मिर्गी के 15 से 20 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिनमें सिस्टीसार्कोसिस के कारण ये बीमारी सामने आ रहे है। उन्होंने बताया कि सब्जियों को साफ धोने और पूरा पकाकर खाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मिर्गी के 60 प्रतिशत मरीज दवाई से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। जबकि 30 प्रतिशत मरीज दवाई खाने तक ठीक रहते हैं। जबकि 10 प्रतिशत मरीज दवाई खाने के बाद भी ठीक नहीं होते और ऐसे मरीजों को सर्जरी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में मिर्गी रोग के लक्षण दिखाई देते है तो उसे हल्के में न लें, रोगी को किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर को दिखाएं और मरीज का पूरा इलाज करवाएं। 

दिमाग में बन जाते हैं सफेद चकत्ते--न्यूरोलॉजिस्ट डॉ रोहित गुप्ता ने कहा कि मनुष्य की आंत में पाए जाने वाले फीताकृमि टीनिया सोलियम एक बार में 50 हजार अण्डे देता है।रोगी के दिमाग की एमआरआई व सीटी स्कैन करने पर पता चलता है कि टीनिया दिमाग में पहुंच गया है। स्कैन पिक्चर में संक्रमित क्षेत्र सफेद चकत्ते के रूप में दिखाई देता है। टीनिया दिमाग के फ्लूड और आसपास की झिल्लियों पर दबाव डालकर अन्य प्रकार से भी तंत्रिकीय तंत्र प्रभावित करता है। इससे लकवा की शिकायत भी हो सकती है।

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