Monday, October 1, 2018

इतना बदला है हरियाणा ; फरीदाबाद पुलिस द्वारा प्रताड़ित पत्रकार ने मांगी राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु


फरीदाबाद (abtaknews.com) 01 अक्टूबर,2018; स्थानीय अख़बार आधार सूत्र के संपादक भारत भूषण फरीदाबाद पुलिस से न्याय की उम्मीद में दर दर की ठोकरे खा रहा है। पीड़ित पत्रकार अपने लडक़े की मौत के बाद पुलिस विभाग किसी भी प्रकार की  सुनवाई नहीं कर रहा है। पीड़ित भारत भूषण पुत्र स्व0 हुकम सिंह उम्र 64 वर्ष निवासी एस-518, गांव सारन, यादगार मार्केट, फरीदाबाद एनआईटी हरियाणा का निवासी है। भारत भूषण ने अपने लिखित बयान में बताया कि मेरे परिवार में मेरी वृद्व व बीमार पत्नि उम्र 62 वर्ष मेरा पोता शियांश उम्र 10 साल जो कि जन्म से सुनता बोलता नही है 100 प्रतिशत दिव्यांग है, पोती भव्या उम्र 8 वर्ष है उनकी जिम्मेवारी और उनका लालन-पोषण मैं अपने बेटे हितेश की मृत्यु के उपरांत कर रहा हूं। परन्तु मेरे परिवार को एएसआई चमन लाल द्वारा तंग किया जा रहा है और जान से मारने/मरवाने की धमकी दी जा रही है। पुलिस विभाग में  शिकायत करने के बावजूद भी मुझे तथा मेरे परिवार को न्याय नहीं मिल रहा। कृपया आप सभी साथियों से सहयोग की अपील करता हूं कि कृपा करके मेरी मदद करों। सब जगह से हारकर अब मैंने और मेरे परिवार ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। पुलिस विभाग में जितनी भी शिकायत मैंने एएसआई चमन लाल के खिलाफ लगाई थी उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है जिसकी प्रति मैं आपको स्कैन करके भेज रहा हूं।



इच्छा मृत्यु मांगने के लिए राष्ट्रपति के नाम लिखे पत्र में पीड़ित पत्रकार ने इस तरह लिखा है---------

सेवा में दिनाँक 22-09-2018
श्रीमान महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी,
भारत सरकार, नई दिल्ली।

विषय:- पुलिस प्रशासन द्वारा मानसिक शारीरिक यातना देने पर मुझे और मेरे परिवार को इच्छा मृत्यु देने के बारे में प्रार्थना पत्र।

श्रीमान जी,
निवेदन है कि मैं भारत भूषण पुत्र स्व0 श्री हुकम सिंह उम्र 64 वर्ष निवासी एस-518, गांव सारन, यादगार मार्किट, फरीदाबाद एनआईटी हरियाणा का निवासी हूं। मेरे परिवार में मेरी वृद्व व बीमार पत्नि उम्र 62 वर्ष मेरा पोता शियांश उम्र 10 साल जो कि जन्म से सुनता बोलता नही है 100 प्रतिशत दिव्यांग है, पोती भव्या उम्र 8 वर्ष है।
1. मेरा लडका हितेश जिसकी शादी वर्ष 2005 में गीता निवासी दिल्ली के साथ हुई थी शुरू से ही गीता मेरे लडके से शरीरिक व मानसिक रूप से इतना प्रताडित करती थी दिनाँक 20-10-2015 को गीता के अत्याचारों से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मेरे लडके की तेहरवीं के तीन दिन बाद ही मेरे व मेरी पत्नि से लडाई झगडा करना शुरू कर दिया और हमसे बोली कि मैंने असली कांटा तो निकाल दिया है अब जल्दी से जल्दी अपनी सारी जमीन जायदाद मेरे नाम कर दो नहीं तो तुम्हारा भी वही हाल करूंगी जो मैंने हितेश का किया है।
2. यह है कि गीता व उसके परिवार वालों ने मेरे घर पर आकर मुझ पर व मेरे परिवार पर जानलेवा हमला किया जिसकी शिकायत मैंने कई बार पुलिस सहायता केन्द्र पर की थी परन्तु पुलिस ने मेरी कोई मदद नही की।
3. यह है कि 12-7-2016 को गीता और उसके परिवार वालों ने सायं को मेरे घर में जबरदस्ती घुसकर मेरी पत्नि के साथ मारपीट कर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की जिसकी शिकायत मैंने सारन पुलिस थाना में की वहाँ से ए.एस.आइ. चमन लाल एक अन्य पुलिस कर्मी के साथ आए और मुझे पुलिस थाने में आने के लिए कहकर चला गया। जब मैं पुलिस थाने में गया तो वर्हा पहुँचते ही चमन लाल ने मुझे धमकाना शुरू कर दिया और मुझ से बोला कि अपनी शिकायत वापिस ले ले और तेरे लडके की पत्नि जो कहती है वही कर नही तो मैं तुझे ऐसे झूठे केस में फंसा दूँगा कि तूँ निकल नही पायेगा।
4. यह है कि इसके बाद मैंने अब तक अनेको बार चमन लाल के खिलाफ सभी उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से कार्यवाही करने के लिये गुहार लगाई परन्तु पुलिस के सभी बडे अधिकारियों ने ए.एस.आइ. चमन लाल को अपनी झूठी जाँच रिर्पोट बनाकर उसे बचाते रहे हैं जिसका फायदा उठाकर चमन लाल ने मुझे कई बार अपहरण कराकर जानसे मारने की धमकी दी है।
5. यह है कि मेरे पास गीता और उसके परिवार से सम्बधित सारे सबूत है जिसमें सीसीटी वी फूटेज वाइस रिकाॢडंग शामिल है परन्तु पुलिस उन सबूतों देखना नही चाहती और हमेशा चमन लाल को ही बचाती आ रही है चमन लाल खुलेआम मुझसे कहता है कि जब तक मैं पुलिस विभाग में हूँ तब तक मेरी और गीता का तूँ कुछ भी नही बिगाड पायेगा तूझे जहाँ भी शिकायत करनी कर ले। इससे साफ पता चलता है कि चमन लाल  और गीता व उसके परिवार वाले आपस में मिले हुए हैं जिसका जीता जागता प्रमाण मुझे डरा धमका कर मेरे ख्लिाफ झूठा कलन्दरा बना दिया जिसके बारे में मुझे आर.टी.आइ. 2005 से पता लगा।
6. इस बारे में मैंने जब इस झूठे कलन्दरा भरने वाले अधिकारी एएसआई चमन लाल के खिलाफ पुलिस के उच्चाधिकारियों को शिकायत की तो मुझे डरा-धमका कर चुप कर दिया और मेरे शिकायत पत्र पर कोई भी कार्यवाही नहीं की है। मैंने अनेकों बार सी.एम.विन्डों हरियाणा पर शिकायत की है परन्तु मेरी शिकायत को पुलिस के उच्च अधिकारी दबा देते हैं और चमन लाल के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नही की जाती।
7. एएसआई चमनलाल के खिलाफ एक शिकायत मैंने पुलिस आयुक्त फरीदाबाद महोदय को की थी जिसकी कॉपी संलग्न है। जिसमें पुलिस आयुक्त महोदय ने मेरे सामने ही जांच अधिकारी श्री बिजेन्द्र सिंह, इंस्पेक्टर को निष्पक्ष कार्यवाही के आदेश दिए थे परन्तु यह अधिकारी भी कुछ समय बाद ही सारन थाने में एसएचओ बना दिए गए और यहां पर उन्होंने बिना मुझे बुलाएं और बिना किसी जांच के मेरी शिकायत को बंद कर दिया।
8. यह है कि पुलिस विभाग मेरी शिकायत को बार-बार बिना किसी कार्यवाही करे को बंद कर देते है और आरटीआई से प्राप्त सूचना में लिखकर देते हैं कि मैं बार-बार शिकायत करने का आदि हो चुका है जबकि मैंने  केवल दो शिकायत पत्र ही लिखित रूप से दिए है जिसका सत्यापन खुद आरटीआई की सूचना में पुलिस विभाग ने दिया है जो संलग्न है।
9. यह है कि एएएसआई चमन लाल अब खुलेआम मुझे जान से मारने की धमकी देता है और कहता है कि तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा या तो तू चुपचाप बैठ जा नहीं तो तुझे व तेरे परिवार को जान से मार दूंगा या मरवां दूंगा। श्रीमान जी मैं और मेरा परिवार इन दो सालों में मेरे शिकायत देने के बाद भी चमन लाल के खिलाफ कार्यवाही ना होने पर मैं मानसिक व शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूँ और मुझे अब लगता है कि इस भारत वर्ष में गरीब और असहाय परिवारों के लिये कोई न्याय नही है और ना ही कोई न्याय मिलने की उम्मीद है जिसका जीता जागता उदाहरण मैं और मेरा परिवार है अत: श्री मान जी मैं आप से हाथ जोडकर आपसे विन्रम निवेदन करता हूँ कि मुझे व मेरे परिवार को इच्छा मृत्यु की आज्ञा देने की कृपया करें।
----पीड़ित पत्रकार --भारत भूषण


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