Wednesday, October 3, 2018

नगर निगम के 5 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू

फरीदाबाद,3 अक्टूबर(abtaknews.com)24 मई के समझौते को लागू न करने की वादाखिलाफी के खिलाफ नगर निगम के 5 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने बुधवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। जिसके कारण बल्लभगढ़,ओल्ड फरीदाबाद व एन आई टी जोन में काम काज ठप्प रहा। कर्मचारियों ने सुबह 7 बजे से ही अपने नेता नरेश कुमार शास्त्री,नानक चंद खरालियां, बलबीर सिंह बालगुहेर, सोमपाल झंझोटियां,गुरचरण गाडियां,श्रीनंद ढकोलियां आदि के नेतृत्व में नगर निगम मुख्यालय पर पर ढेरा जमा लिया था।दस बजे तक हजारों की तादाद में कर्मचारी मुख्यालय पर गए थे। कर्मचारियों ने सरकार की वादाखिलाफी और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रर्दशन किया। ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारी भी जुलूस बना कर प्रर्दशन करते हुए हड़ताल में शामिल हो गए। जिसके कारण सफाई के साथ ही घर घर से कुड़ा उठाने का काम बुरी तरह प्रभावित रहा। यूनियन के नीतिगत निर्णय के कारण आवश्यक सेवाएं जैसे न अग्निशमन,जल आपूर्ति व बिजली सेवाओं को बाधित नही किया गया। इन सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों ने हड़ताल पर रहते हुए आपातकालीन स्थिति में सेवाएं देने का काम करने का ऐलान किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा, जिला प्रधान अशोक कुमार व जिला सचिव युद्धवीर सिंह खत्री ने अन्य विभागों के कर्मचारियों की और से हड़ताल व निगम कर्मचारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन करने का ऐलान किया। जिसमें हड़ताली कर्मचारियों के हौंसले बुलंद हैं और वे अब निर्णायक आन्दोलन लड़ने को तैयार हैं।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने हड़ताली कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए आरोप लगाया कि 16 दिन की हड़ताल के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंत्री कविता जैन की अध्यक्षता में गठित तीन मंत्रियों की कमेटी व नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बीच 24 मई को हुए समझौते को लागू न करके सरकार ने कर्मचारियों को पुनः हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय हड़ताल से पहले 24 मई के समझौते कों लागू न करने से नाराज शहरी  स्थानीय निकायों के कर्मचारी 21 सितम्बर से 25 सितम्बर तक 12-12 घंटे की क्रमिक भूख हड़ताल प्रदेश की सभी पालिका, परिषदों व निगमों के कार्यालय के समक्ष करके सरकार को जगाने का प्रयास किया था। संघ के शिष्टमंडल ने एसकेएस के महासचिव सुभाष लांबा के नेतृत्व में 24 सितंबर को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंत्री श्रीमती कविता जैन के पति राजीव जैन से मिला और समझोते को लागू करवाने की मांग की। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए गरीब पालिका कर्मियों को हड़ताल पर जाने पर मजबूर होना पड़ा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री वह सचिव सुनील कुमार ने  हरियाणा सरकार पर वायदाखिलाफी व तानाशाही का आरोप लगाते हुए बताया कि भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में सफाई कर्मचारियों सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा समाप्त करने व न्यूनतम वेतन 15 हजार रूपए करने का वायदा किया था। लेकिन सरकार ने किए गए वायदों को पूरा नहीं किया इसलिए प्रदेश की पालिका कर्मचारियों को 16 दिन राज्यव्यापी हड़ताल करनी पड़ी। सरकार ने हड़ताल समाप्त कराने के लिए कैबिनेट मंत्री कविता जैन की अध्यक्षता में राज्य मंत्री कृष्ण बेदी व मनीष ग्रोवर की तीन सदस्य कमेटी बनाई थी। 24 मई की वार्ता में इन तीनों मंत्रियों ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग से सीवर, सफाई सहित फायर व अन्य तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का ठेका प्रथा समाप्त करने, ईपीएफ व ईएसआई का पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा करने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी बहाल करने सहित एक दर्जन मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने मानी हुई मांगों को ईमानदारी से लागू नहीं किया। इसलिए प्रदेश की पालिकाओं, परिषदों व निगमों के 32 हजार कर्मचारी एक बार फिर 3, 4 व पांच अक्टूबर को तीन दिवसीय हड़ताल करनेे को मजबूर है।  उन्होंने कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा हड़ताल करने से पहले समझौते में शामिल मंत्रियों, विभाग के प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, सभी पालिकाओं, परिषदों के चेयरमैन वह नगर निगम के महापौर को समझोते को लागू करवाने की गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझ कर कर्मचारियों को हड़ताल करने पर मजबूर किया है।

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