Tuesday, October 2, 2018

फरीदाबाद में धरने के 58वे दिन एनएसयूआई ने किया महापुरुषो को दी श्रंद्धाजलि



फरीदाबाद(abtaknews.com)अनिश्चितकालीन धरने के 58वे दिन एनएसयूआई फ़रीदाबाद के कार्यकर्ताओं ने अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनके जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री के नेतृत्व में किया गया।
एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री ने बताया की श्रीं महात्मा गांधी ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के नेता थे और इसी कारन उन्हें देश का 'राष्ट्रपिता' माना जाता है। इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। उन्होंने बताया कि महात्‍मा गांधी ने भारतीय स्‍वतंत्रता के लिए किए जाने वाले अन्‍य अभियानों में सत्‍याग्रह और अहिंसा के विरोध जारी रखे, जैसे कि 'असहयोग आंदोलन', 'नागरिक अवज्ञा आंदोलन', 'दांडी यात्रा' तथा 'भारत छोड़ो आंदोलन'। गांधी जी के इन सारे प्रयासों से भारत को 15 अगस्‍त 1947 को स्‍वतंत्रता मिल गई।
वहीं कृष्ण अत्री ने लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया की शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन, मुगलसराय में हुआ था।तीस से अधिक वर्षों तक अपनी समर्पित सेवा के दौरान लाल बहादुर शास्त्री अपनी उदात्त निष्ठा एवं क्षमता के लिए लोगों के बीच प्रसिद्ध हो गए। विनम्र, दृढ, सहिष्णु एवं जबर्दस्त आंतरिक शक्ति वाले शास्त्री जी लोगों के बीच ऐसे व्यक्ति बनकर उभरे जिन्होंने लोगों की भावनाओं को समझा। वे दूरदर्शी थे जो देश को प्रगति के मार्ग पर लेकर आये। लाल बहादुर शास्त्री महात्मा गांधी के राजनीतिक शिक्षाओं से अत्यंत प्रभावित थे। अपने गुरु महात्मा गाँधी के ही लहजे में एक बार उन्होंने कहा था – “मेहनत प्रार्थना करने के समान है।” महात्मा गांधी के समान विचार रखने वाले लाल बहादुर शास्त्री भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ पहचान हैं।
इस मौके पर छात्र नेता आरिफ खान, गगन शर्मा, मोहित भारद्वाज, साहिल खान, दिनेश कटारिया, दिलदार, सुभाष, गौरव, राजू, अंकित, रवि, अनिल आदि ने भी श्रद्धाजंलि अर्पित की।

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