Tuesday, September 4, 2018

शिकोहपुर व मानेसर जमीन घोटाले की एफआईआर की तर्ज पर फरीदाबाद में भी हो कार्रवाई



फरीदाबाद (abtaknews.com )शिकोहपुर व मानेसर जमीन घोटाले में पूर्व मुख्यमन्त्री भूपेन्द्र सिंह हुडा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद नहरपार ग्रेटर फरीदाबाद के 5 गांव बडौली, मिर्जापुर, प्रहलादपुर, सीही, भतौला की जबरन अधिग्रहित जमीन की जाँच करवाई जाये तो नहरपार के किसानों अधिग्रहित जमीन में पूर्व सरकार ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। नगरपार ग्रेटर फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ट एडवोकेट ने एक पत्र  मुख्यमन्त्री को भेजकर जाँच कराने की मांग की है। वशिष्ठ ने कहा कि नहरपार ग्रेटर फरीदाबाद 5 गांवों की कुल 638 जमीन का नोटिफिकेशन सैक्शन 4 दिनांक 01/05/2006 को किया गया था और मात्र लगभग 342 एकड जमीन का अवार्ड सुनाया गया था। बडौली गांव में सैक्शन 11 के अवार्ड के बाद भी लगभग 30 एकड जमीन बिल्डरों के नाम रिलिज कर दी गई, मिर्जापुर, प्रहलादपुर, सीही, भतौला, बडोली के 1743 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था जिसमें से मात्र 227 किसानों ने मुआवजा उठाया, नए एक्ट 2013 के (24/2) के मेजोरिटी किसानों क पास है। अगर नहरपार अधिग्रहण की भी जाँच कराई जाये तो हरियाणा के पूर्व सरकार के उपर आँच आना लाजमी है। नहरपार के किसानों की शिकायत है कि हुडा सरकार के दौरान नहर पार के लोगों के साथ भी धोखा किया शासन, प्रशासन की मिलीभगत से भय दिखाकर उनकी जमीनों को 16 लाख प्रति एकड की दर से जबरन अधिग्रहण किया गया है। जबकि नहरपार के किसानों की जमीन का रेट 4 से 5 करोड रूपये प्रति एकड है। आज भी किसान अपनी जमीन को बचाने के लिए पिछले 9 वषो से संघर्ष कर रहें है। किसानों ने अभी तक ना तो अपनी जमीन का मुआवजा उठाया है और ना ही अपनी जमीन का कब्जा छोडा है। इसलिए सभी नहरपार के किसान मांग करते है कि उनकी जमीनों की जांच करवाई जाये तो पिछली सरकार ने अधिग्रहित के नाम पर नहरपार के किसानों के साथ बड़ा घोटाला किया है।


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