Monday, September 3, 2018

सिविल अस्पताल में घूमते हैं प्राइवेट हॉस्पिटलों के दलाल, सांठ-गांठ के चलते होती हैं मौत



फरीदाबाद-03 सितंबर(abtaknews.com)सिविल अस्पताल में प्राइवेट हॉस्पिटलों के दलालों का बोलबाला है। निरोग्यम नामक निजी अस्पताल में भर्ती कराई गई महिला की डिलीवरी के दौरान बरती गई लापरवाही के चलते जच्चा की मौत हो गई। हालांकि नवजात बच्ची फिलहाल सुरक्षित है और सिविल अस्पताल में भर्ती करा दी गई है, निरोग्यम अस्पताल की आएमओ ने मीडिया को दी जानकारी में माना कि अस्पताल ने मानकों के विपरित ऑपरेशन किया और जिससे जच्चा की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने इस सारे मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सिविल अस्पताल फरीदाबाद में पीड़ित परिवार के साथ लोगों की भीड़ मौजूद रही। निरोग्यम नाम के निजी अस्पताल में एक महिला मरीज की लापरवाही से मौत हो गई। मृतक महिला की बहन सीमा और विजय परिजनों के मुताबिक बीते 1 सितंबर की शाम को सरस्वती नाम की महिला मरीज जो कि गर्भवती थी उसको आंगनवाड़ी केंद्र त्रिखा कॉलोनी बल्लबगढ़ से आशा वर्कर बल्लबगढ़ के सरकारी अस्पताल में इलाज और डिलीवरी के लिए लेकर गई लेकिन बल्लबगढ़ के सरकारी अस्पताल ने अपने यहां डिलीवरी की पूरी सुविधा ना होने का हवाला देकर उसे फरीदाबाद के बी.के सिविल अस्पताल के लिए भेज दिया लेकिन सिविल अस्पताल में डॉक्टर के पास पंहुचने से पहले ही आशा वर्कर अंजली और एंबुलेंस पर तैनात ड्राइवर ने परिजनों को गुमराह करते हुए सिविल अस्पताल के पास के ही निजी अस्पताल निरोग्यम एनएच-3 में स्थापित अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां देर रात हुई डिलीवरी के दौरान बच्ची का जन्म तो सुरक्षित हो गया लेकिन थो़ड़ी ही देर बाद गर्भवती महिला सऱस्वती की हालत बिगड़ गई, परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पातल में मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने ना तो महिला को बचाने की कोशिश की और ना ही घर के किसी भी महिला को मरीज से मिलने दिया गया, जब हालात बिगड़ गए तो निरोग्यम नाम के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला मरीज को कहीं और ले जाने की बात कही जिसके बाद परिजन महिला को लेकर बी.के सिविल अस्पताल में लेकर गए लेकिन जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि महिला की मौत हो चुकी थी।
निरोग्यम अस्पताल के प्रशासन के बात की तो अस्पताल की आरएमओ मशरत अली ने मीडिया को बताया कि वो उस वक्त ड्यूटी पर तैनात नहीं थी लेकिन उनके संज्ञान में ये मामला है और माना कि अस्पताल की गलती से महिला की मौत हुई है। अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन करने के लिेए पूरे उपकरण मौजूद नहीं थे लेकिन बावजूद इसके ऑपरेशन किया गया जिससे महिला की हालत खराब हो गई और अस्पताल में वैंटिलेटर मौजूद ना होने के चलते महिला मरीज की मौत हो गई।
पुलिस अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले में शिकायत मिल गई है जिसमें परिजनों ने आरोप लगाया है कि गर्भवती महिला को बल्लबगढ़ से बीके अस्पताल लाए थे जहां डॉक्टरों से मिलने से पहले ही कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह किया और उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया जहां डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उनके मरीज की हालत बिगड़ गई और बी.के सिविल अस्पताल में लाते समय उनकी महिला मरीज की मौत हो गई। वहीं पुलिस के मुताबिक फिलहाल डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा मृतक महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जो भी रिपोर्ट आएगी संबंधित लापरवाह लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। 
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