Tuesday, August 14, 2018

आरक्षण विरोधी पार्टी के राष्ट्रिय संयोजक दीपक गौड़ के खिलाफ बिना जाँच बिना सबूत की FIR दर्ज


नई दिल्ली (abtaknews.com)आरक्षण विरोधी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मोदी सरकार में अंधेर नगरी चौपट राजा साली कहावत चिरतार्थ हो गयी है क्योंकि जिस संसद मार्ग थाने में संविधान का अपमान करने , गलियां देने और संविधान जलाने की रिपोर्ट आरक्षण विरोधी पार्टी के राष्ट्रिय संयोजक दीपक गौड़ के विरुद्ध दात्ज कर गिरफ्तार किया गया है घटना के वक्त दीपक गौड़ उसी संसद मार्ग थाने के ड्यूटी आफिसर के साथ पुलिस जीप में बैठ कर राष्ट्रपति भवन एवं प्रधान मंत्री कार्यालय ज्ञापन देने गए हुए थे। 
शिकायत-कर्ता संगठनो एवं न्यूज़ चेनलों द्वारा you tube पर घटना के प्रत्यक्ष प्रमाण के तौर पर दिखाई गयी किसी भी वीडियो में घटना स्थल पर दीपक गौड़ अथवा आरक्षण विरोधी पार्टी का एक भी सदस्य मौजूद नहीं है। उपरोक्त घटना क्रम को आजाद सेना नाम के किसी अन्य संगठन के कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया जो जिनका आरक्षण विरोधी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है, जिसकी संसद मार्ग थाना के IO ने जाँच नहीं की गैरतलब है की संसद मार्ग पर कम से कम 20 cctv कैमरे भी मौजूद हैं संसद मार्ग थाना इंचार्ज ने उनमे से किसी भी कैमरे की जाँच करना भी जरुरी नहीं समझा सिर्फ शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। 
ज्ञात होना चाहिए की मोदी सरकार द्वारा एससी एक्ट में जनवरी 2016 में बदलाव किया था जिसके अनुसार एससी एक्ट में मामला दर्ज करने के लिए कोई गवाह की जरुरत नहीं , कोई जाँच की जरुरत नहीं, आरोपी को शिकायत मिलते ही तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, शिकायत करता द्वारा शिकायत वापस लेने पर भी 6 महीने जमानत न दी जाये जैसे प्रावधान कर इस एक्ट को मजबूत बनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस संशोधन पर संज्ञान लेते हुए कहा था की हम किसी निर्दोष को जेल नहीं भेज सकते इसलिए मुकद्दमा दर्ज होने से पहले एक अधिकारी जाँच करेगा की शिकायत झूठी तो नहीं है उसके उपरांत ही मामला दर्ज किया जाए। 
प्रधान मंत्री मोदी जी ने स्वयं अगुवाई करते हुए लोकसभा एवं राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को निरस्त करने का बिल पेश किया था जो पूर्ण बहुमत के साथ पास हो गया कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने इसे प्रधान मंत्री द्वारा देरी से लिया हुआ फैसला बताते हुए समर्थन कर बिल को बहुमत से पास करवाया था। आरक्षण विरोधी पार्टी के संयोजक दीपक गौड़ ने इस बिल के विरोध में थाना संसद मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर जातिगत आरक्षण एवं एससी एक्ट को पूर्णतया समाप्त करने की मांग को लेकर प्रधान मंत्री मोदी जी को 9 अगस्त को ज्ञापन दिया था और मांगे ना माने जाने पर पूरे देश में आरक्षण विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किये जाने की चेतावनी दी थी परन्तु मोदी सरकार ने उनको झूठे मनगढ़ंत आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

loading...
SHARE THIS

0 comments: