Thursday, August 9, 2018

इंसानों नहीं जानवरों के लिए है राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग: एल एन पाराशर

फरीदाबाद(abtaknews.com): बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पर एक बार फिर निशाना साधा है और कहा कि ये संगठन इंसानों के लिए बड़ा था लेकिन अब इंसानों के लिए नहीं ये संगठन जानवरों के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये संगठन आतंकवादियों और पत्थरबाजों के लिए काम कर रहा है। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से पूछा है कि कश्मीर के पत्थरबाजों के मानवाधिकार हैं तो फिर फौजियों के मानव अधिकार क्यों नहीं हैं? क्या  फौज में शामिल होकर देश की हिफाजत कर रहे  तमाम सैनिकों के मानव अधिकारों की रक्षा क्यों नहीं की जा रही है? देश में जब पुलिस का कोई जवान शहीद होता है तब ये संगठन कहाँ सोता रहता है? 
एडवोकेट पाराशर ने कहा कि हाल में देश के कई जवान शहीद हुए जिनमे हरियाणा के जवान भी थे लेकिन ये आयोग आज तक किसी के घर उनके बच्चों की हालत देखने नहीं पहुंचा। एडवोकेट पराशर ने कहा कि कल रोहतक में सब इंस्पेक्टर की सरेआम हत्या की गई लेकिन ये आयोग अब तक गायब है। कल रात्रि में क्राइम ब्रांच के स्टाफ विशाल शर्मा को गोली मारी गई जो अब भी आईसीयू में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं, कहा सो रहा है मानवाधिकार आयोग? एडवोकेट पाराशर ने कहा कि जब सेना के जवान या पुलिस के जवान अपनी रक्षा के लिए किसी आतंकी, बदमाश या पत्थरबाज को मार देते हैं तब इस आयोग की नींद खुलती है। उन्होंने कहा कि मेरी भाषा में आतंकी, बदमाश, पत्थरबाज सब जानवर हैं और ये आयोग इन्हे जानवरों के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कभी कभी कुछ विशेष लोगों की मौत पर भी ये आयोग विलाप करता दिखता है लेकिन भारत के उन नागरिकों के लिए ये आयोग काम करते नहीं दिखता जिनके लिए इस आयोग का गठन किया गया था। एडवोकेट पाराशर ने कहा कि मैं देश के राष्ट्रपति,  प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध करूंगा कि जानवरों के लिए काम कर रहे इस आयोग को बंद किया जाए।

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