Thursday, August 30, 2018

न्यूक्लियर पॉवर प्लांट चलाने में भारत ने बनाया रिकॉर्ड


कर्नाटक(abtakanews.com )कैगा नाभिकीय विद्युत उत्पादन केंद्र (केजीएस यूनिट-1) द्वारा 766 दिनों तक लगातार संचालन करके इस क्षेत्र में एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया है. यह कीर्तिमान गत 18 जून, 2018 को स्थापित हुआ जब इस संयंत्र ने 765 दिनों के पिछले रिकॉर्ड को (जो कि भारत के ही राजस्थान एटॉमिक पॉवर स्टेशन (आरएपीएस) यूनिट-5 द्वारा स्थापित किया गया था) पीछे छोड़ दिया. कैगा रिएक्टर मई 13, 2016 से लगातार चल रहा है। 
इस उपलब्धि के साथ केजीएस यूनिट-1 लगातार संचालन के लिए पीएचडब्लूआर वर्ग के रिएक्टरों में विश्व में दूसरे स्थान पर, तथा सभी प्रकार के नाभिकीय विद्युत रिएक्टरों के मामले में चौथे स्थान पर आ गया है. अन्य प्रकार के रिएक्टरों के मामले में अनवरत संचालन के मामले में तीन रिएक्टर क्रमशः ग्रेट ब्रिटेन स्थित हेशाम II-8 (एडवांस्ड गैस-कूल्ड रिएक्टर या एजीआर)-940 दिन; कनाडा के ओंटारियो स्थित पिकेरिंग-7 (पीएचडब्लूआर)-894 दिन, तथा स्कॉटलैंड स्थित टोर्नेस-2 (एजीआर)-825 दिन इस उपलब्धि के लिए जाने जाते हैं। 
जून 30, 2018 को केजीएस यूनिट-1 को लगातार चलते हुए 778 दिन पूरे हो गए थे, और इसके अतिरिक्त, भारत के चार अन्य रिएक्टर भी सामानांतर रूप से एक साल से ज्यादा की अवधि से चल रहे हैं. ये हैं – आरएपीएस-3 (671 दिन), केजीएस-3 (479 दिन), केजीएस-2 (476 दिन), और तमिल नाडु के कलपक्कम स्थित एमएपीएस-2 (369 दिन) . 
कैगा संयंत्र कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के कारवार तालुका में काली नदी के किनारे एक घने हरे जंगल के बीच स्थित है. यहाँ जंगल इतना गहरा है कि यह संयंत्र आसानी से नजर भी नहीं आता. कैगा संयंत्र में 220 मेगावाट क्षमता के 4 प्रेशराइज्ड हैवीवाटर रिएक्टर (पीएचडब्लूआर) स्थापित हैं जिनकी कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 880 मेगावाट है. इनसे होने वाला विद्युत उत्पादन नेशनल ग्रिड में जाता है. केजीएस यूनिट-1 का प्रारंभिक वाणिज्यिक उत्पादन नवम्बर 16, 2000 को शुरू हुआ था, यूनिट-2 का उत्पादन मार्च 16, 2000 को, यूनिट-3 का उत्पादन मई 6, 2007 को, तथा यूनिट-4 का उत्पादन जनवरी 20, 2011 को प्रारंभ हुआ था. इसी स्थल पर आधुनिक सुरक्षा इंतजाम से लैस 700 मेगावाट क्षमता के दो और रिएक्टर प्रस्तावित हैं.

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