Tuesday, August 7, 2018

खून की जांच करने के लिए एनालाइज़र किट, घर बैठे करें खुद की जाँच ;डॉ. अमिता शुक्ला



लखनऊ(abtaknews.com) 07 अगस्त। खून की जांच करने के लिए अब किसी पैथोलॉजी सेण्टर में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आईआईटी मद्रास के एचटीआईसी (हेल्थकेयर टेक्नालॉजी इनोवेशन सेंटर) के सहयोग से बनाई गई बैटरी की शक्ति पर काम करने वाला आईक्वांट नाम का एक नया एनालाइज़र किट बनाया गया है जो पोर्टेबल होने के कारण कहीं भी ले जाया जा सकता है इसे थैले में लेकर मरीजों तक ले जाया जा सकता है. इसके इस्तमाल करने के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन की आवश्यकता भी नहीं है और खून की जांच करने के बाद परिणाम 10–30 मिनट के अंदर मिल सकते हैं इसका उपयोग करना किफायती होने के साथ उन जगहों के लिए उपयोगी है जहां संसाधन की कमी हैइस किट से आठ डायगनोस्टिक टेस्ट किये जा सकते है जिनमे डेंगू एनएस1, डेंगू एलजीएम, डेंगू एलजीजी, एचबीए1सी, टीएसएच, टी3, टी4, विटामिन डीशामिल हैं. कई अन्य परीक्षण भी बाद में इसमें शामिल किए जाएंगे. भिन्न किस्म के इन परीक्षणों के लिए किसी भी प्रयोगशाला में आम तौर पर एक से ज्यादा उपकरणों की आवश्यकता होती है और इस उपकरण से यह संभव है कि ये सभी टेस्ट एक अकेली मशीन से किए जा सकें

इस पोर्टेबल किट को पूरी तरह भारत में निर्मित किया गया है और इससे तमाम टेस्ट एक अकेली मशीन से किए जा सकते है इसमें एक उच्च स्तर के प्रोसेसर का उपयोग किया गया है जिसके मेमोरी में एक लाख मरीजों का डाटा स्टोर किया जा सकता है। इसमें 10 ईंच का कलर डिसप्ले, बेहतर प्रिंटिंग के लिए ब्लूटुथ, ऑनलाइन सपोर्ट के लिए वाई-फाई नेक्टिविटी, बिजली जाने की स्थिति में एक घंटे पावर बैक-अप और सिर्फ दो किलो का होने के कारण इसे कहीं भी ले जाना आसान है. बिजली की आपूर्ति के मामले में यह आत्मनिर्भर है। और यह उन दूर-दराज के इलाकों और जहां बिजली नहीं रहती है, वहां के लिए उपयुक्त है

आईक्वांट नाम के इस किट को जे मित्रा नाम की बायोटेक्नालॉजी कंपनी ने पेश किया है जो भारत की अग्रणी डायगनोस्टिक टेस्ट कंपनी है कंपनी के प्रबंध निदेशक जे मित्रा का कहना है कि यह उत्पाद विज्ञान, सूचना तकनालाजी, हेल्थकेयर और अनुसंधान का मेल है और इसके इस्तेमाल से सामाजिक स्थितियों, जमीनी वास्तविकताओं और आर्थिक लाभ होंगे यह बीमारी का पता लगाने और रोगनिदान की प्रक्रिया को बेहद प्रभावित करेगा, इससे उपचार और बीमारी ठीक करने की प्रक्रिया तेज होगी–नतीजतन भारत ज्यादा स्वस्थ होगा और यह सरकार की हेल्थकेयर फॉर ऑल पहल के तहत होगाइस डिवाईस के बारे में डॉ. अमिता शुक्ला का कहना है कि आईक्वांट के बाजार में आने से निश्चत तौर पर उन मरीज को फायदा पहुंचेगा। जिन्हे ब्लड चेकअप के लिए दूर जाना पड़ता है। लम्बी लाईन में लगना पड़ता है। ज्यादा रूपये देने पड़ते हैं। इस जहां मरीज का समय बचेगा। दूसरी तरफ हॉस्टिल में ब्लड चेकअप के लिए लोगों नहीं जाना पड़ेगा। इससे हॉस्टिल में भीड़ कम होगी। लेकिन कुछ जांचे ऐसी भी होती हैं। जिसमें मरीज को डाक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
 

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