Monday, August 13, 2018

वाईएमसीए विश्वविद्यालय ने गोद लिये गांवों का लिया जायजा, कम्प्यूटर व कुर्सियां की भेंट

YMCA University has taken loans for villages, computer and chairs
फरीदाबाद 13 अगस्त(abtaknews.com)वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत गोद लिये गये गांवों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने तथा इन गांवों होने वाले संभावित कार्याें के लिए कार्य योजना तैयार करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की एक टीम ने गांव सहरावक का दौरा किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दिनेश कुमार की उपस्थिति में ग्राम सभा भी की गई, जिसमें सभी गांवों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 
YMCA University has taken loans for villages, computer and chairs

गांवों के दौरे पर गई टीम के सदस्यों में डीन (अकादमिक) डाॅ. विक्रम सिंह, संकाय सदस्य डाॅ. साक्षी कालरा, डाॅ. शैलजा जैन, डाॅ. राजेश अत्री, उमेश कुमार, डाॅ. बिन्दू मंगला तथा डाॅ. भास्कर नागर शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय का चयन मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा उन्नत भारत अभियान के तहत भागीदारी संस्थान के रूप में किया गया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय द्वारा जिला फरीदाबाद के पांच गांव अलीपुर शिकारगाह, सहरावक, त्रिलोकी खादर, ताजपुर तथा राजपुर कलां गोद लिये गये है। उन्नत भारत अभियान का उद्देश्य उच्चतर शिक्षा संस्थानों को ग्रामीणों के साथ मिलकर गांवों में विकास संबंधी चुनौतियों की पहचान करने तथा इन गांवों के सतत विकास के लिए समाधान निकालने के लिए सक्षम बनाना है।
टीम के सदस्यों ने इन गांवों के प्रधान तथा अन्य ग्रामीणों के साथ बातचीत की, जिसमें उन्होंने उत्साहजनक प्रतिक्रिया देते हुए विश्वविद्यालय टीम को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। विश्वविद्यालय टीम ने अपने दौरे के दौरान गांवों में साक्षरता एवं प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, कौशल विकास तथा उद्यमशीलता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की है, जिस पर कार्य किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने स्ट्रीट लाइट, पेयजल सुविधा तथा सरकारी स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं के आभाव संबंधी समस्याओं से टीम को अवगत करवाया। जिस पर कुलपति के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय द्वारा गांवों के स्कूलों को पांच कम्प्यूटर तथा 51 कुर्सियां सहायतार्थ प्रदान की गई। कुलपति ने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों के हितों के दृष्टिगत विश्वविद्यालय द्वारा भविष्य में भी गांवों के स्कूलों को इस तरह की सहायता दी जायेगी।
कुलपति ने ग्रामीणों से विश्वविद्यालय द्वारा चलाये जा रहे डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम से जुड़ने का आह्वान किया, जिसके तहत विश्वविद्यालय द्वारा डिजिटल उपकरणों तथा इंटरनेट पर काम करने का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे सरकार की ई-सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सके। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कम्युनिटी कालेज में भी कौशल विकास पाठ्यक्रम चलाये जा रहे है और गांव के युवा इन पाठ्यक्रमों से जुड़कर लाभ उठा सकते है।इस अवसर पर कुलपति ने स्कूल के परिसर में पौधारोपण भी किया।



loading...
SHARE THIS

0 comments: