Sunday, August 26, 2018

संस्कृत महाविद्यालय में सविधि उपाक्रम संपन्न, लिया आशीर्वाद,गुरुजी को बांधा रक्षा सूत्र



In the Sanskrit College, a rich program was concluded, the blessings of Charya received during the award
फरीदाबाद(abtaknews.com)26अगस्त। स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय में सविधि उपाक्रम का आयोजन हुआ जिसमें बटुकों (संस्कृत विद्यार्थियों) का गुरुकुल पद्धति में केश लोचन व अन्य विधियां कराइ गयी। इस उत्सव का अर्थ विश्व को दिशा देने के लिए संकल्प लेना होता है।महाविद्यालय के चेयरमैन श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने सभी बटुकों को आशीर्वाद एवं उपहार प्रदान किए। स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज के निर्देशन में स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय का संचालन जनहित सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है जहां सभी विद्यार्थियों के पढऩे-लिखनेसंगीतसांस्कृतिक कार्यक्रमखेल-कूदखानपान व रहने की निशुल्क व्यवस्था है।
In the Sanskrit College, a rich program was concluded, the blessings of Charya received during the award
यह महाविद्यालय सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालयवाराणसी से प्रथमा से शास्त्री तक एवं महाऋषि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठानउज्जैन से सात वर्ष के वेद अध्ययन के लिए मान्यता प्राप्त है। जहां अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए बड़ी संख्या में परिजनों में इच्छा देखी जाती है। यहां उपाक्रम का आयोजन कर बच्चों को नए जीवन की शुरुआत करवाई गई। उपाक्रम में बच्चों को केश लोचन कर अंगवस्त्र एवं दांडी धारण करवाई जाती है। उन्हें समाज के सेवार्थ शिक्षा लेने का व्रत दिलवाया जाता है। तभी संस्कृत और वेद का शिक्षण प्रारंभ होता है। उपाक्रम विधि के अंतर्गत ही यज्ञ के उपरांत सभी छात्रों ने स्वामीजी से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
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हजारों भक्तों ने गुरुजी को बांधा रक्षा सूत्र
फरीदाबाद।रक्षा बंधन के दिन आज श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में पहुंचे हजारों लोगों ने गुरुवर अधिपति श्रीमद जगदगुरु स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज को रक्षासूत्र बांधकर अपनी रक्षा की प्रार्थना की। स्वामीजी ने सभी को आशीर्वाद एवं प्रसाद प्रदान किया।
रविवार के दिन रक्षा बंधन होने से इस बार श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में गत वर्षों के मुकाबले अधिक भक्त पहुंचे और उन्होंने अपने गुरु श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज की कलाई पर रक्षासूत्र बांधे। भक्तों ने गुरुवर से कहा कि वह सदा उनपर अपनी कृपा रखें जिससे वह इस लोक में रहते हुए भी बुराईयों से बचे रहें और अंत समय उन्हें मुक्ति प्राप्त हो।
इस अवसर पर श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने बताया कि रक्षा का सूत्र पुरातन काल से बांधा जाता रहा है। इस रक्षा सूत्र के माध्यम से हम अपने बड़ों से आशीर्वाद एवं वचन लेते हैं कि वह हमारी सभी प्रकार से रक्षा करेंगे। एक बार तो भगवान श्रीमन नारायण ने वामन अवतार में लोककल्याण के लिए दैत्यों के राजा बलि को रक्षा का सूत्र बांधकर वचन लिया था और उसे पाताल लोक भेजकर सभी की रक्षा की थी। स्वामजी ने सभी को सुख एवं शांति का आशीर्वाद और प्रसाद प्रदान किया।

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