Tuesday, August 21, 2018

हरियाणा अभिभावक एकता मिला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बोले म्हारे हरियाणा सुधारो


फरीदाबाद-21 अगस्त(abtaknews.com ) हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक सुधारों के लिए दिल्ली जाकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया का आभार प्रकट किया और मंच द्वारा हरियाणा में उनका अभिनंदन करने का निमंत्रण दिया| जिसे केजरीवाल ने स्वीकार करते हुए कहा कि वे हरियाणा की जनता को बताएंगे कि सरकार की नीति और नीयत सही होने पर ही दिल्ली में शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में जनहित में अनेकों सुधार कार्य किए गए हैं हरियाणा सरकार भी चाहे तो यह प्रयास हरियाणा में भी कर सकती है, लेकिन उसकी नीति और नीयत दोनों ही सही नहीं है और हरियाणा सरकार पूरी तरह से निजी स्कूल प्रबंधकों को फायदा पहुंचाने की नीयत से ही सरकारी स्कूलों की दशा में कोई सुधार नहीं कर रही है| जिस प्रदेश का मुख़्यमंत्री अभिभावकों से यह कहे की बच्चों के भविष्य की खातिर स्कूल प्रबंधको से समझौता कर लें तब ऐसे मुख़्यमंत्री से क्या आशा की जा सकती है की वह अभिभावकों के हित में कार्य करे| केजरीवाल ने मंच के प्रतिनिधि मंडल को यह जानकारी दी कि उन्होंने हरियाणा के आम आदमी पार्टी के सभी पधादिकारियो  को यह निर्देश दिए है कि वे हरियाणा सरकार कि शिक्षा व स्वास्थय के मुद्दे पर किये जा रहे जनविरोधी कार्यो के बारे में आम जनता को जानकारी दे|
Haryana guardian unity got Chief Minister Arvind Kejriwal also said that Haryana also improved
उन्होंने मंच को भी सलाह दी कि वह इन दोनों महत्तपूर्ण विषयों पर आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर एक जन आंदोलन चलाये| मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने बताया कि मंच के जिला सचिव डॉ0 मनोज शर्मा के नेतृत्व में करनाल, पानीपत, फरीदाबाद, गुरुगांव, अंबाला व रोहतक जिले के अभिभावक संगठनों के पदाधिकारी असीम शर्मा, नवीन अग्रवाल, पंकज भाटिया, विनोद गर्ग, मोनिका चौधरी, आलोक बेदी, कुनाल मालिक, मेधा, ललित शर्मा, सरोज देवी आदि ने दिल्ली जाकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और उनसे यह जानकारी प्राप्त की कि किस प्रकार उन्होंने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गुणात्मक सुधार करके उन्हें हाईटेक बनाया है और किस प्रकार निजी स्कूलों की लूटखसोट व मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगाई है| केजरीवाल व मनीष सिसोदिया ने मंच के प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी कि दिल्ली के बजट में शिक्षा के लिए सबसे ज्यादा बजट निर्धारित किया जाता है, उन्होंने सरकारी स्कूलों में जाकर पता लगाया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर कैसे सुधारा जा सकता है यह पता लगने पर सभी स्कूलों में जरूरी संसाधन मुहैया कराए गए, स्कूलों में अध्यापकों की कमी दूर की गई छात्र व अभिभावकों में आपसी सद्भाव कायम कायम किया गया स्कूलों में पेरेंट्स मीटिंग रखी गई, अंग्रेजी माध्यम को बढ़ावा दिया गया, इसी का परिणाम है कि आज दिल्ली के अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला करा कर पढ़ाने में गर्व महसूस करते हैं| सरकारी स्कूलों का परिणाम CBSE के प्राइवेट स्कूलों से अच्छा रहता है, इसके अलावा दिल्ली के निजी स्कूलों द्वारा हर साल की जाने फीस वृद्धि को जानने के लिए और उनकी लूट-खसोट व मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सभी स्कूलों का पिछले 5 साल के आय-व्यय का ऑडिट कराया गया और यह पता लगाया गया कि स्कूल किस तरह हर साल फीस बढ़ा देते हैं जांच में पता चला कि स्कूल प्रबंधको ने अपने आय-व्यय काफी हेरा फेरी कर रखी थी, जिससे वे अपने खर्चों में अनाप-शनाप फालतू खर्चे डालकर लाभ को कम दिखाते हैं, उन खर्चों को हटाने के बाद स्कूल लाभ में दिखाई दिए व उनके पास काफी सर प्लस फंड मिला जिसके चलते उनकी मनमानी पर रोक लगायी गयी और अभिभावकों से लूटा गया पैसा उन्हें वापस कराया गया| स्कूल प्रबंधक जब दिल्ली सरकार के प्रयासों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में गए तो वहां पर भी दिल्ली सरकार ने सरकारी स्तर पर अच्छे वकील खड़े करके जोरदार पैरवी की जिससे स्कूल प्रबंधकों को न्यायपालिका में हार का सामना करना पड़ा| आज दिल्ली में स्कूल प्रबंधक फीस बढ़ाने से पहले कई बार सोचते हैं| स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों में लूट-खसोट पर पूरी तरह से रोक है|  मंच ने फैसला लिया है की वह शीघ्र राज्य कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करके राजनीतिक प्रस्ताव पारित करेगी और मुख़्यमंत्री केजीवाल के अभीनंदन की तारीख तय करेगी| 

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