Saturday, August 4, 2018

अभिनेत्री अमृता रॉव ने फरीदाबाद के डॉ0.विनोद कौशिक को दिया लीडिंग फिजियोथरैपिस्ट अवार्ड

Actress Amrita Rao gave Leading Physiotherapist Award to Dr. Vinod Kaushik, Faridabad

फरीदाबाद-04 अगस्त(abtaknews.com) इंडिया प्राईड हेल्थ केयर अवार्ड समारोह का आयोजन गुरूग्राम के हयात होटल में हुआ जिसमें फरीदाबाद के सीनियर फिजियोथरैपिस्ट डॉ0.विनोद कौशिक ने लीडिंग फिजियोथरैपिस्टं एनसीआर एवं दिल्ली का अवार्ड जीता। यह अवार्ड बॉलीवुड अभिनेत्री अमृता रॉव द्वारा डॉ0.विनोद कौशिक को उनके फिजियोथरैपी के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यो के लिए दिया गया। अवार्ड देने के दौरान अमृता रॉव ने कहा कि डॉ0.विनोद कौशिक ने जिस तरह बच्चों को मोबाईल और लैपटॉप से दूर कर शारीरिक खेलकूद तथा व्यायाम की और आकर्षित किया है वो वाकई में काबिले तारीफ है। उन्होनें कहा कि विकलांग बच्चों का मुफ्त इलाज करने के मामले में डॉ0. कौशिक हमेशा सबसे आगे रहें है और वो वाकई में एक नेक और पुण्य का कार्य कर रहे है और दूसरों को भी प्रेरणा दे रहे है। अमृता रॉव ने कहा कि डॉ0.कौशिक का रक्षा फिजियो योगा एडं मार्शल आर्टस एकेडमी ट्रस्ट भी एक मिसाल कायम कर रहा है जिसमें लोगों की फिजियों और योगा के लाभों से अवगत करा स्वास्थय के प्रति उनका नजरिया बदलने को मजबूर कर रहा है। इस अवसर पर जब डॉ.कौशिक ने कहा कि अवार्ड पाकर वो अपने आप को गोरवान्वित महसूस कर रहे है और इसके लिए वो अपनी पूरी टीम को बधाई देते है। जब डॉ0. कौशिक से पूछा गया कि अपने प्रोफेशन के साथ साथ वो समाजसेवा जैसे कार्यो को करने के लिए समय को कैसे निर्धारित करते है तो उन्होनें कहा कि वे जीवन के एक सिद्वांत पर चलते है कि कार्य जिन्दगी नहीं है,यह जीवन का सिर्फ एक अंग है और जब आपका दिमाग शांत व खुश होगा तब जो भी कार्य करोगे सफलता जरूर मिलेगी। जीवन में अपने लिए सभी कमाई तथा मेहनत करते है लेकिन जब आप किसी के लिए कुछ करने लग जाओगे जो तुमसे बन पाए वो करिए तो आपके जीवन का ध्येय लक्ष्य अपने आप बन जाता है। उनका कहना है कि अगर आप स्ंवय में बदलाव नहीं ला सकते तो दूसरों को राय देने के हक भी नहीं है। आंध्र प्रदेश की स्वतंत्र फिजियोथरैपी की काऊंसिल बनने पर उन्होनें सभी फिजियोथरैपिस्ट को बधाई देते हुए कहा कि अब इंडियन फिजियोथरैपिस्ट एसोसिएशन भी सरकार से आग्रह करेगी कि जितना शीघ्र हो सके फिजियोथरैपिस्ट के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए स्वतंत्र फिजियोथरैपी काऊंसिल बना दें। काऊंसिल बनते ही फिजियोथरैपी में चलता फर्जीवाड़ा,फर्जी कालेज तथा बिना डिग्री के कार्य करने वालों पर लगाम लग सकेगी। जिससे की हमारे प्रोफेशन की गुणवत्ता और बढ़ जाएगी। डॉ0.विनोद कौशिक के अनुसार जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है,जरूरत है तो सिर्फ मेहनत करने की,कर्मियों को दूर कर आगे बढ़ते रहने की। जीवन का सिर्फ एक ही ध्येय है कि फिजियोथरैपी प्रोफेशन एक ऐसा मुकाम पाए अधिक से अधिक बच्चे फिजियोथरैपिस्ट बनकर लोगों की सेवा करें।

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