Tuesday, July 24, 2018

बिना मान्यता के चलने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग का शिकंजा, नोटिस जारी


फरीदाबाद(abtaknews.com) 24 जुलाई,2018; जिले में निजी स्कूल सरेआम धड़ल्ले से शिक्षा विभाग के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और बिना मान्यता के ही शहर के अलग-अलग इलाकों में निजी स्कूलों को चलाया जा रहा है अब शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 निजी स्कूलों पर शिकंजा कसा है, एक आरटीआई का जवाब देते हुए शिक्षा विभाग ने 8 निजी स्कूलों को बगैर मान्यता के स्कूल चलाने का दोषी पाया है और अब इनके ऊपर विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इन 8 निजी स्कूलों में हजारों बच्चे पढ़ाई करते हैं लेकिन देखने वाली बात होगी कि अब इनकी पढ़ाई का क्या होगा और सबसे बड़ी बात है कि क्या शिक्षा विभाग इतने दिनों तक चैन की नींद सो रहा था जो एक आरटीआई लगाने के बाद इस गोरखधंधे का पता चला ना जाने अब तक ये फर्जी स्कूल कितने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर चुके हैं और ना जाने कितने बच्चों के साथ धोखाधड़ी करते ?

वही फर्जी स्कूल हैं जिनको शिक्षा विभाग ने हाल ही में बिना मान्यता के स्कूल चलाने का दोषी पाया है, अब इस गोरखधंधे के उजागर होने के बाद इन गैर मान्यता प्राप्त चलाने वाले स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के भविष्य पर तलवार लटक गई है क्योंकि स्कूलों पर कार्रवाई के आदेश जारी किए जा चुके हैं। दरअसल राज कपूर नाम के एक शख्स ने शिक्षा विभाग में 10 स्कूलों के खिलाफ आरटीआई दायर की थी जिसके जवाब में शिक्षा विभाग ने बताया कि इनमें से 2 स्कूलों को तो मान्यता दी हुई है लेकिन 8 स्कूल बगैर मान्यता के ही चल रहे हैं।

राज कपूर आरटीआई लगाने के बाद उजागर हुई इन फर्जी स्कूलों की लिस्ट के बाद शिक्षा विभाग में हडकंप मच गया कि कैसे अब तक ये स्कूल बिना मान्यता के ही हजारों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। इस मामले में जब जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी विभागीय जांच की गई है जिसमें 8 स्कूलों को गैर मान्यता के चलाए जाने की बात सामने आई है अब इनके ऊपर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं साथ ही इनमें पढ़ने वाले हजारों बच्चों के भविष्य पर तलवार ना लटके इसके लिए संबंधित अभिभावकों और बच्चों को नजदीक के मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला कराने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा जो भी निजी स्कूल गैर मान्यता के चलाए जाने का दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन फर्जी स्कूलों की उस हकीकत से रूबरू कराते हैं जिससे साफ तौर पर पता चलता है कि कैसे और किस तरह से ये स्कूल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं आइए सबसे पहले चलते हैं फरीदाबाद के सरूरपुर के के.पी. कॉन्वेंट स्कूल या यूं कहें कि के.पी. पब्लिक स्कूल दोनों बातें एक ही हैं और दोनों में से किसी को कोई मान्यता शिक्षा विभाग की ओर से मिली ही नहीं है। यहां की वाइस प्रिंसिपल गीतांजली से मिलकर एहसास हो गया कि इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य कितने अच्छे हाथों में शिक्षा का अध्ययन कर रहा है जिस फर्जी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल को डेजिस्गनेशन का मतलब नहीं पता तो आप समझ सकते हैं कि कैसे बगैर मान्यता के चल रहे इस फर्जी स्कूल में बच्चों को किस गुणवत्ता की शिक्षा दी जा रही होगी।

गीतांजली वाइस प्रिंसिपल के.पी.कॉन्वेंट स्कूल फरीदाबाद जिसमें डेजिग्नेशन के कई बार पूछा गया लेकिन मतलब नहीं पता।जब लिस्ट में दिखाए गए बालाजी स्कूल को ढूंढने के लिए मीडिया टीम निकली तो धरातल पर मौजूद उस जगह को देखकर हमारी आँखें खुली रह गई जिसमें बालाजी स्कूल को दिखाया और चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग से आँख मिचौली करता बालाजी स्कूल का ना तो किसी भी तरह का कोई बोर्ड और ना ही किसी भी तरह से ये स्कूल दिखाई दे रहा था। एक खिड़की से झांककर देखा तो बालाजी स्कूल की कुछ बेल्ट टेबल पर रखी थी और कार्यालय का ताला जड़ा हुआ था। इस बालाजी स्कूल की शाखाएं दो जगह चल रही थी दूसरे स्कूल का मुआयना किया तो पता चला कि यहां भी खिड़की के अंदर से ही एक छोटा सा बोर्ड था और स्टाफ यहां से भी नदारद।

बालाजी स्कूल के जिसमें बिल्डिंग दिखाई गई है 1-2 छोटे बच्चे दिखाई दे रहे हैं लेकिन कोई बोर्ड नहीं है और खिड़की के अंदर बैल्ट के शॉटस और दूसरे बालाजी स्कूल जिसमें खिड़की के अंदर बोर्ड रखा दिखाई दे रहा है।

कितने बड़े पैमाने पर स्कूल के नाम पर फर्जीवाड़ा हो रहा है और इसकी पड़ताल के लिए हमने शिवम मॉर्डन पब्लिक स्कूल की तरफ रूख किया जिसका लिस्ट में नाम था और ये फरीदाबाद के अगवानपुर इलाके में खुलेआम धड़ल्ले से चल रहा है। जब यहां पहुंचे तो कुछ बच्चे इस स्कूल की बेसमेंट में पढ़ाई कर रहे थे जब मौके पर मौजूद महिला टीचर से गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चलाने के बारे में पूछा गया तो टीचर ने कोई जवाब दिए बगैर स्कूल के चेयरमैन से बात करने के लिए कहा जब चेयरमैन से बात की गई तो उन्होंने साफ तौर पर फोन पर माना कि उनकी मान्यता से संबंधित काम का प्रोसेस चल रहा है और वो इसके बारे में जिला शिक्षा अधिकारी से बात कर लेंगे। यानि कि बगैर मान्यता के ही वो बेधड़क स्कूल को दौड़ा रहे हैं।सुनिए क्या कहते हैं चेयरमैन साहब 

इसके बाद हमने लिस्ट के मुताबिक दिखाए गए एक और स्कूल का दौरा किया जिसका नाम कुश पब्लिक स्कूल था जो कि फरीदाबाद के पल्ला इलाके में चल रहा है बिल्डिंग देखकर कोई भी अंदाजा नहीं लगा सकता कि इतना बड़ा स्कूल गैर मान्यता के कैसे चल रहा है और सबसे हैरत की बात ये थी कि स्कूल के गेट पर एक बड़ा सा उद्घाटन बोर्ड भी लगा था जिसपर नजर डालते ही हमारे होश उड़ गए, बोर्ड को देखा तो पता चला कि इस स्कूल का उदघाटन माननीय केंद्रिय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, उनके पुत्र सीनियर डिप्टी मेयर देविंदर चौधरी और पार्षद सोमलता भड़ाना के कर कमलों के द्वारा किया गया ऐसा उस पत्थर पर लिखा दिखाई दे रहा था। अगर ये सही है तो क्या केंद्रीय मंत्री, सीनियर डिप्टी मेयर और पार्षद किसी को भी इस बात की भनक नहीं थी या जानबूझकर इस गैर मान्यता प्राप्त स्कूल का उद्घाटन किया ये सबसे बड़ा सवाल है? 

ये सिर्फ 10 स्कूलों के लिए लगाई गई उस आरटीआई के ऊपर बनाई गई रिपोर्ट है जिसमें 8 स्कूलों को शिक्षा विभाग ने फर्जी करार दिया है सोचने वाली बात होगी अगर जिले भर में चल रहे सभी स्कूलों का ब्यौरा मांगा जाए तो शायद कुछ ही स्कूल होंगे जो शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त तरीके से चल रहे होंगे।कितना बड़ा फरेब और कितना बड़ा धोखा उन बच्चों, उन अभिभावकों और उस समाज के साथ हो रहा है जिस में हम अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य को चकनाचूर होते अपनी आंखों से देख रहे हैं

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