Monday, July 23, 2018

पलवल में मजदूर जागरूकता एवं सम्मान समारोह में श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सैनी


Labor and Employment Minister, Naib Saini, who arrived at Palaval's workers' awareness and honors ceremony

पलवल, 23 जुलाई,2018(abtaknews.com)हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिहं सैनी ने पलवल अनाज मंड़ी में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंर्तगत अंत्योदय मेले (मजदूर जागरूकता एवं सम्मान समारोह) का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला, श्रम बोर्ड के चेयरमैन रमेश बल्हारा, वाईस चेयरमैन हरि प्रकाश गौतम, पूर्व मंत्री हरियाणा सुभाष कत्याल व पूर्व विधायक रामरतन तथा उपायुक्त मनीराम शर्मा भी मौजूद थे।
इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिहं सैनी ने श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित 24 योजनाएं के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता राशी के अंर्तगत करीब 16 लाख 8 हजार 360 रूपए के चैक वितरित किए और लगभग 800 श्रमिक महिलाओं को सिलाई मशीन वितरित की गई। इस मौके पर मंत्री नायब सिहं सैनी ने 35 हजार श्रमिकों के बच्चों को प्रदान की जाने वाली स्कॉलरशिप की राशी लगभग 25 करोड़ रूपए सीधे बैंक खातों में जमा करने की घोषणा की।

नायब सिहं सैनी ने कहा कि पूर्व सरकार के समय दस वर्षो में श्रमिकों के कल्याण के लिए मात्र 28 करोड़ रूपए खर्च किए गए जबकि वर्तमान सरकार ने अपने साढे तीन साल में 400 करोड़ रूपए खर्च किए है।
हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिहं सैनी ने चंद्रशेखर आजाद,बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि देश को आजाद कराने में देशभक्तों की महान भूमिका रही है। देश की आजादी के लिए अनेक महान सपुतों ने अपना जीवन कुर्बान कर दिया। उन्हीं की बदौलत आज हम खुली हवा में सांस ले रहे है। 

हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए दी जा रही सहायता राशि के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों की सहायता राशि को 3 हजार से बढ़ाकर 8 हजार, कक्षा नौवीं से 12वीं तथा आईटीआई के छात्रों की सहायता राशि 6 हजार से बढ़ाकर 10 हजार, स्नातक के लिए 8 हजार से बढ़ाकर 15 हजार तथा स्नातकोतर विद्यार्थियों की सहायता राशि 12 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये वार्षिक की गई है। इसके अलावा, श्रमिकों के बच्चों द्वारा निजी संस्थानों में इंजीनियरिंग, चिकित्सा शिक्षा, तकनिकी शिक्षा, प्रबन्धन तथा अन्य व्यवसायिक कोर्सों की पढ़ाई का खर्च भी बोर्ड द्वारा वहन किया जाएगा, इससे पहले केवल यह सुविधा सरकारी संस्थानों में ही दी जाती थी। श्रम मंत्री ने कहा कि 10 वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्टï प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों के बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत 90 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 51 हजार रुपये, 80 प्रतिशत या अधिक अंक पर 41 हजार रुपये, 70 प्रतिशत या अधिक अंक आने पर 31 हजार तथा 60 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये की एक मुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 

श्रमिक के बच्चे भी शिक्षित हो और समाज की मुख्य धारा में शामिल हो। इसके लिए बोर्ड द्वारा शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसके तहत 8 हजार से लेकर 51 हजार रूपए शैक्षणिक उत्कृष्टता में प्रतिशत के आधार पर दिए जाते है। श्री सैनी ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कन्यादान के तौर पर 51 हजार रुपये की राशि दी जाती है, इसके अलावा भविष्य में लडक़ी की शादी में अतिरिक्त सहायता के तौर पर 50 हजार रुपये और दिये जाएंगे। श्रम मंत्री ने कहा कि पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर अब उसके आश्रितों को भी परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य, अपंगता पैंशन तथा अन्य सहायता दी जाएगी। श्रमिकों द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए क्लेम प्रस्तुत करने की निर्धारित समय सीमा 6 माह से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी है। इसके साथ ही अपंजीकृत श्रमिकों की भी कार्यस्थल पर दुर्घटनावश अपंगता होने पर पहली बार 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।
श्री सैनी ने बताया कि दूसरे चरण में अंतोदय आहार योजना के अन्तर्गत श्रमिकों के लिए 6 अन्य जिलों में सरकारी भोजनालय खोले जाएंगे। इसमें भिवानी, अंबाला, फतेहाबाद, करनाल, पंचकूला सेक्टर-16 तथा पानीपत शामिल है। इससे पहले हिसार, फरीदाबाद, गुरुग्राम, यमुनानगर तथा सोनीपत सहित पांच जिलों में ऐसे भोजनालय चलाये जा रहे हैं। इनमें प्रतिदिन 250 से 300 लोग खाना खाते हैं, जिन्हें मात्र 10 रुपये में भरपेट आरोग्यकर खाना उपलब्ध करवाया जाता है। श्रमिक सरलीकरण केन्द्रों की स्थापना, भोजनालयों के लिए आधार समर्थ उपस्थिति तथा श्रमिकों का पूरा डाटा का डिजीटलीकरण किया जाएगा। इसके लिए सक्षम युवाओं को लगाया जाएगा।

नायब सिहं सैनी ने कहा कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंर्तगत श्रमिकों के कल्याण के लिए 24 योजनाऐं संचालित की जा रही है। जिनमें श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए कन्यादान योजना जिसके अंर्तगत 51 हजार रूपए की साहयता प्रदान की जाती है। यह साहयता राशी श्रमिक की बेटी की शादी से तीन दिन पहले सीधे उसके बैंक खाते में डाल दी जाती है। शादी समारोह की व्यवस्था करने के लिए भी सरकार द्वारा 1 लाख 1 हजार रूपए की राशी प्रदान की जाती है। इसके अलावा मातृत्व लाभ के लिए 36 हजार व पित्तृव लाभ के लिए 21 हजार रूपए प्रदान किए जाते है।
श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिहं सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि श्रमिकों को उनका हक मिलना चाहिए। भाजपा सरकार की प्रत्येक योजना गरीब लोगों के हित के लिए बनाई गई है। जबकि पूर्व की सरकारों ने गरीब के हितों को ध्यान में नहीं रखा। श्रमिको के लिए कोई भी जनकल्याणकारी योजना नहीं बनाई। जो भी योजनाऐं बनाई गई उनमें भ्रष्टाचार व्याप्त था। प्रत्येक विभाग में दलाल मौजूद थे। दलालों के नाम लूट की जाती थी। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 
श्रमिकों महिलाओं को सिलाई मशीन वितरित की जा रही है। बोर्ड द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है ताकि श्रमिकों को बोर्ड द्वारा संचालित योजनााओं का लाभ मिल सके। प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में अंत्योदय भवन बनाए जा रहे है। केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना शुरू की जा रही है जिसके तहत लोगों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएगें। स्वास्थ्य कार्ड के जरिये पांच लाख रूपए की राशी तक अस्पतालों में इलाज निशुल्क किया जाएगा।

इस अवसर पर सदस्य श्रम कल्याण बोर्ड मेहरचंद गहलौत, सलाहकार हनुमान गोदारा, हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सदस्य रोहताश जांगडा, सुरेंद्र ठाकुर, पवन अग्रवाल, गौसेवा सदस्य रामजीलाल, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य श्रम विभाग के उपनिदेशक डी.के. सैनी, सहायक निदेशक सुमित श्योरान, सहायक श्रमायुक्त भगत प्रताप सिंह के अतिरिक्त अन्य लोग मौजूद थे।

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