Wednesday, July 18, 2018

फरीदाबाद के आंदोलनकारी गेस्ट टीचरों ने विधायक सीमा त्रिखा को दिया ज्ञापन


फरीदाबाद(abtaknews.com) : हरियाणा सरकार ने अतिथि अध्यापकों से नियमित करने का वादा किया, लेकिन सरकार को लगभग चार वर्ष होने को हैं अभी तक नियमित नहीं किया। यदि सरकारों का यह हाल रहेगा तो एक आम आदमी अपने हक के लिए कहां जाएगा। प्रदेश की भाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व अपनी पार्टी के लैटर हैड पर लिखकर दिया कि भाजपा की सरकार बनी तो सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाएगा। जब चुनावी घोषणा-पत्र जारी करने का समय आया तो अपने घोषणा-पत्र में भी नियमित करने का निर्णय लिया। परन्तु नियमित करना तो दूर सरकार ने अपने अभी तक के समय में अतिथि अध्यापकों को चार बार विभाग से बाहर कर दर-दर की ठोकर खाने के लिए अतिथि अध्यापकों को रोड पर छोड दिया। यह इस सरकार की उपलब्धि रही है। अब 17 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री ने समान काम-समान वेतन देने का निर्णय लिया तो उस निर्णय से भी सरकार वापिस हो गई। अब सरकार ने अतिथि अध्यापकों की 20 से 25 प्रतिशत की बढोतरी कर अतिथि अध्यापकों के साथ धोखा किया। अब सरकार ने जे.बी.टी., मास्टर और प्रवक्ता के वेतन में 26000, 30000 और 36000 वेतन निर्धारित किया है। जबकि समान काम-समान वेतन के अनुसार 35400, 44900 और 47500 के साथ डी.ए. होना चाहिए। यह अतिथि अध्यापकों से किए वादे के साथ धोखा है।

सरकार के इस निर्णय से अतिथि अध्यापक आहत है और इसके खिलाफ सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपा जा रहा है। आज बडखल से विधायिका श्रीमति सीमा त्रिखा को ज्ञापन सौंपा गया तथा सरकार के द्वारा किए वादे को लागू करने को कहा गया।इसके बाद पृथला से बसपा के एकमात्र विधायक टेकचन्द शर्मा को ज्ञापन सौंप विधान सभा में अतिथि अध्यापकों की समान काम-समान वेतन की जायज मांग को उठाने के लिए कहा गया।जिला अध्यक्ष रघुनाथ शास्त्री ने बताया, "सरकार जब तक अपना वादा पूरा नहीं करती है। अतिथि अध्यापकों का यह आन्दोलन लगातार जारी रहेगा और सरकार को अपना वादा पूरा करना होगा।"इस अवसर पर वीरेन्द्र कुमार, सुन्दर भडाना, दुष्यन्त त्यागी, सिंह राज, धरम देशवाल, जोगीन्दर हुड्डा, राजीव जैन, धर्मबीर, सैलेन्दर, सविता, मिनाक्षी, किरण, ऊषा, चन्दर कला,       विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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