Sunday, July 1, 2018

बीके अस्पताल में सीएमओ के नाम से की जा रही जबरदस्त उगाही, नहीं देने पर होती है पिटाई


BK Hospital beats the tremendous amount of money being taken in the name of CMO, not beating

फरीदाबाद(abtaknews.com) 01 जुलाई,2018; बीके अस्पताल में इन दिनों सीएमओ के नाम से जबरदस्त उगाही की जा रहा है और पैसे नहीं देेने वालों की बुरी तरह पिटाई की जा रही है। यह आरोप लगाया है बीके अस्पताल के इाईवर और ईएमटी(एमेरजेंसी मेडिकल टेक्रनीशयन) ने एम्बूलैंस सेवा 108 के फलीट मैनेजर हरकेश डागर पर।  पुलिस में उपेन्द्र सिंह पुत्र महेश सिंह निवासी पर्वतीय कालोनी व राहुल गौतम पुत्र सुरेश गौतम निवासी भोपानी और गुडु सिहं पुत्र सुखबीर सिंह निवासी एसी नगर ने अलग अलग शिकायत दी है जिसमें उपेन्द्र सिंह ने बताया कि बीके अस्पताल की एम्बूलैंस सेवा 108 का फलीट मैनेजर हरकेश डागर उनसे सीएमओ के नाम पर प्रतिमाह 2000 रूपये जबरदस्ती मांग रहा है। उसनें बताया कि जब उसने पैसे देने से मना किया तो हरकेश डागर उसे ऑन डयूटी अपने एक अन्य साथी के साथ तीन नंबर स्थित अपने निजी अस्पताल ले गया जहां पर पहले से ही 6-7 लोग बैठे हुए थे जिन्हें में नहीं जानता। उसने बताया कि हरकेश डागर ने उसे पुलिस वाले पटट्े से बुरी तरह पीटा और मुर्गा बनाकर मेरी वीडियों बनाई और कहा कि तू 10वां है इससे पहले भी 9 लोगों को पीटने के बाद उनकी इसी तरह वीडियों बनाई थी और यह कहकर पिछले पिटने वालों की वीडियों दिखाकर डराने लगा और कहा इस बारे में किसी को मत बताना यदि किसी को बताया तो पूरे परिवार को जान से मरवा दूगां और तेरे को भी झूठे केसो में फंसाकर अंदर करवाद दूगां। उपेन्द्र सिंह ने बताया कि वह डरा सहमा घर आया जहां पिताजी ने मेरे से चोटो का कारण पूछा तो मैने बताया की मोटरसाईकिल से गिर गया था। लेकिन पिताजी नहीं माने आखिरकार मैने सारी सच्चाई उन्हें बताई। अगले दिन पिताजी इस मामले को सीएमओ साहब के संज्ञान में लाए,हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और मांग की कि हमे न्याय दिलाया जाए साथ ही साथ पूरे पविार को सुरक्षा दी जाए । इसी तरह राहुल गौतम ने अपनी शिकायत मे बताया के उन्होनें तो 2000 रूपये दे भी दिए थे लेकिन मैने और लोगों को उपेन्द्र का साथ देने के लिए कहा था इसी बात से तेश में आकर डागर ने उसे भी उपेन्द्र जैसा हर्ष भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा। इसी तरह गुडडु सिंह ने बताया कि पैसे नहीं देने पर डागर ने उसे झूठे केस में फंसाकर नौकरी से निकालने की धमकी दी वह कहता है कि मुझे किसी का डर नहीं है प्रशासन से लेकर पुलिस व नीमका जेल तक उसकी पहुंच है। उसने बताया कि डागर एम्बूलैस डाइवरों को बीके के मरीज उसके निजी अस्पताल में ले जाने के लिए भी दबाव बनाता है। उसने बताया कि डागर के पास लगभग 75 लोग काम करने है 2000 रूपये महीने के हिसाब से कुल 1.5 लाख रूपये बनते है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फलीट मैनेजर कितनी जबरदस्त उगाही कर रहा है। रही है।


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