Saturday, June 23, 2018

पूर्व सांसद स्वर्गीय रामचंद्र बेंदा को श्रंद्धाजली अर्पित करने पहुंचे वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु

Finance Minister Capt Abhimanyu, who came to pay obeisance to former late MP Ramchandra Benda

फरीदाबाद(abtaknews.com)हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र के तीन बार सांसद रहे स्वर्गीय रामचंद्र बेंदा के पैतृक निवास फरीदाबाद सेक्टर 14 पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय रामचंद्र बेंदा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके दुख में शामिल हुए। इस दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी ने एक स्तंभ खो दिया है और उन्होंने अपना सरंक्षक खो दिया है जिनके मार्गदर्शन से वो आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। 
विगत 14 जून के दिन फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र के तीन बार सांसद रहे स्वर्गीय रामचंद्र बेंदा ने अंतिम सांस ली और फिर दुनिया को अलविदा कह दिया। जिनके व्यक्तत्व को याद करने और उन्हें श्रंद्धाजली देने के लिये प्रदेश के नेताओं की भीड लगी हुई हैं, इस कडी में आज हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु स्वर्गीय रामचंद्र बेंदा के पैतृक निवास फरीदाबाद सेक्टर 14 पहुंचे, जहां उन्हें स्वर्गीय बेंदा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये और नम आंखों से उन्हें नमन किया। शोक में डूबे बेंदा के परिवार से मुलाकात करते हुए मंत्री उनके दुख में शामिल हुए और उनके साथ बिताये हुए पलों को सांझा किया। 

इस दौरान वित्तमंत्री के साथ फरीदाबाद बीजेपी जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी सहित दर्जनों भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।इस अवसर पर वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि स्वर्गीय रामचंद्र बेंदा एक नेक, बेबाक और सामाजिक इंसान थे जिन्होंने किसान और मजदूरों की समस्याओं को जनदीकी से देखा था जिन्हें दूर करने का प्रयास किया। इसलिये आज बीजेपी ने हरियाणा में एक स्तंभ खोया है। क्योंकि वह पार्टी के समर्पित और निष्ठावान नेता थे इसलिये पार्टी को बहुत बडी क्षति हुई है। इतना ही नहीं वित्तमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बेंदा जी उनके सरंक्षक थे जिन्होंने उनका मार्गदर्शन किया।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पूर्व सांसद बैंदा के निधन पर शोक जताया
फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से तीन बार सांसद रहे मरहूम रामचंद बैंदा के निवास पर शोक जताने पहुंचे। कैप्टन अभिमन्यु ने श्री बैंदा के पुत्र दयानन्द बैंदा, भाई छोटूराम व जयपाल को ढांढस बंधाया। उन्होंने श्री बैंदा के निधन को पार्टी के एक मजबूत पिलर के ढहने व उनके स्वयं के संरक्षक का खोना बताया।श्री बैंदा के साथ राजनैतिक सफर की यादों को ताजा करते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि वर्ष 1996 में वह श्री बैंदा के सम्पर्क में आए थे और पहली मुलाकात के दौरान ही वह श्री बैंदा के व्यक्तित्व के मुरीद हो गए थे। श्री बैंदा एक राजनेता होते हुए भी एक स्पष्ट वक्ता थे जोकि राजनैतिक क्षेत्र से जुड़े किसी व्यक्ति में ऐसा गुण होना स्वभाविक नहीं था। जो बात जुबान पर आती थी  उसको वह अवश्य बयां करते थे चाहे किसी को अच्छा लगे या बुरा। उन्होंने बताया कि श्री बैंदा व्यक्तिगत व राजनैतिक जीवन में काफी प्रक्टिकल नजर आते थे। वह हमेशा अपने स्वयं की बजाय पार्टी हितों को सर्वोपरि मानते थे और यही कारण है कि  वर्ष 1996 में पहली बार लोकसभा का टिकट मिला और आम कार्यकर्ता के बीच सजह मेल-जोल कर विजय हासिल की। उन्होंने बताया कि वह राजनैतिक जीवन में भी समाज सेवा की भावना को लेकर चलते थे। तीन बार सांसद रहते हुए उन्होंने किसी वर्ग विशेष की हिमायत न कर सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा और उनके बीच सामंजस भी स्थापित करके रखा। इस दौरान उन्होंने बल्लभगढ़ के पूर्व विधायक राजेन्द्र बीसला से यादों को ताजा करते हुए बताया कि आज जो कुछ भी वह व उनका परिवार है वह सभी कुछ आर्य समाज की देन है।  आज से 51 वर्ष पूर्व उनके पिता स्व. चौ. मित्रसेन आर्य ने उड़ीसा के नक्सल प्रभावित काली हांडी जिले में आदिवासी लोगों के बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाकर गुरूकुल की स्थापना की थी और 14 वर्ष पूर्व उक्त गुरूकुल को नक्सलियों ने आग के हवाले भी कर दिया था किन्तु बावजूद इसके उक्त गुरूकुल में अध्ययन कार्य जारी रखा गया और आज खुशी की बात है कि उक्त गुरूकुल से हजारों की तादाद में आदिवासी बच्चे शिक्षा ग्रहण कर देश व समाज की सेवा में है। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी, प्रदेश चेयरमैन सुरेन्द्र तेवतिया, जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल शर्मा, भाजयुमो के पूर्व राष्ट्र कोषाध्यक्ष यशबीर डागर, वजीर सिंह डागर व युवा नेता आशुतोष भी शोक जताने पहुंचे।



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