Sunday, May 6, 2018

युवा ब्राह्मण एकता संघ ने HSSC बोर्ड चेयरमैन के खिलाफ कराई एफआईआर दर्ज



Young Brahmin Ekta Sangha filed FIR against HSSC Board chairman in Old Faridabad police station

फरीदाबाद (abtaknews.com) 06 मई,2018 ; युवा ब्राह्मण एकता संघ के सभी युवा साथियों ने माँ भारती के वीर सपूत अमर शहीद पंडित चंद्रशेखर आज़ाद के भतीजे सुजीत आज़ाद (राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी) के सानिध्य में HSSC बोर्ड के चेयरमैन बी बी भारती के खिलाफ ओल्ड फरीदाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई औऱ हरियाणा सिविल सर्विस कमीशन का पुतला भी दहन किया। एचएसएससी द्वारा जेई पद के लिए 10 अप्रैल 2018 को परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के प्रातःकालीन सत्र में जो प्रशन पत्र उम्मीदवारों को दिया गया था। उसको लेकर युवा ब्राह्मण एकता संघ ने रोष प्रकट किया। क्योंकि उसमें प्रशन पत्र से हटकर कई अटपटे सवाल पूछे गए थे।


क्यों गुस्से में हैं ब्राह्मण समाजहरियाणा सरकार आज फिर चौतरफा घिर रही है। सोशल मीडिया पर खट्टर सरकार की जमकर फजीहत हो रही है। गलती कुछ सरकारी अधिकारियों की है लेकिन सरकार पर जमकर निशाना साधा जा रहा है। प्रदेश के एचएसएससी विभाग के अधिकारियों ने एक और बड़ा विवाद पैदा कर दिया है। अभी तक नौकरियों के नाम पर पैसों की वसूली के आरोप झेल रहे हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) को अपने नये कारनामे के लिए लिखित में माफी मांगनी पड़ी है। आयोग की ओर से जूनियर इंजीनियर (जेई) के पदों के लिए लिखित परीक्षा में ब्राह्मण समाज के प्रति आपत्तिजनक सवाल पूछा गया है। अहम बात यह है कि इस मसले पर प्रदेश में बवाल होने के बाद भी आयोग चेयरमैन भारत भूषण भारती खुद सामने नहीं आए।
अब आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने इस पूरे घटनाक्रम पर खेद जताते हुए माफी मांगी है। सूत्रों का कहना है कि यह लिखित माफीनामा भी सरकार के दबाव के बाद जारी किया गया है। सवाल यह था कि इनमें से हरियाणा में कौन सा अपशगुन नहीं माना जाता।
जवाब में विकल्प के तौर पर पहला: खाली घड़ा, दूसरा : फ्यूल भरा कास्केट, तीसरा: काले ब्राह्मण से मिलना, चौथा : ब्राह्मण कन्या को देखना में से एक को चुनना था। प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज ने जब इस मसले पर विरोध जताया और जगह-जगह सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए तो सरकार की नींद टूटी। वहीं ब्राह्मण समाज के कई संगठन मामले में आयोग के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। प्रदेश में जहाँ अगले विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है और सरकार भी चुनावों की तैयारी में लगी है, सीएम रोड शो कर जनता को अपना बना रहे हैं तो अधिकारी सरकार से जनता को खफा कर रहे हैं। इस विवाद ने हरियाणा सरकार का एक और विकेट गिराया है, जाट समुदाय के लोग पहले से ही सरकार से नाराज हैं, अम्मू के लोग भी सरकार से कुछ खास खुश नहीं हैं और ब्राम्हण भी? सरकार के विकास पर ये सब भारी पड़ रहा है।हरियाणा अब तक अपने आंकड़ों की बात करे तो आज हरियाणा में अगर चुनाव हो जाए तो दहाई का आंकड़ा भाजपा बहुत मुश्किल से पार कर पाएगी। इसके कई बड़े कारण हैं, पिछले साल प्रदेश के सीएम ने मिलने गए अविभावकों को लताड़ लगाई थी कि जाकर प्राइवेट स्कूल वालों से समझौता कर लोग उसके बाद से अब तक खट्टर प्रदेश में हजारों करोड़ का विकास करवा चुके हैं लेकिन उनके हजारों करोड़ के विकास पर वो बयान भारी पड़ रहा है और इस साल में सरकार की कान पर जूं नहीं रेंगी, पिछले साल निराश अविभावक इस बार खट्टर से नहीं मिले लेकिन वोट की चोट की तैयारी में जुटे हुए हैं चुनाव का इन्तजार कर रहे हैं।

loading...
SHARE THIS

0 comments: