Tuesday, May 29, 2018

पीएचडी करते समय बेहतर रिसर्च लिखने के विशेषज्ञों ने बताए गुर


While writing PhD, experts say writing better research

फरीदाबाद(abtaknews.com)फाउंडेशन ऑफ़ मैनेजमेंट एंड ट्रेनिंग की चेयरमैन डॉ ज्योति राणा ने कहा कि पीएचडी करते समय खास बातों को ध्यान रखना चाहिए इसमें सबसे महत्वपूर्ण है। विषय पर अच्छी पकड़ यह एक महत्वपूर्ण स्टेज होता है। इससे ही आगे की सभी कार्य शीघ्रता से संपन्न हो जाते हैं।

सेक्टर 21 की स्थिति एक होटल में रिसर्च कार्यशाला में विभिन्न कॉलेजों से आए प्रतिभागियों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि रिसर्च पेपर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसके लिखने की भी एक कला होती है। इससे बेहतर ढंग से लिखने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। जो पीएचडी के लिए निहायत ही जरूरी होता है। कार्यशाला में रिसर्च पेपर प्रकाशित करने के लिए आवश्यक बिंदुओं से भी अवगत कराया गया। प्रतिभागियों के रूप में रिसर्च एवं प्रध्यापक भाग ले रहे हैं। डॉ राणा के अनुसार इस कार्यशाला का आयोजन रिसर्च में रुचि रखने वाले पीएचडी शुरू करने वाले प्राध्यापक और छात्रों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए किया है। रिसर्च क्षेत्र में शुरुआत में सही परामर्श करने पर रिसर्च प्रक्रिया आसान हो जाती है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित कर सभी को उचित परामर्श एवं दिशा प्रदान करना है। कार्यशाला का नाम रिसर्च के विषय का चयन कैसे किया जाए यह दिया गया है इसमें 5 देशों में बांटा गया है हर सेशन में बेहतर रिसर्च पेपर लिखने सहित अन्य पहलुओं से अवगत कराया गया। रिसर्च कार्यशाला की शुरुआत प्रोफेसर हर्ष वर्मा ने की। प्रोफेसर वर्मा फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज नई दिल्ली के मार्केटिंग विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को रिसर्च के महत्व से अवगत कराया। इसे शुरू करने के तरीकों को समझाया। के जे सोमैया इंस्टिट्यूट की अंजलि चोपड़ा ने हाइपोथिसिस विषय से अवगत कराया । कार्यशाला में डीएवी शताब्दी कॉलेज एमडीयू रोहतक कल मेहता दयानंद कॉलेज गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वुमेन नेहरू कॉलेज अभी से 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया । सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए प्रतिभागियों को पढ़ने के लिए विषय सामग्री का वितरण किया गया । डॉ राणा ने बताया कि भविष्य में इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे। जिससे विभिन्न मुद्दों के समाधान पर चर्चा की जा सके।

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