Friday, May 4, 2018

दो दिवसीय कार्यशाला में सभी विभागाध्यक्षों व संकाय सदस्यों ने लिया हिस्सा

All the Heads and faculty members took part in the two-day workshop

फरीदाबाद, 4 मई(abtaknews.com)वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यायल, फरीदाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए परिणाम आधारित मान्यता’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विश्वभर में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनाये जा रहे श्रेष्ठ अभ्यासों को शामिल करना है।
All the Heads and faculty members took part in the two-day workshop

कार्यशाला को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किये जा रहे है, जिसमें परिणाम आधारित शिक्षा प्रणाली को लागू करना एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन गुणवत्ता में सुधार कार्यक्रमों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इसके लिए उन्होंने मैकेनिकल विभाग को कार्यशाला के सफल आयोजन पर बधाई दी। कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए विश्वविद्यालय को तैयार रहने की आवश्यकता है।

इससे पूर्व, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. तिलक राज ने विश्वविद्यालय में विकास के नये अवसर तथा वातावरण सृजित करने में योगदान के लिए कुलपति का आभार जताया। इस अवसर पर कार्यशाला के संयोजक डीन (इंस्टीट्यूशन्स) डॉ. संदीप ग्रोवर ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। 
इससे पहले कार्यशाला के तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. तिलक राज ने पाठ्यक्रम परिणामों की मैपिंग तथा पाठ्यक्रम परिणामों को प्राप्त के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक आकलन उपकरणों के बारे में बताया। कार्यशाला के संचालन में डॉ. राजीव साहा तथा डॉ. महेश चंद ने योगदान दिया।

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